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Bareilly News: कागजों पर कलर कोडिंग, सड़कों पर बेतरतीब दौड़ रहे ई-रिक्शा

Fri, 13 Sep 2024 04:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 13 Sep 2024 04:03 AM IST
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Color coding on papers, e-rickshaws running randomly on the roads
एक साल से चल रही कवायद, दो एसपी ट्रैफिक बदले, बेतरतीब संचालन के कारण शहर को नहीं मिली जाम से निजात
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बरेली। एक साल में दो एसपी ट्रैफिक बदल गए, लेकिन शहर की ट्रैफिक व्यवस्था नहीं सुधरी। एक साल से चल रही ऑटो और ई-रिक्शा के तय रूटों पर कलर कोडिंग के अनुसार संचालन की कवायद भी आगे नहीं बढ़ सकी है। शहर में 48 स्थानों पर बनाए गए अस्थायी ठहराव स्थलों पर भी कब्जा हो गया है।
नए सिटी परमिट के ऑटो पर तीन साल से रोक है। शहर में सिटी परमिट की संख्या 3,500 से ज्यादा है। दूसरी ओर ई-रिक्शा के पंजीकरण पर कोई रोक न होने से इनकी धड़ाधड़ बिक्री हो रही है। ऑटो के मुकाबले ई-रिक्शा का पंजीकरण शुल्क काफी कम है और इसके संचालन के लिए परमिट की भी जरूरत नहीं है।
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पुलिस-प्रशासन कोई रूट भी निर्धारित नहीं कर सका है। इस कारण ई-रिक्शा का संचालन बेतरतीब तरीके से से मनमाने रूटों पर हो रहा है। पिछले साल जुलाई में ऑटो, ई-रिक्शा के कलर कोडिंग से संचालन के लिए छह रूट तय किए गए थे। यूनियनों के विरोध के कारण कवायद आगे नहीं बढ़ सकी।
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दिसंबर 2023 में ट्रैफिक पुलिस ने ज्यादा भीड़-भाड़ वाले इलाकों में इनके संचालन पर पाबंदी लगा दी, लेकिन कुछ दिन के बाद यहां भी समस्या जस की तस हो गई। इसका खामियाजा शहर के लोगों को जाम के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
दो एसपी ट्रैफिक बदलने के बाद अब अकमल खान को बरेली के एसपी ट्रैफिक की जिम्मेदारी मिली है। उनके सामने भी ऑटो, ई-रिक्शा की कलर कोडिंग और तय रूटों पर संचालन शुरू कराकर शहर को जाम से मुक्त करना चुनौती बना रहेगा।
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एक साल में 1800 से ज्यादा नए ई-रिक्शा पंजीकृत
एक साल में 1800 से ज्यादा नए ई-रिक्शा का पंजीकरण भी हो चुका है। इस बीच कई बड़ी कंपनियों ने बाजार में ई-रिक्शा उतार दिए हैं। इनका मॉडल पुराने सामान्य ई-रिक्शा के मुकाबले ज्यादा आधुनिक और हूबहू ऑटो की तरह है। सड़कों पर लगातार ई-रिक्शा के बढ़ते दबाव के बीच जाम की समस्या भी बढ़ती जा रही है। संवाद


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इस तरह प्रस्तावित है संचालन
लाल- जंक्शन से सुभाषनगर, चौपुला, खलील तिराहा, नाॅवल्टी चौराहा, पुराना बस अड्डा, सिकलापुर, बरेली कॉलेज, पटेल चौक।
पीला- सेटेलाइट बस स्टैंड से श्यामगंज, कालीबाड़ी, बरेली कॉलेज, पटेल चौक, नाॅवल्टी चौराहा, पुराना बस स्टैंड।
नीला- जंक्शन से कैंट क्षेत्र, कांधरपुर, बियावानी कोठी होते हुए सेटेलाइट बस स्टैंड तक।
हरा- कोहाड़ापीर पेट्रोल पंप तिराहा से कुदेशिया फाटक होते हुए इज्जतनगर स्टेशन तक।

रंग- इज्जतनगर स्टेशन से किला रेलवे क्रॉसिंग, हार्टमन फ्लाईओवर होते हुए किला रेलवे क्रॉसिंग तक।

केसरिया- डेलापीर से संजयनगर, मॉडल टाउन, ईंट पजाया, श्यामगंज पुल, साईं मंदिर, बरेली कॉलेज पूर्वी गेट, गांधी उद्यान।

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दिसंबर 2023 में प्रतिबंधित किए ये रूट
- किला क्रॉसिंग से साहूकारा।

- कुतुबखाना चौराहे से आलमगिरीगंज तिराहा तक।

- शिवाजी चौराहे से साहू गोपीनाथ स्कूल तक।

- चौकी चौराहे से कलक्ट्रेट गेट तक।

- सर्किट हाउस चौराहे से चौकी चौराहा तक।


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शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए योजना बनाकर काम किया जाएगा। पूर्व में क्या उपाय किए गए। वह कारगर क्यों नहीं हुए। इन सभी बिंदुओं पर अध्ययन करके और शहर के लोगों के सहयोग से व्यवस्था को सुधारा जाएगा। - मोहम्मद अकमल खान, एसपी ट्रैफिक
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