Bareilly News: नगर निगम की बोर्ड बैठक में गृहकर पर रार, पक्षपात का आरोप लगाकर पार्षदों ने किया हंगामा
बरेली में नगर निगम की बोर्ड बैठक हंगामेदार रही। गृहकर को लेकर पक्षपात का आरोप लगाकर पार्षदों ने हंगामा किया। बैठक में शहर में कुत्तों और बंदरों के आतंक का मुद्दा भी गूंजा।
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नगर निगम सभागार में सोमवार को जैसे ही बैठक शुरू हुई, सपा पार्षद राजेश अग्रवाल ने संपत्ति कर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पिछली बैठक में डीडीपुरम में कर में अनियमितता से संबंधित एक मामला पकड़ा गया था, लेकिन किसी अधिकारी-कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं की गई। पार्षदों को जोन के अनुसार कर की जानकारी नहीं दी जा रही है। इस पर महापौर ने कहा कि अब पार्षदों को जोन के अनुसार कर संग्रह की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
पार्षदों ने कहा कि विज्ञापन के टेंडर हो रहे हैं, लेकिन उन पर एजेंसी का नाम नहीं होता है। विज्ञापन विभाग पर कई गलत सूचना देने का आरोप भी लगाया। नौ माह में प्रकाश व्यवस्था पर 12 करोड़ रुपये खर्च हो गए, लेकिन वार्डों में 10 लाइटें भी नहीं लगीं।
अलाव की लकड़ी लेकर पहुंचे पार्षद
सदन में लकड़ी लेकर पहुंचे पार्षद राजेश अग्रवाल ने कहा कि कड़ाके की ठंड में वार्डों तक अलाव की लकड़ी नहीं पहुंच रही है। अगर निगम लकड़ियों की व्यवस्था नहीं कर सकता तो पार्षद खुद ही इसका इंतजाम कर अलाव जलवाएंगे।
पार्षद जयप्रकाश ने कहा कि निगम ने एक प्रॉपर्टी पर दो आईडी बना रखी हैं। कभी लोगों से एक आईडी पर रकम जमा कराई जा रही है तो कभी दूसरी आई पर। यह खेल काफी समय से चल रहा है। बटलर प्लाजा समेत कई अन्य महत्वपूर्ण बाजार में एक ही आकार की दुकानों का अलग-अलग कर लगाया गया है।
पार्षद ने सिटी सब्जी मंडी की दो दुकानों पर अलग-अलग कर लगाने का हवाला भी दिया। महापौर ने जांच कर वसूली कराने की बात कही। पार्षद छंगामल मौर्य ने कहा कि शाहजहांपुर रोड पर गीता पैलेस को बंद दिखाकर नगर निगम उससे कर नहीं वसूल रहा है, लेकिन वहां दो साप्ताहिक बाजार लग रहे हैं। इस पर बोर्ड ने पैलेस को सील करने का आदेश दिया।
क्या हुआ तेरा वादा... गाकर गौरव ने कसा तंज
सपा पार्षद गौरव सक्सेना ने क्या हुआ तेरा वादा... गाना गाकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि पूरा शहर कुत्तों व बंदरों के आतंक से परेशान है। इसका कोई समाधान नहीं निकल पा रहा है। कुत्ते लगातार लोगों पर हमला कर रहे हैं। सुभाषनगर में कुछ दिन पहले ही एक महिला पर कुत्तों ने हमला कर दिया था। पिछली बैठक में जोन वार कुत्ते और बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर किए जाने की बात कही गई थी, पर बंदरों को पकड़ने के लिए कोई एजेंसी सामने नहीं आई। बैठक में बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए लंगूर रखने की बात कही गई।
मीडियाकर्मियों को सदन से बाहर करने पर जताई नाराजगी
बोर्ड बैठक में जैसे ही हंगामा शुरू हुआ, महापौर उमेश गौतम ने मीडियाकर्मियों को बाहर जाने के लिए कहा। इस पर गौरव सक्सेना व अन्य पार्षदों ने नाराजगी जताई। उन्होंने नगर निगम अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि बैठक में कोई भी व्यक्ति शामिल हो सकता है।
बरेली में नगर निगम एक लाख रुपये से ज्यादा कर बकाया के मामलों की जांच कराएगा। सोमवार को निगम सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक में कर विसंगतियों को लेकर पार्षदों के हंगामे के बाद महापौर उमेश गौतम ने यह जानकारी दी। पार्षदों ने आरोप लगाया कि लाखों रुपये के बकाया बिलों पर विभाग खेल कर रहा है। एक मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि नौ लाख रुपये के टैक्स को 1.5 से 2 लाख रुपये कर दिया जाता है। बैठक में शहर को जगमग करने के लिए सात हजार लाइटों की खरीद को भी मंजूरी दी गई। यह प्रक्रिया अगले माह से शुरू की जाएगी।
बैठक में वर्ष 2025-26 के मूल बजट को पुनरीक्षित किया। करीब 833.76 करोड़ रुपये के मूल बजट को बढ़ाकर 978.36 करोड़ रुपये कर दिया गया। इस तरह बजट में 144.60 करोड़ की बढ़ोतरी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि बढ़े हुए बजट का मुख्य फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, सफाई व्यवस्था, सड़कों के निर्माण व मरम्मत, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं पर रहेगा। लंबित परियोजनाओं को गति देने और शहर की बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया गया है।
कूड़ा कलेक्शन पर खर्च होंगे पांच करोड़
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन पर पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मूल बजट में भी इतनी ही रकम निर्धारित की गई थी। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम में 52 करोड़, छुट्टा पशुओं और कुत्तों को पकड़ने में एक करोड़, कान्हा उपवन पर 3.50 करोड़ से पांच करोड़ व पार्कों के सौन्दर्यीकरण के लिए 10 करोड़ के बजट को मंजूरी दी गई है।