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सत्संग में आईं तीन महिलाओं की पिकअप से कुचलकर मौत
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दहगवां स्वास्थ्य केंद्र में गमजदा एक महिला की रिश्तेदार। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। बदायूं-मेरठ हाईवे पर जरीफनगर थाना क्षेत्र में उस्मानपुर गांव के नजदीक शुक्रवार सुबह एक तेज रफ्तार पिकअप ने भोले बाबा के सत्संग में आईं बुलंदशहर निवासी 45 वर्षीय सरोज, 40 वर्षीय शकुंतला और 48 वर्षीय रामवती देवी को हाईवे पार करते समय कुचल दिया। दो महिलाओं की मौके पर तो एक महिला की स्वास्थ्य केंद्र ले जाते समय मौत हो गई।
जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव उस्मानपुर के नजदीक एक जुलाई से साकार विश्व हरि भोले बाबा का सत्संग चल रहा है। इस सत्संग में कई जिलों से लोग आए हैं। इसमें बुलंदशहर के डिबाई थाना क्षेत्र के गांव औरंगाबाद कसेर निवासी शकुंतला पत्नी महीलाल, उनके गांव की सरोज पत्नी राजू और नरौरा थाना क्षेत्र के गांव नौदई राजघाट निवासी रामवती पत्नी ओमप्रकाश भी आईं थीं। वे यहां पर सत्संग सुनने के अलावा सेवादार का काम भी कर रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शुक्रवार सुबह करीब साढ़े चार बजे तीनों महिलाएं बदायूं-मेरठ हाईवे के दूसरी ओर शौच के लिए जा रहीं थीं। जैसे ही यह महिलाएं हाईवे पर पहुंची कि गुन्नौर की ओर से तेज रफ्तार में आई पिकअप ने तीनों महिलाओं को चपेट में ले लिया। गाड़ी तीनों को कुचलते हुए निकल गई।
हादसा देखकर तमाम लोग दौड़ पड़े। उन्होंने पिकअप रोकने की कोशिश की लेकिन उसका ड्राइवर गाड़ी को दौड़ाता हुआ ले गया। इसी दौरान जरीफनगर इंस्पेक्टर मनोज कुमार हाईवे से गुजर रहे थे। वे रुक गए, दौड़ कर घटनास्थल पर पहुंचे, तब तक सरोज और रामवती की मौत हो चुकी थी। उन्होंने शकुंतला को सहसवान स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने अज्ञात पिकअप चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। तीनों शवों का पोस्टमार्टम करा दिया गया है।
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सेवादार चीखते रहे...तीनों महिलाओं को कुचलते हुए गाड़ी भगा ले गया चालक
दहगवां (बदायूं)। बदायूं-मेरठ हाईवे पर उस्मानपुर गांव के नजदीक तीन महिलाओं की जान लेने वाली पिकअप को सेवादारों ने पहले ही तेज रफ्तार में आते देख लिया था। इस पर उन्होंने महिलाओं को रोकने की कोशिश भी की लेकिन तब तक वे आपस में बातें करते हुए बीच सड़क पर पहुंच गईं। उन्होंने सेवादारों की आवाज नहीं सुनी। पिकअप की रफ्तार इतनी तेज थी कि टक्कर लगते ही अचानक आंखों के सामने तेज धमाके के साथ तीनों महिलाएं इधर-उधर गिरी दिखाई दीं।
हादसा शुक्रवार सुबह साढ़े चार बजे हुआ। उस वक्त बदायूं-मेरठ हाईवे सुनसान था। हाईवे के नजदीक कुछ दूरी पर सत्संग का पंडाल लगा हुआ था। सत्संग स्थल पर चहल-पहल थी। लोग नित्य क्रियाओं से निवृत्त हो रहे थे, तो वहीं तमाम सेवादार हाईवे किनारे खड़े हुए थे। वे सत्संग में आने वाले लोगों की मदद कर रहे थे। इसी दौरान अचानक कुछ सेवादारों ने बुलंदशहर की तीनों महिलाएं शकुंतला, सरोज और रामवती को हाईवे की ओर जाते देखा। तीनों आपस में बातें करती हुई जा रहीं थीं। सेवादारों की नजर दूसरी तरफ गई तो उन्होंने तेज रफ्तार पिकअप को आते देखा। उन्होंने तीनों महिलाओं को रोकने के लिए आवाज लगाई, लेकिन तब तक वे बीच हाईवे पर पहुंच चुकी थीं। पिकअप भी तेज रफ्तार थी। सेवादार कुछ कर पाते, पिकअप ने उन्हें चपेट में ले लिया। सेवादारों ने पिकअप को भी रोकने की कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हो पाए। हादसे के बाद ड्राइवर ने पिकअप की रफ्तार और बढ़ा दी। जब तक लोग उसका पीछा करने को वाहन लेने भागे। तब तक गाड़ी काफी दूर निकल गई और आंखों के सामने से ओझल हो गई।
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सत्संग स्थल पर ही बनाए गए थे अस्थायी शौचालय
उस्मानपुर के पास जिस जगह सत्संग चल रहा है, वहां अस्थायी शौचालय भी बनाए गए हैं। इसके अलावा अन्य व्यवस्थाएं भी है। सुबह का वक्त था। इससे सभी लोग नित्यक्रिया से निपट रहे थे। अस्थायी शौचालयों के सामने भीड़भाड़ थी। इससे तीनों महिलाओं ने खेतों की ओर जाना उचित समझा और उनकी जान चली गई।
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एक लाख लोगों के शामिल होने की है अनुमति
- उस्मानपुर के नजदीक सत्संग में करीब एक लाख लोगों के शामिल होने की अनुमति है। कमेटी के सदस्य चोब सिंह भारती ने बताया कि यह सत्संग एक से 10 जुलाई तक चलेगा। इसकी उन्होंने एसडीएम सहसवान से अनुमति ली है। उसी के तहत सारी व्यवस्थाएं की गई हैं।
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भीड़भाड़ देखकर रुके इंस्पेक्टर
जिस वक्त हादसा हुआ था। उस समय जरीफनगर इंस्पेक्टर मनोज कुमार परेड में शामिल होने पुलिस लाइन जा रहे थे। भीड़भाड़ देखकर मौके पर रुक गए। उन्होंने तुरंत घायल शकुंतला को स्वास्थ्य केंद्र सहसवान भेजा। इसके साथ सरोज और रामवती के शव दहगवां स्वास्थ्य केंद्र भेजे। फिर उनके पंचायतनामा भरवाए और पोस्टमार्टम कराए गए।
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महिलाओं के परिजन पहुंचे
हादसे की शिकार हुईं सरोज और रामवती एक ही गांव की थीं। शकुंतला का गांव भी कुछ दूरी पर था। इससे उनके परिवार वाले भी सुबह आठ बजे तक मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस से पिकअप पकड़कर उसके ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव उस्मानपुर के नजदीक एक जुलाई से साकार विश्व हरि भोले बाबा का सत्संग चल रहा है। इस सत्संग में कई जिलों से लोग आए हैं। इसमें बुलंदशहर के डिबाई थाना क्षेत्र के गांव औरंगाबाद कसेर निवासी शकुंतला पत्नी महीलाल, उनके गांव की सरोज पत्नी राजू और नरौरा थाना क्षेत्र के गांव नौदई राजघाट निवासी रामवती पत्नी ओमप्रकाश भी आईं थीं। वे यहां पर सत्संग सुनने के अलावा सेवादार का काम भी कर रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शुक्रवार सुबह करीब साढ़े चार बजे तीनों महिलाएं बदायूं-मेरठ हाईवे के दूसरी ओर शौच के लिए जा रहीं थीं। जैसे ही यह महिलाएं हाईवे पर पहुंची कि गुन्नौर की ओर से तेज रफ्तार में आई पिकअप ने तीनों महिलाओं को चपेट में ले लिया। गाड़ी तीनों को कुचलते हुए निकल गई।
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हादसा देखकर तमाम लोग दौड़ पड़े। उन्होंने पिकअप रोकने की कोशिश की लेकिन उसका ड्राइवर गाड़ी को दौड़ाता हुआ ले गया। इसी दौरान जरीफनगर इंस्पेक्टर मनोज कुमार हाईवे से गुजर रहे थे। वे रुक गए, दौड़ कर घटनास्थल पर पहुंचे, तब तक सरोज और रामवती की मौत हो चुकी थी। उन्होंने शकुंतला को सहसवान स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने अज्ञात पिकअप चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। तीनों शवों का पोस्टमार्टम करा दिया गया है।
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सेवादार चीखते रहे...तीनों महिलाओं को कुचलते हुए गाड़ी भगा ले गया चालक
दहगवां (बदायूं)। बदायूं-मेरठ हाईवे पर उस्मानपुर गांव के नजदीक तीन महिलाओं की जान लेने वाली पिकअप को सेवादारों ने पहले ही तेज रफ्तार में आते देख लिया था। इस पर उन्होंने महिलाओं को रोकने की कोशिश भी की लेकिन तब तक वे आपस में बातें करते हुए बीच सड़क पर पहुंच गईं। उन्होंने सेवादारों की आवाज नहीं सुनी। पिकअप की रफ्तार इतनी तेज थी कि टक्कर लगते ही अचानक आंखों के सामने तेज धमाके के साथ तीनों महिलाएं इधर-उधर गिरी दिखाई दीं।
हादसा शुक्रवार सुबह साढ़े चार बजे हुआ। उस वक्त बदायूं-मेरठ हाईवे सुनसान था। हाईवे के नजदीक कुछ दूरी पर सत्संग का पंडाल लगा हुआ था। सत्संग स्थल पर चहल-पहल थी। लोग नित्य क्रियाओं से निवृत्त हो रहे थे, तो वहीं तमाम सेवादार हाईवे किनारे खड़े हुए थे। वे सत्संग में आने वाले लोगों की मदद कर रहे थे। इसी दौरान अचानक कुछ सेवादारों ने बुलंदशहर की तीनों महिलाएं शकुंतला, सरोज और रामवती को हाईवे की ओर जाते देखा। तीनों आपस में बातें करती हुई जा रहीं थीं। सेवादारों की नजर दूसरी तरफ गई तो उन्होंने तेज रफ्तार पिकअप को आते देखा। उन्होंने तीनों महिलाओं को रोकने के लिए आवाज लगाई, लेकिन तब तक वे बीच हाईवे पर पहुंच चुकी थीं। पिकअप भी तेज रफ्तार थी। सेवादार कुछ कर पाते, पिकअप ने उन्हें चपेट में ले लिया। सेवादारों ने पिकअप को भी रोकने की कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हो पाए। हादसे के बाद ड्राइवर ने पिकअप की रफ्तार और बढ़ा दी। जब तक लोग उसका पीछा करने को वाहन लेने भागे। तब तक गाड़ी काफी दूर निकल गई और आंखों के सामने से ओझल हो गई।
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सत्संग स्थल पर ही बनाए गए थे अस्थायी शौचालय
उस्मानपुर के पास जिस जगह सत्संग चल रहा है, वहां अस्थायी शौचालय भी बनाए गए हैं। इसके अलावा अन्य व्यवस्थाएं भी है। सुबह का वक्त था। इससे सभी लोग नित्यक्रिया से निपट रहे थे। अस्थायी शौचालयों के सामने भीड़भाड़ थी। इससे तीनों महिलाओं ने खेतों की ओर जाना उचित समझा और उनकी जान चली गई।
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एक लाख लोगों के शामिल होने की है अनुमति
- उस्मानपुर के नजदीक सत्संग में करीब एक लाख लोगों के शामिल होने की अनुमति है। कमेटी के सदस्य चोब सिंह भारती ने बताया कि यह सत्संग एक से 10 जुलाई तक चलेगा। इसकी उन्होंने एसडीएम सहसवान से अनुमति ली है। उसी के तहत सारी व्यवस्थाएं की गई हैं।
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भीड़भाड़ देखकर रुके इंस्पेक्टर
जिस वक्त हादसा हुआ था। उस समय जरीफनगर इंस्पेक्टर मनोज कुमार परेड में शामिल होने पुलिस लाइन जा रहे थे। भीड़भाड़ देखकर मौके पर रुक गए। उन्होंने तुरंत घायल शकुंतला को स्वास्थ्य केंद्र सहसवान भेजा। इसके साथ सरोज और रामवती के शव दहगवां स्वास्थ्य केंद्र भेजे। फिर उनके पंचायतनामा भरवाए और पोस्टमार्टम कराए गए।
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महिलाओं के परिजन पहुंचे
हादसे की शिकार हुईं सरोज और रामवती एक ही गांव की थीं। शकुंतला का गांव भी कुछ दूरी पर था। इससे उनके परिवार वाले भी सुबह आठ बजे तक मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस से पिकअप पकड़कर उसके ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।