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...और इस तरह टूट गया रजवी-सकलैनी समझौता
बरेली
Updated Sun, 12 Jul 2015 01:38 AM IST
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बरेली। करमपुर चौधरी के मदरसे में जलसे के दौरान बवाल होने के बाद रजवियों पर मुकदमा लिखाने के बाद समझौते के लिए नबीर-ए-आला हजरत मौलाना तसलीम रजा खां ने सिलसिलों की लड़ाई को खत्म करने को पहल तो की, लेकिन दिलों की दूरियां कम नहीं हो पाईं। नतीजा सामने है कि सवा महीने में ही समझौता टूट गया। और दिलों की खाई और चौड़ी हो गई।
थाना करमपुर चौधरी में 27 मई की रात में सकलैनियों के जलसे पर रजवी सिलसिले के लोगों ने पथराव करके पहले से ही चल रही सिलसिलों की जंग को और हवा देने का काम किया था। इस मामले में सकलैनियों की तरफ से करमपुर चौधरी की दो मस्जिदों के इमामों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया। बात यहीं तक नहीं रही, पुलिस ने गिरफ्तारियां भी कीं। इसी बीच छह जून को मौलाना तसलीम रजां खां अचानक दरगाह शाह शराफत मियां की दरगाह के मेहमान खाने में पहुंच गए। वहां उन्होंने हजरत शाह सकलैन एके डमी के संरक्षक मुमताज मियां से गले मिलकर पुराने गिले सिकवे दूर करने को कहा। उस दिन मुमताज मियां और तसलीम रजा खां दोनों के गले में मालाएं पड़ी थीं। गले भी मिलकर मसले निपटाने की बातें भी होती रहीं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी थे, जो कह रहे थे कि बाकी सभी बातों में समझौता हो गया है, लेकिन करमपुर चौधरी में सकलैनियों पर हमला करने वालों को जेल जाना होगा। इसके लिए हमारी कोशिश जारी रहेगा। हुआ भी यही समझौते के बाद सक लैनी कमरपुर चौधरी के हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए कलेक्ट्रेट पहुंच गए। शुक्रवार को शाहबाद की शाही मस्जिद के मुअज्जिन के साथ मारपीट के बाद फिर रजवी और सकलैनी आमने-सामने आ गए, लेकिन मुमताज मियां ने कहा कि कोई खास बात नहीं है। मामूली सा विवाद हो गया था। हमने बैठाकर निपटा दिया है। विवाद को 24 घंटे भी नहीं बीत पाए कि शनिवार को एक बार फिर सिलसिलों की लड़ाई शुरू हो गई। रजवी सिलसिले के लोगों ने सकलैनियों पर ब्रह्मपुरा(शाहबाद) क्षेत्र में स्थित मस्जिदों के रजवी इमामों पर हमले करने का आरोप लगाते हुए थाना प्रेमनगर पहुंच गए। रजवियों का कहना था कि सकलैनियों ने न सिर्फ छत वाली मस्जिद के इमाम तय्यबउर्रहान को पीटा, बल्कि नील गरान मस्जिद के मौलाना इमाम, कच्ची मस्जिद के इमाम मोहम्मद गयासुद्दीन, बेले वाली मस्जिद के इमाम नूरुल इस्लाम से भी बदसलूकी की गई। रजवियों का आरोप है कि सकलैनी अपने क्षेत्र में स्थित मस्जिदों में रजवी इमामों को हटाने के इरादे से ऐसा कर रहे हैं।
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उग्र भीड़ के इरादे देख आरएएफ ने संभाला मोर्चा
बरेली। प्रेमनगर थाने के एक गेट पर सकलैनियों का हुजूम था तो दूसरे गेट पर रजवी जमे थे। दोनों ही पक्षों के दिल में एक दूसरे पर टूटने का इरादा था, मगर बीच में पुलिस फोर्स के चलते वह अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पा रहे थे। थाने के अंदर ही नहीं , बल्कि बाहर भी भीड़ पुलिस से धक्का मुक्की कर रही थी। भीड़ की जोर जबरदस्ती देख आरएएफ को मौके पर बुलाया गया, तब उग्र लोगों के हौसले पस्त हुए और अपने अपने घरों को वापस हुए। पीछे पीछे पुलिस भी उनके साथ गई, ताकि वह फिर न भिड़ जाएं। इसके बाद सीओ सिटी प्रथम मुकुल द्विवेदी ने आरएएफ के साथ शाहबाद में फ्लैग मार्च किया।
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थाना करमपुर चौधरी में 27 मई की रात में सकलैनियों के जलसे पर रजवी सिलसिले के लोगों ने पथराव करके पहले से ही चल रही सिलसिलों की जंग को और हवा देने का काम किया था। इस मामले में सकलैनियों की तरफ से करमपुर चौधरी की दो मस्जिदों के इमामों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया। बात यहीं तक नहीं रही, पुलिस ने गिरफ्तारियां भी कीं। इसी बीच छह जून को मौलाना तसलीम रजां खां अचानक दरगाह शाह शराफत मियां की दरगाह के मेहमान खाने में पहुंच गए। वहां उन्होंने हजरत शाह सकलैन एके डमी के संरक्षक मुमताज मियां से गले मिलकर पुराने गिले सिकवे दूर करने को कहा। उस दिन मुमताज मियां और तसलीम रजा खां दोनों के गले में मालाएं पड़ी थीं। गले भी मिलकर मसले निपटाने की बातें भी होती रहीं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी थे, जो कह रहे थे कि बाकी सभी बातों में समझौता हो गया है, लेकिन करमपुर चौधरी में सकलैनियों पर हमला करने वालों को जेल जाना होगा। इसके लिए हमारी कोशिश जारी रहेगा। हुआ भी यही समझौते के बाद सक लैनी कमरपुर चौधरी के हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए कलेक्ट्रेट पहुंच गए। शुक्रवार को शाहबाद की शाही मस्जिद के मुअज्जिन के साथ मारपीट के बाद फिर रजवी और सकलैनी आमने-सामने आ गए, लेकिन मुमताज मियां ने कहा कि कोई खास बात नहीं है। मामूली सा विवाद हो गया था। हमने बैठाकर निपटा दिया है। विवाद को 24 घंटे भी नहीं बीत पाए कि शनिवार को एक बार फिर सिलसिलों की लड़ाई शुरू हो गई। रजवी सिलसिले के लोगों ने सकलैनियों पर ब्रह्मपुरा(शाहबाद) क्षेत्र में स्थित मस्जिदों के रजवी इमामों पर हमले करने का आरोप लगाते हुए थाना प्रेमनगर पहुंच गए। रजवियों का कहना था कि सकलैनियों ने न सिर्फ छत वाली मस्जिद के इमाम तय्यबउर्रहान को पीटा, बल्कि नील गरान मस्जिद के मौलाना इमाम, कच्ची मस्जिद के इमाम मोहम्मद गयासुद्दीन, बेले वाली मस्जिद के इमाम नूरुल इस्लाम से भी बदसलूकी की गई। रजवियों का आरोप है कि सकलैनी अपने क्षेत्र में स्थित मस्जिदों में रजवी इमामों को हटाने के इरादे से ऐसा कर रहे हैं।
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उग्र भीड़ के इरादे देख आरएएफ ने संभाला मोर्चा
बरेली। प्रेमनगर थाने के एक गेट पर सकलैनियों का हुजूम था तो दूसरे गेट पर रजवी जमे थे। दोनों ही पक्षों के दिल में एक दूसरे पर टूटने का इरादा था, मगर बीच में पुलिस फोर्स के चलते वह अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पा रहे थे। थाने के अंदर ही नहीं , बल्कि बाहर भी भीड़ पुलिस से धक्का मुक्की कर रही थी। भीड़ की जोर जबरदस्ती देख आरएएफ को मौके पर बुलाया गया, तब उग्र लोगों के हौसले पस्त हुए और अपने अपने घरों को वापस हुए। पीछे पीछे पुलिस भी उनके साथ गई, ताकि वह फिर न भिड़ जाएं। इसके बाद सीओ सिटी प्रथम मुकुल द्विवेदी ने आरएएफ के साथ शाहबाद में फ्लैग मार्च किया।
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