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पीलीभीत बाईपास : बैरियर नंबर-टू से हवाई अड्डा तक
Sun, 20 Oct 2019 06:47 AM IST
बरेली ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
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Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 20 Oct 2019 06:47 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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हवाई अड्डा तो शुरू नहीं हुआ लेकिन उसके आसपास सुनियोजित ढंग से अवैध कब्जे जरूर शुरू हो गए हैं। इन अवैध कब्जों ने पहले से खतरनाक माने जाने वाले हाईवे के इस हिस्से पर और ज्यादा खतरा बढ़ा दिया है।
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हवाई अड्डा कब शुरू होगा, यह तो अब तक निश्चित नहीं है लेकिन यह तय है कि हवाई अड्डा शुरू होने के बाद जब पीलीभीत रोड पर ट्रैफिक और बढ़ेगा तो इस रोड पर सफर करना और खतरनाक हो जाएगा।
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पीलीभीत बाईपास पर बैरियर- टू से निर्माणाधीन हवाई अड्डे तक पहले ही दो एक्सीडेंट प्वाइंट चिह्नित हैं। इनमें एक मयूर वन चेतना केंद्र के पास का मोड़ है जिस पर कई बड़े हादसे हो चुके हैं। अब यहां हाईवे किनारे दुकानदारों ने रेत-बजरी के ढेर भी लगा दिए है।
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इसी मोड़ पर फर्नीचर दुकानदारों ने भी सड़क की पटरी पर कब्जा कर रखा है। मोड़ के किनारे कई जगह ऊंची झाड़ियां होने के कारण वाहन चालकों को आगे सड़क ठीक से नहीं दिखाई देती। इससे एक्सीडेंट का खतरा और बढ़ गया है। सरकारी सिस्टम भी असुरक्षित होते जा रहे हाईवे पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
पुलिस चौकी के पास मौरंग के ढेर
पीलीभीत बाईपास पर पुलिस चौकी के पास ही बिल्डिंग मैटेरियल बेचने वाले एक दुकानदार ने हाईवे तक मौरंग के ढेर लगा रखे हैं। पास में चौकी होने के बावजूद इस दुकानदार के अवैध कब्जे में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसके आगे कई जगह हाईवे से सटाकर विज्ञापन के बड़े-बड़े बोर्ड भी लगा दिए गए हैं। आगे मोड़ पर फर्नीचर दुकानदारों ने हाईवे के किनारे तक सामान लगा रखा है। मोड़ पर अचानक वाहनों के आमने-सामने आने की स्थिति में यहां बचने की गुंजाइश खत्म हो गई है।
जय हनुमान मंदिर के पास सड़क तक बजरी
थोड़ी दूर आगे हनुमान मंदिर के पास एक धर्मकांटे के सामने ईंट और बजरी बिकती है। यहां हाईवे तक बजरी के ढेर फैला दिए गए हैं। तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहन चालकों की जरा सी चूक यहां हादसे का कारण बन सकती है। यहां सड़क की पटरी भी खराब है। एक कार विक्रेता ने भी पटरी पर कब्जा कर रखा है।
मयूर वन चेतना केंद्र के खूनी मोड़ पर ट्रक पार्किंग
मयूर वन चेतना केंद्र के इस मोड़ पर आए दिन हादसों में लोगों की जानें जाती रहती है। हादसों का मुख्य कारण यहां का तीव्र मोड़ है। इसके बावजूद यहां दोनों तरह ट्रकों को खड़ा कर दिया गया है जिससे यहां हादसे होने का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है। मोड़ के किनारे ही झाड़ियां बड़ी हो जाने से भी ड्राइवरों को दूर तक नहीं दिखाई देता है।
हवाई अड्डे के तीव्र मोड़ के पास गड्ढे
मयूर वन चेतना केंद्र के पास ही तीव्र मोड़ के खत्म होते ही निर्माणाधीन हवाई अड्डे का मेन गेट हैं। गेट की तरफ ही फुटपाथ पर कई बड़े गड्ढे हो गए हैं। इस ओवरटेक करते वक्त वाहनों के नियंत्रित होने का खतरा है। हवाई अड्डे के पास ढाबे के बाहर ट्रक खड़े रहते हैं।
गुम हो गए फोरलेन बनाने के प्रोजेेक्ट
हवाई अड्डे के निर्माण को देखते हुए पूर्व वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से यूनिवर्सिटी से हवाई अड्डे तक और डेलापीर से पीलीभीत बाईपास तक रोड को फोरलेन बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने शुरूआत में तो सर्वे किया लेकिन बाद में वित्त मंत्री के हटते ही यह प्रोजेक्ट ठंडा कर दिया गया।