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गबन के मामले में पूर्व चेयरमैन पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार
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फतेहगंज पूर्वी। नगर पंचायत फतेहगंज पूर्वी की पूर्व चेयरमैन किश्वरी बेगम पर गबन के मामले में गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है। उन पर 53 लाख 45 हजार 211 रुपये के गबन का आरोप है। अधिशासी अधिकारी की तहरीर पर शुक्रवार शाम फतेहगंज पूर्वी थाने में उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। एसएचओ अश्वनी कुमार के मुताबिक देर शाम अधिशासी अधिकारी रतन कुमार पांडे ने पूर्व चेयरमैन के विरुद्घ सरकारी धन का गोलमाल कर उसे हड़पने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई है। उनके खिलाफ धोखाधड़ी कर सरकारी धन का गबन करने का मामला दर्ज है। इसके लिए पुलिस ने उन्हें किसी भी वक्त हिरासत में ले सकती है।
बता दें कि समाजवादी पार्टी के चुनाव चिह्न से निर्वाचित पूर्व चेयरमैन किश्वरी बेगम के कार्यकाल 2012-17 विरुद्घ तत्कालीन बोर्ड के दस में से नौ सदस्यों ने छह साल पहले 2013 में डीएम को पत्र सौंपकर एक करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले का आरोप लगाया था। जिसकी जांच तत्कालीन एसडीएम प्रशांत शर्मा ने की थी। उन पर लगे आरोपों की पुष्टि होने पर 2014 में उन्होंने डीएम को आख्या सौंप दी थी। आख्या से असंतुष्ट किश्वरी बेगम के पत्र पर दोबारा रामपुर के जिलाधिकारी से जांच कराई गई थी, लेकिन उसमें भी वह दोषी पाई गईं। सपा सरकार होने के कारण उन पर कानूनी शिकंजा नहीं कस सका।
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बता दें कि समाजवादी पार्टी के चुनाव चिह्न से निर्वाचित पूर्व चेयरमैन किश्वरी बेगम के कार्यकाल 2012-17 विरुद्घ तत्कालीन बोर्ड के दस में से नौ सदस्यों ने छह साल पहले 2013 में डीएम को पत्र सौंपकर एक करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले का आरोप लगाया था। जिसकी जांच तत्कालीन एसडीएम प्रशांत शर्मा ने की थी। उन पर लगे आरोपों की पुष्टि होने पर 2014 में उन्होंने डीएम को आख्या सौंप दी थी। आख्या से असंतुष्ट किश्वरी बेगम के पत्र पर दोबारा रामपुर के जिलाधिकारी से जांच कराई गई थी, लेकिन उसमें भी वह दोषी पाई गईं। सपा सरकार होने के कारण उन पर कानूनी शिकंजा नहीं कस सका।
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