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जितना पैसा मिला, उसे भी दबाए बैठे हैं

Fri, 30 Jan 2015 12:38 AM IST
बरेली
बरेली Updated Fri, 30 Jan 2015 12:38 AM IST
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चालू वित्तीय वर्ष की 203 करोड़ की जिला योजना में पहले तो शासन ने ही कंजूसी दिखाई और सिर्फ 38 करोड़ रुपया जारी किया। विभाग उससे भी आगे निकल गए और इस रकम को भी दबाकर बैठ गए। विभागों ने मंजूर काम शुरू भी नहीं कराए हैं। अफसर और पैसा आने के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं, जबकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में महज दो महीने बाकी हैं। साफ है, सबको अंतिम समय में की जाने वाली बंदरबांट का इंतजार है।
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ग्रामीण विकास विभाग पैसे दबाए रखने में बहुत आगे है। इंदिरा आवास और लोहिया ग्रामीण आवास योजना के तहत आवासों के निर्माण के लिए 1251.52 लाख रुपये मंजूर हुआ। इसमें से 465.71 लाख रुपये आ भी चुका है लेकिन उससे भवनों का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। चिकित्सा विभाग को 170 लाख रुपये के बजट में से 127.69 लाख रुपया रिलीज हो चुका है। जिला योजना के पैसे से विभाग को ग्रामीण क्षेत्र में एक नया पीएचसी बनवाना था और पांच पीएचसी का नवीनीकरण करने के साथ ही कुआंडांडा, भोजीपुरा, क्यारा, मझगवां, शेरगढ़, क्योलड़िया और रिछा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और रोगी आश्रय स्थलों की स्थापना करनी है। एक चीरघर भी बनना है लेकिन इनमें से कोई काम शुरू नहीं हो सका है।
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इसी तरह पीडब्लूडी को ग्रामीण क्षेत्रों में 12 नई सड़कों के निर्माण के अलावा लगभग 20 पुरानी सड़कों की मरम्मत करानी है। इसके लिए 5362.93 लाख रुपये के बजट का प्रावधान किया गया था। उसे 210.81 लाख रुपया मिल भी चुका है पर इसमें से सिर्फ 50 लाख रुपया ही खर्च हो सका है, बाकी 160.81 लाख रुपये डंप पड़े हैं। खर्च हुए पैसे से बहेड़ी क्षेत्र की पुरानी सड़कों की मरम्मत कराई गई है। समाज कल्याण विभाग को छात्रवृत्ति और पेंशन योजनाओं के मद में 505.71 लाख बजट मिलना है। इसमें से 170 लाख रुपया उसे मिल चुका है, बाकी पैसे के इंतजार में विभाग पैसे को अपने पास रखे हुए है। इसी तरह छात्रवृत्ति के लिए पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को दो सौ करोड़ रुपये व्यय करना है लेकिन उसे अब तक 20 लाख रुपये ही मिल सके हैं। वह भी खर्च नहीं किए गए हैं। आईटीआई को शिल्पकार प्रशिक्षण के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के आधुनिकीकरण, नए ट्रेड्स के उच्चीकरण, आईटीआई भवन के निर्माण के लिए 546 लाख रुपये का बजट मंजूर हुआ। इसमें  मिले हैं 256.51 लाख रुपये पर इस पैसे से आईटीआई ने काम शुरू नहीं कराया है।
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इंसेट...
किसने कितना पैसा दबा रखा है
विभाग                पैसा
ग्रामीण आवास    465.71
आईटीआई            256.51
पीडब्लूडी            160.81
स्वास्थ्य                127.29
समाज कल्याण    170
पिछड़ा वर्ग कल्याण 20
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वर्जन...
जिला योजना के कामों के लिए शासन से अभी काफी पैसा आना है। अब तक आए पैसे से हुए कामों की जल्द समीक्षा करेंगे। तब देखेंगे कि कौन से काम अटके हुए हैं। -शिवसहाय अवस्थी, सीडीओ
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