फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Civic Amenities,Overbridge

वैकल्पिक रास्तों पर ट्रैफिक का ट्रायल शुरू करने को लेकर प्रशासन संशय में

Wed, 04 Sep 2019 02:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 04 Sep 2019 02:36 AM IST
विज्ञापन
Civic Amenities,Overbridge
बरेली। रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण को लालफाटक रोड बंद करने के लिए चनेहटी और बुखारा रोड को वैकल्पिक रास्तों के तौर पर चिह्नित करने के बाद भी जिला प्रशासन के अफसर असमंजस में हैं। दरअसल फिक्र इस बात की है कि एक बार लालफाटक रोड बंद होने के बाद अगर ये वैकल्पिक रास्ते ट्रैफिक का लोड न संभाल पाए तो क्या होगा। इन रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट करने का पुराना अनुभव भी बहुत बेहतर नहीं है। हालांकि इसके बावजूद जल्द ही वैकल्पिक रास्तों पर ट्रैफिक शुरू कराने की तैयारी है। अफसरों का कहना है कि एक हफ्ते तक ट्रायल के तौर पर चनेहटी और बुखारा रोड पर ट्रैफिक डायवर्ट करने के बाद वे इस मामले में निर्णय ले लेंगे।
विज्ञापन

लालफाटक पर ओवरब्रिज बनाने के लिए रेलवे ने एक सितंबर से ट्रैफिक बंद कराने के लिए ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन को लिखा था। चूंकि यह रोड बंद होने की स्थिति में वैकल्पिक रास्ते तय नहीं थे, इसलिए जिला प्रशासन इसके लिए तैयार नहीं हुआ। दो दिन पहले डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने उत्तर रेलवे के डीआरएम को पत्र लिखा तो लालफाटक रोड बंद करने का फैसला एक महीने के लिए टल गया, लेकिन जिला प्रशासन का टेंशन इसके बावजूद खत्म नहीं हो पा रहा है। वजह यह है कि वैकल्पिक रास्तों पर अधिकारी खुद पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि कैंट की ओर से चनेहटी क्रॉसिंग होकर लालफाटक की तरफ छोटे वाहनों को निकालने का रास्ता देखा गया है मगर इसमें बड़ी दिक्कत यह है कि लालफाटक क्रॉसिंग से कहीं ज्यादा देर चनेहटी क्रॉसिंग का गेट बंद रहता है। पास में रैक प्वाइंट होने के कारण मालगाड़ी भी खड़ी रहती हैं और उससे खाद और सीमेंट की लोडिंग के लिए बड़ी संख्या में ट्रकों का भी आवागमन होता है। ऐसे में अफसरों को संशय है कि यह रूट छोटे वाहनों को निकालने के लिए कितना कारगर होगा।
विज्ञापन

अफसरों का यह भी कहना है कि चनेहटी से लालफाटक रोड की चौड़ाई भी कम है। उधर बड़े वाहनों के लिए फरीदपुर-बुखारा रोड पर सेतु निगम के आग्रह पर प्रशासन छह-सात महीने पहले रोडवेज बसों का संचालन करा चुका है। इससे बसों को बदायूं हाईवे पर पहुंचने के लिए 25 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी थी। इस वजह से रोडवेज के अधिकारी भी इस फैसले से सहमत नहीं थे। किराया बढ़ने और समय ज्यादा लगने से पब्लिक को भी परेशानी उठानी पड़ रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed