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बीबीएल प्रकरण: 35 मिनट बहस के बाद फैसला सुरक्षित
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Fri, 27 Apr 2018 01:05 AM IST
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बीबीएल के प्रबंधक सर्वेश अग्रवाल की ओर से हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका पर बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों के वकीलों ने 35 मिनट तक हाईकोर्ट में अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। दो सदस्यीय पीठ ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया है जो शुक्रवार को आने की उम्मीद है। इसमें प्रतिवादी की ओर से मेयर उमेश गौतम ने अपना वकील खड़ा करके पैरवी कराई।
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पिछले दिनों ख्वाजा कुतुब निवासी सारिका आर्य ने बीबीएल के प्रबंधक सर्वेश अग्रवाल और प्रधानाचार्य दीपक अग्रवाल पर थाना किला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि फीस न जमा होने के चलते स्कूल प्रबंधन ने बेटे को क्लास से निकालकर लाइब्रेरी में बैठा दिया और टीसी स्पीडपोस्ट से घर भेज दी थी। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए मेयर ने एसएसपी को पत्र लिखा था और उपसभापति अतुल कपूर एवं व्यापारी नेता विशाल मेहरोत्रा सारिका को लेकर एसएसपी के पास पहुंचे थे। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद बीबीएल के प्रबंधक सर्वेश अग्रवाल ने किला पुलिस में अपना पक्ष रखने के साथ ही हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रिपोर्ट रद्द करने की मांग की थी। इस मामले में उन्होंने प्रमुख सचिव गृह, एसएसपी बरेली, इंस्पेक्टर किला और सारिका आर्य को प्रतिवादी बनाया है।
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बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में जस्टिस रमेश सिन्हा और दिनेश कुमार की दो सदस्यीय पीठ ने इस पर सुनवाई की। सर्वेश अग्रवाल की ओर से अधिवक्ता देवाशीष मित्रा और सारिका की ओर से सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने अपनी दलीलें पेश कीं। 35 मिनट तक याचिका पर जमकर बहस हुई, जिसके बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया। शुक्रवार को फैसला आने की उम्मीद है। बताया जाता है कि सारिका की पैरवी के लिए मेयर ने ही वकील खड़ा कराया था।
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