{"_id":"5d7bff268ebc3e015b679d5a","slug":"civic-amenities-faridpur-news-bly376019915","type":"story","status":"publish","title_hn":"कश्मीर में 50-60 लाख लोग कैद यही आपके साथ भी हो सकता है.. ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीर में 50-60 लाख लोग कैद यही आपके साथ भी हो सकता है..
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बरेली/फरीदपुर। अखिलेश यादव ने कहा कि कश्मीर में 50-60 लाख लोग कैद हैं, उन्हें कोई आजादी नहीं मिल रही। बोले, हम अभी नहीं जागे तो जो आज कश्मीरियों के साथ हो रहा है, कल वह हमारे साथ भी होगा। कहा, हमें भाजपा से देशभक्ति का प्रमाणपत्र नहीं चाहिए। जब वन नेशन वन इलेक्शन की बात हो रही है तो कश्मीर ही क्यों, देश के दूसरे राज्यों को भी जो विशिष्ट सुविधाएं दी गई हैं, उन्हें हटाया जाए।
फरीदपुर में स्वर्गीय पूर्व विधायक सियाराम सागर की शोकसभा में सपा अध्यक्ष की ओर से कश्मीर मुद्दा उठाने के सियासी मायने भी निकाले गए। दरअसल अखिलेेश यादव ने कहा कि कश्मीर मुद्दे के बहाने मुसलमानों को संदेश देने की कोशिश की कि अगर भाजपा को नहीं रोका गया तो वह देश के दूसरे राज्यों में भी यही करेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा ने इसी साल 11 जुलाई से 20 अगस्त तक सदस्यता अभियान चलाया है। यह अभियान सपा की सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है। कारण यह है कि प्रदेश के मंत्री, सांसद और विधायकों को इस अभियान में ऐसे वूथों पर लगाया गया जहां भाजपा को सबसे कम वोट मिले हैं और ऐसा उन्हीं बूथों पर हुआ जहां मुस्लिमों की बहुलता है। नतीजा यह हुआ कि इस अभियान से बड़ी संख्या में मुसलमानों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। माना जा रहा है कि मुसलमानों के भी हाथ से खिसकने के डर से अखिलेश ने अपने संबोधन में कश्मीर का मुद्दा खासतौर पर उठाया।
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फरीदपुर में स्वर्गीय पूर्व विधायक सियाराम सागर की शोकसभा में सपा अध्यक्ष की ओर से कश्मीर मुद्दा उठाने के सियासी मायने भी निकाले गए। दरअसल अखिलेेश यादव ने कहा कि कश्मीर मुद्दे के बहाने मुसलमानों को संदेश देने की कोशिश की कि अगर भाजपा को नहीं रोका गया तो वह देश के दूसरे राज्यों में भी यही करेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा ने इसी साल 11 जुलाई से 20 अगस्त तक सदस्यता अभियान चलाया है। यह अभियान सपा की सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है। कारण यह है कि प्रदेश के मंत्री, सांसद और विधायकों को इस अभियान में ऐसे वूथों पर लगाया गया जहां भाजपा को सबसे कम वोट मिले हैं और ऐसा उन्हीं बूथों पर हुआ जहां मुस्लिमों की बहुलता है। नतीजा यह हुआ कि इस अभियान से बड़ी संख्या में मुसलमानों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। माना जा रहा है कि मुसलमानों के भी हाथ से खिसकने के डर से अखिलेश ने अपने संबोधन में कश्मीर का मुद्दा खासतौर पर उठाया।
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