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उड़ान की रकम पुराने सिस्टम में गई ‘उड़’
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Wed, 04 Apr 2018 06:02 PM IST
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plane
- फोटो : self
शासन ने पिछले दिनों नाथ नगरी एयर टर्मिनल परिसर में टैक्सी वे निर्माण के लिए 8.21 करोड़ रुपये की रकम जारी कर दी थी। इस रकम से किसानों को मुआवजा दिया जाना था, लेकिन जिला कोषागार की लापरवाही से किसानों के खातों में मुआवजे की रकम नहीं पहुंच पाई। इस बीच सिस्टम वित्तीय वर्ष की बंदी में व्यस्त हो गया, लिहाजा किसानों से होने वाली बैनामा प्रक्रिया अगले सप्ताह तक के लिए टल गई है।
नाथ नगरी एयर टर्मिनल के निर्माण के रास्ते में सरकारी सिस्टम ही आड़े आता रहा है। कभी किसानों से भूमि अधिग्रहण तो कभी वित्तीय स्वीकृति की समस्या बनी रही। इस बार जिला कोषागार ने किसानों को बतौर मुआवजा दी जाने वाली 8.21 करोड़ रुपये की रकम कंप्यूटर सिस्टम में फंसा दी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया टीम को किसानों से सीधे बैनामा कराने के लिए चार अप्रैल को बरेली आना था, लेकिन नए साफ्टवेयर में फंसी रकम किसानों के खातों मेें पहुंचने में कम से कम चार पांच दिन लग सकते हैं। लिहाजा टीम को फिलहाल बरेली न आने के लिए कह दिया गया है। ट्रेजरी ऑनलाइन कंप्यूटर सिस्टम दुरुस्त होते ही टीम को बुलाया जाएगा। इसमें कम से कम सप्ताह भर लग सकता है।
यह है मामला
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने जून तक बरेली से उड़ानें शुरू कराने का लक्ष्य तय किया था और इसके लिए वायुसेना मुख्यालय और त्रिशूल एयरबेस प्रशासन से सहयोग मांगा था। जिला प्रशासन ने मध्यस्थता कर वायुसेना का रनवे इस्तेमाल करने की अनुमति दिला दी थी। इस बीच एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सिविल एन्क्लेव परिसर में टैक्सी वे निर्माण पर जोर दिया। जिला प्रशासन ने 63 किसानों से उनकी जमीनों के अधिग्रहण का समझौता कर सात एकड़ भूमि के लिए शासन से 8.21 करोड़ रुपये मुआवजा मांगा। वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल इस प्रोजेक्ट में रुचि ले रहे हैं, इसलिए उन्हाेंनेे कैबिनेट में वांछित धनराशि स्वीकृत करा दी और मुआवजा राशि जिला प्रशासन खातों में भी आ गई। इसे संबंधित 63 किसानों के खातों में जाना था जो ट्रेजरी की लापरवाही से नहीं पहुंच पाया।
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नया साफ्टवेयर सिस्टम आने से किसानों का मुआवजा उनके खातों में नहीं पहुंच पाया। चार-पांच दिन में व्यवस्था सही होते ही सिविल एन्क्लेव में अधिग्रहीत भूमि की रकम पहुंच जाएगी। - अनवर अहमद, मुख्य कोषाधिकारी
ट्रेजरी से किसानों की मुआवजा राशि उनके खातों में नहीं पहुंच पाई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया टीम बुधवार को पहुंचनी थी। अब अगले सप्ताह का समय मांगा गया है। टीम अफसर किसानों से बैनामा कराएगी। - सुल्तान अशरफ सिद्दीकी, भूमि अध्याप्ति अधिकारी
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नाथ नगरी एयर टर्मिनल के निर्माण के रास्ते में सरकारी सिस्टम ही आड़े आता रहा है। कभी किसानों से भूमि अधिग्रहण तो कभी वित्तीय स्वीकृति की समस्या बनी रही। इस बार जिला कोषागार ने किसानों को बतौर मुआवजा दी जाने वाली 8.21 करोड़ रुपये की रकम कंप्यूटर सिस्टम में फंसा दी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया टीम को किसानों से सीधे बैनामा कराने के लिए चार अप्रैल को बरेली आना था, लेकिन नए साफ्टवेयर में फंसी रकम किसानों के खातों मेें पहुंचने में कम से कम चार पांच दिन लग सकते हैं। लिहाजा टीम को फिलहाल बरेली न आने के लिए कह दिया गया है। ट्रेजरी ऑनलाइन कंप्यूटर सिस्टम दुरुस्त होते ही टीम को बुलाया जाएगा। इसमें कम से कम सप्ताह भर लग सकता है।
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यह है मामला
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने जून तक बरेली से उड़ानें शुरू कराने का लक्ष्य तय किया था और इसके लिए वायुसेना मुख्यालय और त्रिशूल एयरबेस प्रशासन से सहयोग मांगा था। जिला प्रशासन ने मध्यस्थता कर वायुसेना का रनवे इस्तेमाल करने की अनुमति दिला दी थी। इस बीच एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सिविल एन्क्लेव परिसर में टैक्सी वे निर्माण पर जोर दिया। जिला प्रशासन ने 63 किसानों से उनकी जमीनों के अधिग्रहण का समझौता कर सात एकड़ भूमि के लिए शासन से 8.21 करोड़ रुपये मुआवजा मांगा। वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल इस प्रोजेक्ट में रुचि ले रहे हैं, इसलिए उन्हाेंनेे कैबिनेट में वांछित धनराशि स्वीकृत करा दी और मुआवजा राशि जिला प्रशासन खातों में भी आ गई। इसे संबंधित 63 किसानों के खातों में जाना था जो ट्रेजरी की लापरवाही से नहीं पहुंच पाया।
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नया साफ्टवेयर सिस्टम आने से किसानों का मुआवजा उनके खातों में नहीं पहुंच पाया। चार-पांच दिन में व्यवस्था सही होते ही सिविल एन्क्लेव में अधिग्रहीत भूमि की रकम पहुंच जाएगी। - अनवर अहमद, मुख्य कोषाधिकारी
ट्रेजरी से किसानों की मुआवजा राशि उनके खातों में नहीं पहुंच पाई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया टीम बुधवार को पहुंचनी थी। अब अगले सप्ताह का समय मांगा गया है। टीम अफसर किसानों से बैनामा कराएगी। - सुल्तान अशरफ सिद्दीकी, भूमि अध्याप्ति अधिकारी