{"_id":"6827aaa25be554c12608e6e8","slug":"complaints-are-correct-rs-36111-will-be-recovered-bareilly-news-c-4-lko1064-641683-2025-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: शिकायतें सही, 36,111 रुपये की होगी वसूली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: शिकायतें सही, 36,111 रुपये की होगी वसूली
विज्ञापन
बरेली । रामनगर ब्लाॅक की ग्राम पंचायत लिलौर सहसा के विकास कार्यों में घपलेबाजी थम नहीं रही। ताजा मामला प्रधान आरती की शिकायत पर हुई जांच में सामने आया है। इस पर मनरेगा लोकपाल ने ग्राम पंचायत की त्रिस्तरीय समिति के अध्यक्ष, पंचायत सचिव और तकनीकी सहायक से 36,111 रुपये वसूली की संस्तुति की है। पहले भी दो मामलों में रिकवरी प्रस्तावित हुई लेकिन, अधिकारी अब तक वसूली नहीं कर पाए हैं।
कुछ समय पूर्व गांव की प्रधान आरती के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार छीनकर वहां मनोज सिंह की अध्यक्षता में त्रिस्तरीय समिति बन गई थी। कोर्ट से बहाली के बाद आरती को दोबारा प्रधान पद के सभी अधिकार मिल गए। इस बीच त्रिस्तरीय समिति की तरफ से मनरेगा से कराए गए कार्यों पर सवाल उठाते हुए प्रधान आरती ने लोकपाल से शिकायत कर दी। बताया जा रहा है कि इस मामले में बीडीओ ने लोकपाल को अभिलेख नहीं दिए। पंचायत सचिव ने अधूरी फाइल दी। नोटिस जारी होने के बावजूद आरोपियों ने अपना पक्ष नहीं रखा।
मनरेगा लोकपाल शिशु पाल मौर्य ने मौके पर जाकर संबंधित कार्यों की जांच की। वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने पर उन्होंने त्रिस्तरीय समिति के अध्यक्ष, पंचायत सचिव और तकनीकी सहायक से 36,111 रुपये वसूली की संस्तुति की है। कार्रवाई के लिए फाइल सीडीओ को भेजी है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
कुछ समय पूर्व गांव की प्रधान आरती के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार छीनकर वहां मनोज सिंह की अध्यक्षता में त्रिस्तरीय समिति बन गई थी। कोर्ट से बहाली के बाद आरती को दोबारा प्रधान पद के सभी अधिकार मिल गए। इस बीच त्रिस्तरीय समिति की तरफ से मनरेगा से कराए गए कार्यों पर सवाल उठाते हुए प्रधान आरती ने लोकपाल से शिकायत कर दी। बताया जा रहा है कि इस मामले में बीडीओ ने लोकपाल को अभिलेख नहीं दिए। पंचायत सचिव ने अधूरी फाइल दी। नोटिस जारी होने के बावजूद आरोपियों ने अपना पक्ष नहीं रखा।
विज्ञापन
मनरेगा लोकपाल शिशु पाल मौर्य ने मौके पर जाकर संबंधित कार्यों की जांच की। वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने पर उन्होंने त्रिस्तरीय समिति के अध्यक्ष, पंचायत सचिव और तकनीकी सहायक से 36,111 रुपये वसूली की संस्तुति की है। कार्रवाई के लिए फाइल सीडीओ को भेजी है। संवाद
विज्ञापन