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Bareilly News: चहेती फर्म के लिए बदलती रही शर्तें, टेंडर हुआ निरस्त
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बरेली। चहेती फर्म को टेंडर दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग में खेल का सिलसिला थम नहीं रहा। मामले का खुलासा डीएम से हुई शिकायत के बाद हुआ। इसमें ट्रेवल एजेंसी संचालक ने सीएमओ पर चहेती फर्म को टेंडर दिलाने में शर्तें बदलने का आरोप लगाया गया था। मामला खुलने के बाद सीएमओ ने टेंडर निरस्त कर दिया है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, टेंडर जैम पोर्टल के जरिये हुआ। आरोप था कि जैम पोर्टल पर बिड में नई शर्तें लागू कर दी गईं। इसका उद्देश्य चहेती फर्म को टेंडर देना रहा। जेड सर्टिफिकेट, एनएसआईसी की मांग की। एलआईएन सर्टिफिकेट और 9-C ऑडिटेड रिपोर्ट भी अनिवार्य किया। पर बिड में इसकी कोई जरूरत नहीं है। टेंडर दो अलग-अलग कार्यों से संबंधित होने के बजाय एक ही बिड में शामिल किए गए। डीएम से नई शर्तों को हटाकर दोबारा बिड कराने की मांग की थी। लिहाजा, डीएम ने सीडीओ को समिति का नोडल बनाया था, लेकिन डीएम के दिशा-निर्देश दरकिनार कर बगैर सीडीओ की अनुमति के बिड अपलोड की और टेक्निकल बिड खोल दी। फाइनेंस बिड खोलने के लिए सीडीओ के पास फाइल पहुंची तो प्रकरण का खुलासा हुआ। अब सीडीओ जग प्रवेश के निर्देश पर टेंडर निरस्त कर दिया गया है।
सवाल : नियम नहीं बदले तो टेंडर निरस्त क्यों
सीएमओ का दावा है कि टेंडर के नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ। फिर आखिर ऐसी क्या वजह थी कि प्रकरण सामने आने के बाद सीडीओ के निर्देश पर टेंडर निरस्त कर दिया। टेक्नीकल बिड खोलने के लिए सीडीओ की अनुमति क्यों नहीं ली। इस पर कोई जवाब नहीं दे रहे। इन मामलों से विभाग पर सवाल उठ रहे हैं। मामला कार्यालय में चर्चा का विषय बना है।
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वर्जन
टेंडर प्रक्रिया के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आरोप निराधार हैं। हालांकि अब टेंडर निरस्त कर दिया गया है। -डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
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शिकायतकर्ता के मुताबिक, टेंडर जैम पोर्टल के जरिये हुआ। आरोप था कि जैम पोर्टल पर बिड में नई शर्तें लागू कर दी गईं। इसका उद्देश्य चहेती फर्म को टेंडर देना रहा। जेड सर्टिफिकेट, एनएसआईसी की मांग की। एलआईएन सर्टिफिकेट और 9-C ऑडिटेड रिपोर्ट भी अनिवार्य किया। पर बिड में इसकी कोई जरूरत नहीं है। टेंडर दो अलग-अलग कार्यों से संबंधित होने के बजाय एक ही बिड में शामिल किए गए। डीएम से नई शर्तों को हटाकर दोबारा बिड कराने की मांग की थी। लिहाजा, डीएम ने सीडीओ को समिति का नोडल बनाया था, लेकिन डीएम के दिशा-निर्देश दरकिनार कर बगैर सीडीओ की अनुमति के बिड अपलोड की और टेक्निकल बिड खोल दी। फाइनेंस बिड खोलने के लिए सीडीओ के पास फाइल पहुंची तो प्रकरण का खुलासा हुआ। अब सीडीओ जग प्रवेश के निर्देश पर टेंडर निरस्त कर दिया गया है।
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सवाल : नियम नहीं बदले तो टेंडर निरस्त क्यों
सीएमओ का दावा है कि टेंडर के नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ। फिर आखिर ऐसी क्या वजह थी कि प्रकरण सामने आने के बाद सीडीओ के निर्देश पर टेंडर निरस्त कर दिया। टेक्नीकल बिड खोलने के लिए सीडीओ की अनुमति क्यों नहीं ली। इस पर कोई जवाब नहीं दे रहे। इन मामलों से विभाग पर सवाल उठ रहे हैं। मामला कार्यालय में चर्चा का विषय बना है।
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टेंडर प्रक्रिया के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आरोप निराधार हैं। हालांकि अब टेंडर निरस्त कर दिया गया है। -डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ