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Bareilly News: पॉलीग्राफ टेस्ट से भागा कंपाउंडर तो खुला दो हत्याओं का राज, झोलाछाप भी गिरफ्तार

Fri, 13 Feb 2026 12:56 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 13 Feb 2026 12:56 AM IST
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Compounder ran away from polygraph test, secret of two murders revealed, quack also arrested
बरेली। क्योलड़िया थाना पुलिस ने बृहस्पतिवार को किशोरी के अपहरण व हत्या की वारदात का खुलासा कर दिया। इसके साथ ही आठ साल पहले हुई महिला की हत्या का राज भी खुल गया। दरअसल, किशोरी के एक प्रेमी ने भी कुछ माह पहले आत्महत्या कर ली थी। आरोपी कंपाउंडर के पॉलीग्राफ टेस्ट से बचने की वजह से ये खुलासा हो सका। आरोपी झोलाछाप व उसके कंपाउंडर को कोर्ट से जेल भेज दिया गया।
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एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि क्योलड़िया थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण ने आठ जनवरी 2025 को अपनी 16 वर्षीय बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की जांच में किशोरी का मोबाइल फोन नहीं मिला, लेकिन उसकी डिटेल में कई लड़कों के नंबर आए। उनसे पूछताछ से भी कोई नतीजा नहीं निकला। फिर सितंबर 2025 में कैलाश नदी किनारे गन्ने के खेत से गुंथी हुई सिर की चोटी, कपड़े व हड्डियां मिलीं।
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किशोरी की मां के रक्त आदि के नमूनों की डीएनए जांच से पुष्टि हुई कि अवशेष उनकी बेटी के ही हैं। जांच में गांव के ही सलीम हुसैन की गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो उससे पूछताछ की गई। सलीम ने स्वीकार किया कि वह किशोरी का प्रेमी है। घटना वाले दिन भी उसकी मुलाकात हुई थी, लेकिन उसने हत्या नहीं की। ब्यूरो
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पॉलीग्राफ टेस्ट की सहमति देने के बाद घबराया तो फंसा
एसपी ने बताया कि पुलिस ने पूछा कि वह पॉलीग्राफ टेस्ट करवा सकता है तो सलीम ने सहमति दे दी। न्यायालय की अनुमति से सलीम का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। सीबीआई की गाजियाबाद यूनिट से पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए चार व पांच फरवरी की तारीख मिली। इसका नोटिस मिलते ही सलीम भाग निकला। जांच में सामने आया कि वह भौआ बाजार स्थित एक क्लीनिक में झोलाछाप अमित उर्फ आसिम के साथ काम करता था। पुलिस क्लीनिक पर पूछताछ के लिए गई तो पता लगा कि अमित भी भाग चुका है। दोनों आरोपी कोलकाता भागने के लिए रुपये का इंतजाम कर रहे थे, तभी पकड़ लिए गए।
झोलाछाप बोला- आठ साल पहले पत्नी को न मारता तो नीले ड्रम में मिलता
पूछताछ में झोलाछाप अमित ने वर्ष 2017 में पत्नी रजनी की हत्या की बात स्वीकार कर ली। उसने बताया कि उसकी पत्नी उन्नाव जिले की निवासी थी। कई लोगों से उसके संबंध थे। एक बार विवाद ज्यादा बढ़ गया तो उसने प्रधान की मौजूदगी में पंचायत कर पत्नी से अलग होने का समझौता लिखवा लिया। पत्नी कुछ रुपये व सामान लेकर उसके घर से चली गई। उसे लगा कि सब ठीक हो जाएगा, लेकिन पत्नी ने फिर उसे कॉल करके परेशान करना शुरू कर दिया। उसे लगा कि पत्नी जिंदा रही तो अपने किसी प्रेमी से उसकी हत्या करवा देगी। तब उसने पत्नी को गांव के बाहर एकांत में रात के वक्त बुलाया। वहां कंपाउंडर सलीम के साथ मिलकर गला दबाकर उसकी हत्या की और शव कैलाश नदी के किनारे दफना दिया। चूंकि उसके पास पत्नी के खुद ही जाने का शपथपत्र था तो उसे पत्नी के मायके वालों व रिश्तेदारों को भेज दिया। सभी ने मान लिया कि पत्नी किसी और के साथ चली गई। इसलिए मामला आज तक दबा रहा।
सलीम ने कबूला- गले पड़ गई थी प्रेमिका तो गला कस दिया
राजफाश होने पर सलीम ने कबूल किया कि जनवरी 2025 में उसने प्रेमिका से रात में वीडियो कॉल पर बात की। प्रेमिका ने उसे रात में घर की तरफ बुला लिया। वह दोनों घर के बाहर अंधेरे में बात कर रहे थे कि किशोरी के पिता बाहर आकर उसे खोजने लगे। तब दोनों खेतों की ओर भाग गए। वहां करीब एक घंटा गुजारने के बाद जब उसने प्रेमिका से अपने घर जाने के लिए कहा तो वह बोली- पिता उसकी हत्या कर देंगे। वह वहीं से किसी दूसरे शहर ले जाने की जिद करने लगी। वह जानता था किशोरी के उसके अलावा भी लोगों से संबंध हैं तो वह उससे शादी करने या साथ भागने के लिए तैयार नहीं था। दोनों में बहस हुई। फिर उसने गन्ने के खेत में दुपट्टे से गला कसकर किशोरी की हत्या कर दी। उसके शव को गन्ने में ही छिपा दिया। उसका मोबाइल फोन बंद करके नदी में फेंक दिया।

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थाना पुलिस, सर्विलांस, साइबर सेल व एसओजी की संयुक्त टीमों ने यह खुलासा किया है। डीएनए व अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह मुमकिन हुआ है। आरोपी पॉलीग्राफ टेस्ट से घबरा गया था। झोलाछाप ने इसे नार्को टेस्ट समझकर उसे डरा दिया था। चूंकि, वह आठ साल पहले इसी तरह की घटना कर चुका था तो वह पुलिस से भागने लगा। दोनों आरोपियों को फिलहाल कोर्ट ने जेल भेजा है। अन्य बिंदुओं पर विवेचना जारी है। - मुकेश चंद्र मिश्रा, एसपी उत्तरी
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