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सटोरिया- चाचा चौकी इंचार्ज से बचाओ
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बरेली। योगी सरकार पुलिस का इकबाल बुलंद करने की कोशिशों में जुटी है, दूसरी तरफ बरेली में पुलिस के सटोरियों-तस्करों से सेटिंग करने के कारनामे उजागर हो रहे हैं। दबिश में पकड़े गए सटोरिये को छोड़ने के लिए पांच हजार रुपये में सौदेबाजी करने का ऑडियो वायरल होने के अगले ही फिर एक ऑडियो वायरल हुआ है जिसमें थाना बारादरी का ही एक सिपाही सटोरिये को डराकर उगाही करने की कोशिश कर रहा है। सटोरिये को धमका रहा है कि चौकी इंचार्ज उसे एनडीपीएस एक्ट में जेल भेजने पर तुला हुआ है, अगर सेटिंग करने से पहले वह उसके हत्थे चढ़ गया तो वह जेल जाए बगैर बचेगा नहीं।
जिस सटोरिये से फोन पर बातचीत का यह ऑडियो वायरल हुआ है, वह श्यामगंज चौकी इलाके में धंधा करता है। ऑडियो में सिपाही को वह चाचा बोल रहा है। सिपाही उसे धमकाने में जुटा है तो सटोरिया उससे एक बार में सेटिंग कर काम शुरू करा देने की मिन्नत कर रहा है। बता दें कि इससे एक दिन पहले ही दूसरे सिपाही की सटोरिये से बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ था। अफसर उसे तो हजम कर गए लेकिन अब एक और ऑडियो वायरल होने से साफ हो गया है कि पुलिस ही सटोरियों और तस्करों की सबसे बड़ी मददगार बनी हुई है।
चाचा.. तुम्हें सबसे ज्यादा अपना माना है
सिपाही- अबे तुझे चौकी इंचार्ज बहुत तलाश कर रहे हैं।
सटोरिया- चाचा मैं अस्पताल में हूं
सिपाही- अबे माल लेकर बैठा है, एनडीपीएस एक्ट में तुझे अंदर करेगा। तेरे पीछे पड़ा है हाथ धोके। आकर चुपचाप मिल ले, नहीं तो नुकसान हो जाएगा।
सटोरिया- चाचा तुम्हें सबसे ज्यादा अपना माना-समझा और तुमने ऐसी बात करा दी। उसे घर में घुसेड़ दिया। कम से कम फोन ही कर देते।
सिपाही- मेरे पीछे घर में घुस गया वो, मुझे थोड़ी पता था।
सटोरिया- कोई था नहीं घर पे, बहन से पर्चियों से भरा बैग बाहर फिंकवाया।
सिपाही- वो एनडीपीएस को कह रहा है, चुपचाप मुझसे मिल ले। टालमटोल मत कर, हत्थे चढ़ा तो तेरी बारात चढ़ा देगा।
सटोरिया- चाचा सेटिंग करा रहे हो तो काम भी शुरू करा दो।
सिपाही - काम छोड़, पहले ये काम निपटा। मिल आकर।
सटोरिया - बहू की डिलीवरी होनी है, अभी तो अस्पताल में हूं।
सिपाही - तू कर रहा क्या बहू की डिलीवरी, वो तो डॉक्टरनी करेगी। अब तू देख ले.....
महीना बढ़ाया तो पीछे हटा सटोरिया
कुछ दिन पहले भी इसी सटोरिये को नोटिस के नाम घर से जबरन उठाने आए एक सिपाही की ऑडियो रिकार्डिंग वायरल हुई थी। एक दूसरी रिकार्डिंग में सिपाही इस सटोरिये को पुलिस का रेट बढ़ाकर पांच की जगह आठ हजार करने को कह रहा था। न करने पर जेल भेजने की धमकी दे रहा था।
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जिस सटोरिये से फोन पर बातचीत का यह ऑडियो वायरल हुआ है, वह श्यामगंज चौकी इलाके में धंधा करता है। ऑडियो में सिपाही को वह चाचा बोल रहा है। सिपाही उसे धमकाने में जुटा है तो सटोरिया उससे एक बार में सेटिंग कर काम शुरू करा देने की मिन्नत कर रहा है। बता दें कि इससे एक दिन पहले ही दूसरे सिपाही की सटोरिये से बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ था। अफसर उसे तो हजम कर गए लेकिन अब एक और ऑडियो वायरल होने से साफ हो गया है कि पुलिस ही सटोरियों और तस्करों की सबसे बड़ी मददगार बनी हुई है।
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चाचा.. तुम्हें सबसे ज्यादा अपना माना है
सिपाही- अबे तुझे चौकी इंचार्ज बहुत तलाश कर रहे हैं।
सटोरिया- चाचा मैं अस्पताल में हूं
सिपाही- अबे माल लेकर बैठा है, एनडीपीएस एक्ट में तुझे अंदर करेगा। तेरे पीछे पड़ा है हाथ धोके। आकर चुपचाप मिल ले, नहीं तो नुकसान हो जाएगा।
सटोरिया- चाचा तुम्हें सबसे ज्यादा अपना माना-समझा और तुमने ऐसी बात करा दी। उसे घर में घुसेड़ दिया। कम से कम फोन ही कर देते।
सिपाही- मेरे पीछे घर में घुस गया वो, मुझे थोड़ी पता था।
सटोरिया- कोई था नहीं घर पे, बहन से पर्चियों से भरा बैग बाहर फिंकवाया।
सिपाही- वो एनडीपीएस को कह रहा है, चुपचाप मुझसे मिल ले। टालमटोल मत कर, हत्थे चढ़ा तो तेरी बारात चढ़ा देगा।
सटोरिया- चाचा सेटिंग करा रहे हो तो काम भी शुरू करा दो।
सिपाही - काम छोड़, पहले ये काम निपटा। मिल आकर।
सटोरिया - बहू की डिलीवरी होनी है, अभी तो अस्पताल में हूं।
सिपाही - तू कर रहा क्या बहू की डिलीवरी, वो तो डॉक्टरनी करेगी। अब तू देख ले.....
महीना बढ़ाया तो पीछे हटा सटोरिया
कुछ दिन पहले भी इसी सटोरिये को नोटिस के नाम घर से जबरन उठाने आए एक सिपाही की ऑडियो रिकार्डिंग वायरल हुई थी। एक दूसरी रिकार्डिंग में सिपाही इस सटोरिये को पुलिस का रेट बढ़ाकर पांच की जगह आठ हजार करने को कह रहा था। न करने पर जेल भेजने की धमकी दे रहा था।
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