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मीरानपुर कटरा का फीलनगर कंटेन्मेंट जोन घोषित
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कंटेन्मेंट जोन घोषित मीरानपुर कटरा के गांव फीलनगर को सैनिटाइज करता दमकल कर्मी।
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। ग्रीन जोन में शामिल शाहजहांपुर में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ने से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग टेंशन में है। संक्रमितों की संख्या बढ़ने से प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। मुंबई से लौटे प्रवासी युवक के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद मीरानपुर कटरा का फीलनगर गांव कंटेन्मेंट जोन घाषित कर दिया गया है। बैरियर लगाकर पांच सौ मीटर का इलाका सील कर दिया गया है। वहां पुलिस तैनात करने के साथ लोगों से घरों के अंदर रहने को कहा है। उधर, मिर्जापुर के बानगांव में चार कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद से लोग दहशत में हैं। वहां शनिवार को भी गलियां में सन्नाटा पसरा रहा।
मीरानपुर कटरा। कस्बे से करीब दो किलोमीटर दूर बसे गांव फीलनगर निवासी प्रवासी व्यक्ति मुंबई स्थित एक पेंट कंपनी में नौकरी करता था। वह 30 मई को घर लौटा था। हॉटस्पॉट बने मुंबई से लौटने के कारण युवक ने लौटते पत्नी को फोन करके बच्चों समेत मायके भेज दिया था। यहां पहुंचने के बाद दो जून को जिला मुख्यालय पर उसकी थर्मल स्क्रीनिंग करने के साथ ब्लड सैंपल। बृहस्पतिवार देर रात उसकी जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इसके बाद फीलनगर गांव को कंटेन्मेंट जोन घोषित कर दिया गया। साथ ही गलियों में बैरियर लगाकर पांच सौ मीटर का इलाका सील कर दिया गया है। लोग घरों से बाहर न निकलें इसके लिए गांव में पुलिस तैनात है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को फीलनगर जाकर गांव को सैनिटाइज किया। एसडीएम वेद सिंह चौहान दिन भर फीलनगर के बारे में जानकारी लेते रहे।
मिर्जापुर। बानगांव के लगभग सौ लोग दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में काम करते थे। लॉकडाउन लगने के बाद लगभग सभी अपने घर लौट आए। बानगांव के कुछ लोग गुरुग्राम स्थित कपड़ा फैक्ट्री में काम करते थे। वहां से 25 मई को आठ लोग किराए गाड़ी में घर लौटे थे। यहां पहुंचने पर उनके सैंपल लेकर जांच कराई गई तो एक प्रवासी और उनके दो बच्चे कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। उसकी पत्नी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी। गुरुग्राम से आने वाले छह लोगों के ब्लड सैंपल जांच के लिए दो जून को भेजे गए थे। इनमें शुक्रवार को 45 वर्षीय प्रवासी की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने बानगांव में सख्ती बढ़ा दी। शनिवार को बनगांव में पुलिस मुस्तैद रही और किसी को बाहर नहीं निकलने दिया। इससे गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में सर्वे कर रही है।
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सर्वे में सात लोग संदिग्ध मिले, जांच को भेजे
कोरोना संक्रमित मिलने के बाद से स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में सर्वे कर रही है। शुक्रवार को गांव में 10 लोग मिले थे, जिन्हें सीएचसी ले जाकर जांच की गई, जिनमें संक्रमित के परिजन भी शामिल थे। शनिवार को वहां सात लोग ऐसे पाए गए, जिन्हें बुखार की शिकायत थी। इन सभी को जांच के लिए सीएचसी ले जाया गया। हालांकि जांच के दौरान उनमें कोरोना के लक्षण नहीं पाए गए। फिर भी उनसे घर के अंदर रहने और एहतियात बरतने को कहा गया है।
फीलनगर को कंटेन्मेंट जोन घोषित किया गया है। लोगों से घरों के अंदर रहने को कहा गया है। पांच सौ मीटर का एरिया सील करने के साथ पुलिस लगा दी गई है। गांव में ज्यादातर लोग खेती करते हैं। पशुओं को चारा आदि लाने के काम से खेतों पर जाने की छूट दी गई है। गांव में बेवजह घूमने की इजाजत किसी को नहीं है।
वेद सिंह चौहान, एसडीएम तिलहर
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मीरानपुर कटरा। कस्बे से करीब दो किलोमीटर दूर बसे गांव फीलनगर निवासी प्रवासी व्यक्ति मुंबई स्थित एक पेंट कंपनी में नौकरी करता था। वह 30 मई को घर लौटा था। हॉटस्पॉट बने मुंबई से लौटने के कारण युवक ने लौटते पत्नी को फोन करके बच्चों समेत मायके भेज दिया था। यहां पहुंचने के बाद दो जून को जिला मुख्यालय पर उसकी थर्मल स्क्रीनिंग करने के साथ ब्लड सैंपल। बृहस्पतिवार देर रात उसकी जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इसके बाद फीलनगर गांव को कंटेन्मेंट जोन घोषित कर दिया गया। साथ ही गलियों में बैरियर लगाकर पांच सौ मीटर का इलाका सील कर दिया गया है। लोग घरों से बाहर न निकलें इसके लिए गांव में पुलिस तैनात है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को फीलनगर जाकर गांव को सैनिटाइज किया। एसडीएम वेद सिंह चौहान दिन भर फीलनगर के बारे में जानकारी लेते रहे।
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मिर्जापुर। बानगांव के लगभग सौ लोग दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में काम करते थे। लॉकडाउन लगने के बाद लगभग सभी अपने घर लौट आए। बानगांव के कुछ लोग गुरुग्राम स्थित कपड़ा फैक्ट्री में काम करते थे। वहां से 25 मई को आठ लोग किराए गाड़ी में घर लौटे थे। यहां पहुंचने पर उनके सैंपल लेकर जांच कराई गई तो एक प्रवासी और उनके दो बच्चे कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। उसकी पत्नी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी। गुरुग्राम से आने वाले छह लोगों के ब्लड सैंपल जांच के लिए दो जून को भेजे गए थे। इनमें शुक्रवार को 45 वर्षीय प्रवासी की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने बानगांव में सख्ती बढ़ा दी। शनिवार को बनगांव में पुलिस मुस्तैद रही और किसी को बाहर नहीं निकलने दिया। इससे गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में सर्वे कर रही है।
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सर्वे में सात लोग संदिग्ध मिले, जांच को भेजे
कोरोना संक्रमित मिलने के बाद से स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में सर्वे कर रही है। शुक्रवार को गांव में 10 लोग मिले थे, जिन्हें सीएचसी ले जाकर जांच की गई, जिनमें संक्रमित के परिजन भी शामिल थे। शनिवार को वहां सात लोग ऐसे पाए गए, जिन्हें बुखार की शिकायत थी। इन सभी को जांच के लिए सीएचसी ले जाया गया। हालांकि जांच के दौरान उनमें कोरोना के लक्षण नहीं पाए गए। फिर भी उनसे घर के अंदर रहने और एहतियात बरतने को कहा गया है।
फीलनगर को कंटेन्मेंट जोन घोषित किया गया है। लोगों से घरों के अंदर रहने को कहा गया है। पांच सौ मीटर का एरिया सील करने के साथ पुलिस लगा दी गई है। गांव में ज्यादातर लोग खेती करते हैं। पशुओं को चारा आदि लाने के काम से खेतों पर जाने की छूट दी गई है। गांव में बेवजह घूमने की इजाजत किसी को नहीं है।
वेद सिंह चौहान, एसडीएम तिलहर