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कोरोना : अब निजी अस्पतालों पर फोकस, स्टाफ की होगी सैंपलिंग
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय में सेंपलिंग करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
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चार, पांच और छह दिसंबर को निजी अस्पतालों में पहुंचेंगी स्वास्थ्य विभाग की टीमें
विदेश और अतिसंवेदनशील राज्यों से आने वालों की निगरानी के लिए गाइडलाइन जारी
बरेली। कोरोना संक्रमितों की तलाश के लिए कॉलेजों के बाद अब निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में फोकस सैंपलिंग की जाएगी। शासन से निर्देश मिलने के बाद आईडीएसपी ने सैंपलिंग की तैयारी पूरी कर ली है। उधर, विदेश से आने वालों समेत कोरोना संदिग्ध संक्रमितों की ट्रैकिंग और ट्रेसिंग के लिए गाइडलाइन जारी कर दी गई है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट कर दिया गया है।
प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर जारी किए गए अलर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। आमतौर पर प्रतिदिन हो रही दो हजार सैंपलिंग में करीब पांच सौ की वृद्धि हुई है। इधर, एक दिसंबर से उच्च शिक्षण संस्थानों में लगातार कोरोना की जांच की जा रही है। एंटीजन में निगेटिव रिपोर्ट वालों की हालत संदिग्ध मिलने पर आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल ले रहे हैं। बृहस्पतिवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय, खंडेलवाल कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेकभनोलॉजी, रुहेलखंड डेंटल कॉलेज में विद्यार्थी और स्टाफ समेत करीब पांच सौ जांच की गई हैं। सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव मिली है।
आईडीएसपी इंचार्ज डॉ. अनुराग गौतम ने बताया कि अब चार से छह दिसंबर तक निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में सैंपलिंग किए जाने के निर्देश शासन की ओर से मिले हैं। इसकी उच्चाधिकारियों से भी अनुमति मिल चुकी है। केमिस्ट, नर्सिंग होम, निजी अस्पताल और फिर सरकारी अस्पताल के स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ, रजिस्ट्रेशन, बिलिंग, रिसेप्शन, हाउस कीपिंग, मेस स्टाफ की सैंपलिंग की तैयारी कर ली गई है।
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अस्पतालों में कोरोना फैलने का अंदेशा ज्यादा
डॉ. गौतम के मुताबिक कोरोना के लक्षण सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं। मरीज मेडिकल स्टोर से बुखार, सर्दी, जुकाम, सीने में जकड़न आदि की दवाएं खरीद लेते हैं। हालत गंभीर होने पर वे अस्पताल पहुंचते हैं। फ्रंटलाइन वर्कर होने की वजह से सबसे पहले संदिग्ध संक्रमित के संपर्क में अस्पताल के कर्मचारी, चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ रहता है, इसलिए अस्पताल में मौजूद संदिग्ध मरीजों की भी जांच होगी।
सीएचसी, पीएचसी के लिए निर्देश जारी
सीएमओ डॉ. बलबीर सिंह ने विदेश से आने वाले यात्रियों की निगरानी के लिए बृहस्पतिवार को सभी सीएचसी, पीएचसी को दिशानिर्देश जारी कर दिए। चिकित्सालय में कोई अंतरराष्ट्रीय यात्री/देश के संवेदनशील राज्यों से आने वाले यात्रियों में कोरोना के लक्षण हैं तो उनकी आरटीपीसीआर जांच होगी। साथ ही, विभाग की मेल आईडी पर यात्री के संबंध में पूरी जानकारी देने को कहा गया है।
यात्रियों की जांच के लिए गाइडलाइन
- सभी यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग, लक्षण मिलने पर आरटीपीसीआर जांच होगी।
- एयरपोर्ट पर संदिग्ध लक्षण न मिलने पर भी रैंडम दस फीसदी यात्रियों की जांच होगी।
- विदेश से आने वाले यात्रियों को आठ दिन तक आइसोलेशन में रखा जाएगा।
- टोल प्लाजा, रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डों पर अतिसंवेदनशील राज्यों से आने वालों की जांच होगी।
- नए वैरिएंट ओम्रिकॉन की रोकथाम के लिए शासनादेश का अनुपालन करना होगा।
- विदेश से आने के बाद संक्रमित मिले व्यक्ति के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग की जाएगी।
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विदेश और अतिसंवेदनशील राज्यों से आने वालों की निगरानी के लिए गाइडलाइन जारी
बरेली। कोरोना संक्रमितों की तलाश के लिए कॉलेजों के बाद अब निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में फोकस सैंपलिंग की जाएगी। शासन से निर्देश मिलने के बाद आईडीएसपी ने सैंपलिंग की तैयारी पूरी कर ली है। उधर, विदेश से आने वालों समेत कोरोना संदिग्ध संक्रमितों की ट्रैकिंग और ट्रेसिंग के लिए गाइडलाइन जारी कर दी गई है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट कर दिया गया है।
प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर जारी किए गए अलर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। आमतौर पर प्रतिदिन हो रही दो हजार सैंपलिंग में करीब पांच सौ की वृद्धि हुई है। इधर, एक दिसंबर से उच्च शिक्षण संस्थानों में लगातार कोरोना की जांच की जा रही है। एंटीजन में निगेटिव रिपोर्ट वालों की हालत संदिग्ध मिलने पर आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल ले रहे हैं। बृहस्पतिवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय, खंडेलवाल कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेकभनोलॉजी, रुहेलखंड डेंटल कॉलेज में विद्यार्थी और स्टाफ समेत करीब पांच सौ जांच की गई हैं। सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव मिली है।
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आईडीएसपी इंचार्ज डॉ. अनुराग गौतम ने बताया कि अब चार से छह दिसंबर तक निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में सैंपलिंग किए जाने के निर्देश शासन की ओर से मिले हैं। इसकी उच्चाधिकारियों से भी अनुमति मिल चुकी है। केमिस्ट, नर्सिंग होम, निजी अस्पताल और फिर सरकारी अस्पताल के स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ, रजिस्ट्रेशन, बिलिंग, रिसेप्शन, हाउस कीपिंग, मेस स्टाफ की सैंपलिंग की तैयारी कर ली गई है।
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अस्पतालों में कोरोना फैलने का अंदेशा ज्यादा
डॉ. गौतम के मुताबिक कोरोना के लक्षण सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं। मरीज मेडिकल स्टोर से बुखार, सर्दी, जुकाम, सीने में जकड़न आदि की दवाएं खरीद लेते हैं। हालत गंभीर होने पर वे अस्पताल पहुंचते हैं। फ्रंटलाइन वर्कर होने की वजह से सबसे पहले संदिग्ध संक्रमित के संपर्क में अस्पताल के कर्मचारी, चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ रहता है, इसलिए अस्पताल में मौजूद संदिग्ध मरीजों की भी जांच होगी।
सीएचसी, पीएचसी के लिए निर्देश जारी
सीएमओ डॉ. बलबीर सिंह ने विदेश से आने वाले यात्रियों की निगरानी के लिए बृहस्पतिवार को सभी सीएचसी, पीएचसी को दिशानिर्देश जारी कर दिए। चिकित्सालय में कोई अंतरराष्ट्रीय यात्री/देश के संवेदनशील राज्यों से आने वाले यात्रियों में कोरोना के लक्षण हैं तो उनकी आरटीपीसीआर जांच होगी। साथ ही, विभाग की मेल आईडी पर यात्री के संबंध में पूरी जानकारी देने को कहा गया है।
यात्रियों की जांच के लिए गाइडलाइन
- सभी यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग, लक्षण मिलने पर आरटीपीसीआर जांच होगी।
- एयरपोर्ट पर संदिग्ध लक्षण न मिलने पर भी रैंडम दस फीसदी यात्रियों की जांच होगी।
- विदेश से आने वाले यात्रियों को आठ दिन तक आइसोलेशन में रखा जाएगा।
- टोल प्लाजा, रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डों पर अतिसंवेदनशील राज्यों से आने वालों की जांच होगी।
- नए वैरिएंट ओम्रिकॉन की रोकथाम के लिए शासनादेश का अनुपालन करना होगा।
- विदेश से आने के बाद संक्रमित मिले व्यक्ति के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग की जाएगी।