फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   claims to have smart classes in all council schools of bareilly

Bareilly: दावा- सौ फीसदी स्मार्ट क्लास, हकीकत- बाधित रहती है बिजली आपूर्ति, कैसे चले टीवी-प्रोजेक्टर

Mon, 09 Oct 2023 06:27 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 09 Oct 2023 06:27 PM IST
सार

शिक्षकों और अभिभावकों का कहना है कि कुछ विद्यालयों में तो बिजली ही नहीं है और बाकी जहां है वहां स्कूल के समय अक्सर आपूर्ति बाधित रहती है। इसके चलते स्मार्ट कक्षाएं लग ही नहीं पातीं।

विज्ञापन
claims to have smart classes in all council schools of bareilly
स्मार्ट कक्षा में पढाई करते छात्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बेसिक शिक्षा विभाग ने बरेली को सभी परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास वाला यूपी का पहला जिला घोषित किया है। दावा है कि इससे विद्यार्थी डिजिटल कंटेंट प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन हकीकत इससे जुदा है। जिले में सभी विद्यालयों को स्मार्ट क्लास तो मिल गई, लेकिन 90 फीसदी स्कूलों में बिजली आपूर्ति ही बाधित रहती है। इससे स्कूलों में लगाए गए टीवी और प्रोजेक्टर काम नहीं कर रहे। ऐसे में बच्चों को उसका कोई लाभ नहीं मिल रहा।

विज्ञापन


शिक्षकों और अभिभावकों का कहना है कि कुछ विद्यालयों में तो बिजली ही नहीं है और बाकी जहां है वहां स्कूल के समय अक्सर आपूर्ति बाधित रहती है। इसके चलते स्मार्ट कक्षाएं लग ही नहीं पातीं। बच्चे प्रोजेक्टर के लिए लगाए गए बोर्ड को महज व्हाइट बोर्ड समझते हैं। उसकी उपयोगिता के बारे में उन्हें नहीं पता है। लगभग सभी जगह स्कूलों में बिजली आपूर्ति का यही हाल है। इसकी जानकारी विभाग को है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। 
विज्ञापन


शिक्षक बोले-  नहीं मिल रहा लाभ
शिक्षक सतेंद्र पाल का कहना है कि वीडियो के जरिये विद्यार्थियों को बेहतर समझ में आता है, लेकिन पर्याप्त बिजली आपूर्ति न होने से स्मार्ट कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं। कभी आधे घंटे के लिए बिजली आ भी जाती है तो सभी विद्यार्थियों को इसका लाभ नहीं मिल पाता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

शिक्षक नरेश गंगवार ने बताया कि विभाग तो यह दावा कर रहा है कि सभी स्कूलों को पूरी तरह से स्मार्ट कर दिया गया है, लेकिन अभी कई ब्लॉकों में कुछ स्कूल ऐसे हैं, जहां सिर्फ टीवी लगाई गई है, प्रोजेक्टर नहीं है। आधे-अधूरे संसाधनों को ही स्मार्ट क्लास का नाम दिया गया है। 

शिक्षक शशिकांत का कहना है कि अधिकतर स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं काम चलाऊ स्थिति में हैं। बिजली आपूर्ति की समस्या अधिकतर स्कूलों में है। अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान हर स्थिति से अवगत कराया जाता है, लेकिन इस मामले में कुछ भी करने में विभाग भी असमर्थ है। 

बीएसए संजय सिंह ने कहा कि लगभग सभी स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं शुरू कराना बड़ा लक्ष्य था। विभाग ने इसे पूरा किया है। बिजली आपूर्ति की समस्या के समाधान के लिए भी जल्द हल निकाला जाएगा। इस बार कंपोजिट ग्रांट की राशि से स्कूलों में इन्वर्टर खरीदने पर विचार किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed