{"_id":"6158a9788ebc3e62672245f9","slug":"court-bareilly-news-bly461639933","type":"story","status":"publish","title_hn":"राइस मिल मालिकों की जमानत अर्जी खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राइस मिल मालिकों की जमानत अर्जी खारिज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। विशेष न्यायाधीश राजीव सिंह ने पांच करोड़ 24 लाख 17 हजार 501 रुपये चार पैसे का चावल घोटाला करने की आरोपी दो राइस मिल मालिक महिलाओं की अग्रिम जमानत अर्जी सुनवाई के बाद मामला गंभीर पाकर खारिज कर दी है।
पूरनपुर कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार शासन की धान क्रय नीति के अनुसार पूरनपुर के दो राइस मिल को खाद्य विभाग ने 44328 क्विंटल धान दिया गया था। इस धान से 67 फीसदी की दर से 29700 क्विंटल चावल भारतीय खाद्य निगम को मिलना था। राइस मिल मालिक ने केवल 12747 क्विंटल चावल दिया।16952 क्विंटल चावल नहीं दिया। काफी प्रयासों के बावजूद राइस मिल ने सरकार को यह चावल वापस नहीं किया। इस चावल की सरकारी कीमत पांच करोड़ 24 लाख 17 हजार 501 रुपये चार पैसे आंकी गई। खाद्य विभाग की ओर से पूरनपुर कोतवाली में राइस मिल मालिक रजनी अग्रवाल पत्नी जगमोहन अग्रवाल और चमन अग्रवाल पत्नी विजय अग्रवाल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई। दोनों आरोपियों की ओर से स्वयं को निर्दोष बताते हुए अग्रिम जमानत अर्जी न्यायालय में दाखिल की गई । बताया गया कि सरकार ने अधिकांश धान उठवा लिया लेकिन इसकी कोई प्राप्ति रसीद नहीं दी गई। राइस मिलों की ओर से कोई भी आर्थिक घोटाला नहीं किया गया है। इसकी सुनवाई विशेष न्यायाधीश राजीव सिंह ने की। न्यायालय ने सुनवाई के बाद मामला गंभीर पाकर दोनों राइस मिल मालिक महिलाओं की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
विज्ञापन
पूरनपुर कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार शासन की धान क्रय नीति के अनुसार पूरनपुर के दो राइस मिल को खाद्य विभाग ने 44328 क्विंटल धान दिया गया था। इस धान से 67 फीसदी की दर से 29700 क्विंटल चावल भारतीय खाद्य निगम को मिलना था। राइस मिल मालिक ने केवल 12747 क्विंटल चावल दिया।16952 क्विंटल चावल नहीं दिया। काफी प्रयासों के बावजूद राइस मिल ने सरकार को यह चावल वापस नहीं किया। इस चावल की सरकारी कीमत पांच करोड़ 24 लाख 17 हजार 501 रुपये चार पैसे आंकी गई। खाद्य विभाग की ओर से पूरनपुर कोतवाली में राइस मिल मालिक रजनी अग्रवाल पत्नी जगमोहन अग्रवाल और चमन अग्रवाल पत्नी विजय अग्रवाल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई। दोनों आरोपियों की ओर से स्वयं को निर्दोष बताते हुए अग्रिम जमानत अर्जी न्यायालय में दाखिल की गई । बताया गया कि सरकार ने अधिकांश धान उठवा लिया लेकिन इसकी कोई प्राप्ति रसीद नहीं दी गई। राइस मिलों की ओर से कोई भी आर्थिक घोटाला नहीं किया गया है। इसकी सुनवाई विशेष न्यायाधीश राजीव सिंह ने की। न्यायालय ने सुनवाई के बाद मामला गंभीर पाकर दोनों राइस मिल मालिक महिलाओं की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
विज्ञापन