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कपड़ा व्यापारी और उनकी बहन की संदिग्ध मौत

Sun, 25 Apr 2021 01:25 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 25 Apr 2021 01:25 AM IST
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cloth merchant and his sister suspect death
बरेली। डिफेंस कॉलोनी के एक मकान में किराए पर रह रहे कपड़ा व्यापारी और उनकी बहन की 24 घंटे के अंतराल में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पड़ोस में रहने वाले वकील गौरांग गांगुली ने एंबुलेंस स्टाफ की मदद से कपड़ा व्यापारी का शव मकान की ऊपरी मंजिल से नीचे उतरवाया। उनके रिश्तेदारों के न आने पर वकील ने ही कपड़ा व्यवसायी का अंतिम संस्कार किया। इसके बाद व्यवसायी की बुजुर्ग बहन की भी मौत हो गई है। वकील की सूचना पर कानपुर से उनके रिश्तेदार चल दिए हैं।
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डिफेंस कॉलोनी में अपनी बुजुर्ग बहन के साथ किराये के मकान में रहने वाले 45 वर्षीय शंकर चौधरी कपडे़ का व्यवसाय करते थे। बृहस्पतिवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। रात में संदिग्ध हालात में उनकी मौत हो गई। कॉलोनी वालों को शुक्रवार सुबह उनकी मौत पता चला तो दहशत फैल गई। कोई शव के पास तक नहीं गया। बैरियर वन पुलिस को भी सूचना दी गई लेकिन पुलिस ने खानापूरी कर पल्ला झाड़ लिया। ऐसे में पड़ोस में रहने वाले वकील गौरांग गांगुली मदद के लिए आगे आए। उन्होंने एंबुलेंस को बुलाया और उसके ड्राइवर के साथ मिलकर शव को दूसरी मंजिल से नीचे उतारा। उसी एंबुलेंस से शव को श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया। शंकर चौधरी के रिश्तेदार कानपुर रहते हैं। वे अंतिम संस्कार के समय तक नहीं पहुंच पाए।
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24 घंटे के भीतर ही बुजुर्ग बहन की भी मौत
- शंकर चौधरी की बहन 70 वर्षीय पूर्णिमा चौधरी ने भी भाई की मौत के बाद दम तोड़ दिया। इससे कॉलोनी में दहशत फैल गई। पूर्णिमा चौधरी रेलवे से रिटायर थीं और अपने भाई के साथ ही रहती थीं। शुक्रवार को शंकर चौधरी का अंतिम संस्कार तो पड़ोसी वकील गौरांग गांगुली ने कर दिया था। इसके बाद गौरांग की तबियत भी कुछ खराब हो गई। इस बीच शुक्रवार रात शंकर चौधरी की बहन पूर्णिमा चौधरी की भी मौत हो गई। उनका शव कई घंटे बंद मकान में पड़ा रहा। शनिवार सुबह पूर्णिमा की मौत की खबर मिली तो गौरांग फिर मदद को आगे आए। हालांकि इस बार उन्होंने पहले पूर्णिमा के रिश्तेदारों को सूचना दी। रिश्तेदार कानपुर से चल दिए हैं। उनके आने के बाद ही अंतिम संस्कार करने की बात कही जा रही है। शनिवार देर शाम तक पूर्णिामा का शव मकान में रखा था। पूरे इलाके में भाई-बहन की कोरोना से मौत होने का शोर है। इसकी वजह से कोई मकान के पास तक नहीं जा रहा है।
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