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कर्मों से बनता है मनुष्य का भाग्य
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बरेली। त्रिवटीनाथ मंदिर में चल रही संगीतमयी श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन शुक्रवार को कथाव्यास डॉ. पं. सुरेश शास्त्री ने भगवान के अवतार की कथा श्रद्धालुओं को सुनाई। बताया कि भगवान विष्णु ने जितने भी अवतार लिए हैं उन सब में भगवान कृष्ण का अवतार ऐसा है जिनको जगदगुरु कहते हैं।
कहा, मनुष्य को फल के परिणाम की ओर नहीं सोचना चाहिए क्योंकि परिणाम पर केंद्रित मन कर्म पर केंद्रित नहीं हो सकेगा। जिसके बाद उन्होंने भगवान कृष्ण के जन्म की कथा सुनाते हुए श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। कहा, भगवान कृष्ण ने अपने बालक स्वरूप में भावपूर्ण लीलाएं कर जगत को एक अलौकिक अनुभूति प्रदान की। आखिर में श्रीमद् भागवत की आरती और प्रसाद वितरण से कथा विश्राम हुआ। यहां प्रताप चंद्र सेठ, मीडिया प्रभारी संजीव औतार अग्रवाल व अन्य मौजूद रहे।
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कहा, मनुष्य को फल के परिणाम की ओर नहीं सोचना चाहिए क्योंकि परिणाम पर केंद्रित मन कर्म पर केंद्रित नहीं हो सकेगा। जिसके बाद उन्होंने भगवान कृष्ण के जन्म की कथा सुनाते हुए श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। कहा, भगवान कृष्ण ने अपने बालक स्वरूप में भावपूर्ण लीलाएं कर जगत को एक अलौकिक अनुभूति प्रदान की। आखिर में श्रीमद् भागवत की आरती और प्रसाद वितरण से कथा विश्राम हुआ। यहां प्रताप चंद्र सेठ, मीडिया प्रभारी संजीव औतार अग्रवाल व अन्य मौजूद रहे।
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