बरेली: स्वास्थ्य विभाग को मिले अहम सुराग, संक्रमितों के घर निजामुद्दीन से आई थी एक महिला
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दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से बरेली आए लोगों को ट्रेस कर पाने में पुलिस-प्रशासन की नाकामी अब बरेली शहर पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है। इतने दिनों की मशक्कत के बाद स्वास्थ्य विभाग को हजियापुर इलाके के कोरोना संक्रमित मरीज की मौत के बारे में अहम सुराग हाथ लगे हैं।
पता लगा है कि हजियापुर में कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले युवक और उसके साढ़ू के घर पिछले महीने दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके की रहने वाली एक महीला आई थी।
स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीम ने यह जानकारी मिलने के बाद अफसरों को अलर्ट कर दिया है। अब छानबीन की जा रही है कि निजामुद्दीन की यह महिला कोरोना संक्रमित थी या नहीं और अब उसकी हालत क्या है। हजियापुर के युवक और ब्रह्मपुरा में रहने वाले उसके साढ़ू के भाई और मां तक पहुंचे संक्रमण की चेन तलाशने में जुटे स्वास्थ्य विभाग को अब जाकर कुछ कामयाबी मिलती दिख रही है।
27अप्रैल को हुई थी संक्रमण की पुष्टि
अचानक बीमार हुए हजियापुर के युवक में 27 अप्रैल को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद उसके नजदीकी संपर्क के तमाम लोगों की जांच कराई गई। उसके परिवार के सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई, लेकिन स्टेडियम रोड के एक अस्पताल में बतौर रिसेप्शनिस्ट नौकरी करने वाले उसके साढ़ू के भाई और उसकी मां संक्रमित पाए गए।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अफसरों में हड़कंप मच गया था। इन तीन मामलों की वजह से जिले को रेड जोन में शामिल होना पड़ा। अब तक इनके संक्रमण की चेन का पता न लग पाने की वजह से शहर की घनी आबादी वाले इन इलाकों में सामुदायिक संक्रमण फैलने की भी आशंकाएं जताई जा रही थीं।
इस बीच जिला सर्विलांस अधिकारी और नोडल अधिकारी डॉ. रंजन गौतम की अगुवाई में हजियापुर और ब्रह्मपुरा में फैले संक्रमण की चेन तलाश करने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। करीब एक हफ्ते की कोशिशों के बाद अब पता लगा है कि पिछले महीने हजियापुर के युवक के साढ़ू की साली उसके घर आई थी और एक दिन वहीं रुकी थी।
वह दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में रहती है। अगले दिन वह हजियापुर के युवक के घर भी गई थी और इसके बाद वापस दिल्ली लौट गई थी। विभागीय टीमों ने इस महिला के संबंध में और जानकारी जुटाने के लिए मॉनिटरिंग तेज कर दी है।
महिला के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाने के साथ यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जब वह बरेली आई थी तो उसकी तबीयत कैसी थी और अब वह किस स्थिति में है।
अमर उजाला ने किया था अलर्ट, फिर भी पुलिस की निगाहों से बच गए दिल्ली से आए लोग
दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तब्लीगी जमात से देश भर में संक्रमण फैलने की खबरों के दौरान ही बरेली में भी जमात के तमाम लोगों के आने की सूचनाएं आई थीं। अमर उजाला की ओर से लगातार आगाह किए जाने के बाद पुलिस और प्रशासन ने जांच शुरू की तो इस बात की पुष्टि भी हुई कि बुलंदशहर, बहराइच और शाहजहांपुर में हुए जलसों में शिरकत कर तमाम जमाती बरेली लौटे हैं।
तब्लीगी जमातियों के बरेली आने की भी सूचना थी, लेकिन पुलिस इनकी पुष्टि नहीं कर सकी। इस बीच इस तरह की खबरें लगातार आती रहीं कि बरेली लौटे तब्लीगी जमाती लगातार अपने ठिकाने बदल-बदलकर पुलिस के हाथ आने से बचे हुए हैं। हालांकि अभी यह पता नहीं चला है कि ब्रह्मपुर में रहने वाले युवक की साली संक्रमित है या नहीं और उसका जमात से कोई संबंध है या नहीं।
28 अप्रैल को देर रात हुई थी हजियापुर के युवक की मौत
बरेली जिले में 28 अप्रैल को कोरोना संक्रमण से पहली मौत हुई थी। कोविड लेवल दो अस्पताल में भर्ती नगर निगम क्षेत्र के हजियापुर निवासी कोरोना संक्रमित मरीज ने मंगलवार देर रात दम तोड़ दिया था।
35 वर्षीय युवक ने बीते 25 अप्रैल को ही जांच कराई थी, जिसके बाद 27 अप्रैल को उसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। वह पहले से ही मधुमेह का मरीज था और उसे सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी। संक्रमित युवक एक अस्पताल में मेडिकल प्रैक्टिस करता था, साथ ही टीबी डॉट्स सेंटर भी चलाता था।