{"_id":"5d28ee8e8ebc3e6ccd3463c6","slug":"civic-amenities-bareilly-news-bly3683628157","type":"story","status":"publish","title_hn":"7 बरातघर मालिकों को नोटिस टैक्स के लाखों बचाए तभी, एक से कई बरातघर बनाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
7 बरातघर मालिकों को नोटिस टैक्स के लाखों बचाए तभी, एक से कई बरातघर बनाए
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बरेली। जैसा कि आयकर विभाग का अनुमान था, छापों में वैसा ही साबित हुआ। खैराती धर्मशालाओं जैसी कमाई दिखाकर नाममात्र का टैक्स भर रहे बरातघरों और रिसॉर्ट की आय करोड़ों में निकली। सातों ठिकानों पर आयकर विभाग की दो दिन चली छानबीन में पता चला कि बरातघरों का सालाना टर्नओवर करोड़ों में है जिसे छिपाकर उन्होंने अपनी कमाई को दूसरे कारोबारों में निवेश किया था। आयकर विभाग के शिकंजे में फंसे दो बरातघरों ने शुक्रवार को करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय घोषित कर दी। खबर लिखे जाने तक दो फर्मों की जांच चल रही थी। आयकर अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद यह आंकड़ा और बढ़ेगा। आयकर विभाग ने शुक्रवार को सभी बरातघरों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष भी स्पष्ट करने को कहा है।
हर सीजन में करोड़ों में कमाई करने वाले बरातघरों पर आयकर विभाग की निगाह काफी समय से थी। बरेली में ही नहीं बल्कि पूरे मंडल में ज्यादातर बरातघर अपनी कमाई काफी कम दिखाकर आयकर चोरी कर रहे थे। आयकर विभाग के छापों की शुरुआत पिछले हफ्ते लखीमपुर खीरी से हुई थी। खीरी में कई बरातघरों पर मारे गए छापों में जब आयकर विभाग को उम्मीद के मुताबिक नतीजा मिला तो दूसरे जिलों में भी कार्रवाई की योजना बनाई गई। इसके बाद पीलीभीत और शाहजहांपुर में भी कई बरातघरों पर छापे मारे गए। आखिर में बृहस्पतिवार को बरेली में छापा मारा गया। प्रधान आयकर आयुक्त शिशिर अग्रवाल के नेतृत्व में पीलीभीत बाईपास पर मेफेयर, रेडीसन लॉन, फ्लोरा, मन्नत, फहम, जलसा और मिनीबाई पास पर निर्मल रिसॉर्ट पर छापा पड़ा। शहर के इन नामचीन बरातघरों के साथ उनसे जूड़े दूसरे प्रतिष्ठानों पर भी जांच की गई। सात ठिकानों पर एक साथ आयकर विभाग की कार्रवाई से पूरे शहर के कारोबारियों में बेचैनी का माहौल रहा।
बृहस्पतिवार को शुरू हुई यह कार्रवाई शुक्रवार की सुबह तक चली। इस दौरान बरातघरों में करोड़ों रुपये का टर्नओवर पकड़ में आया है। बरातघर और रिसॉर्ट मालिकों ने यह कमाई टैक्स बचाने के लिए छिपाई हुई थी। बाकी ठिकानों पर तो आयकर विभाग की छानबीन सुबह पूरी हो गई, लेकिन दो फर्मों पर खबर लिखे जाने तक जांच चल रही थी। इस बीच दो कारोबारियों ने अपनी साढ़े चार करोड़ रुपये से ज्यादा की अपनी अतिरिक्त आय घोषित कर दी है। शुक्रवार सुबह से शाम तक आयकर अफसर छिपाए गए टर्नओवर की पड़ताल करते रहे। अफसरों ने बताया कि दो फर्मों की जांच पूरी होने पर अघोषित आय का आंकड़ा और भी बढ़ेगा। आयकर अधिकारियों ने शनिवार की शाम बरातघर मालिकों को नोटिस जारी कर अपने कार्यालय बुलाया है जहां उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। प्रधान आयकर आयुक्त शिशिर अग्रवाल ने बताया कि आयकर विभाग टैक्स न भरने वालों की लगातार निगरानी कर रहा है। प्रमाण मिलते ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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छह महीने के अंदर दूसरी कार्रवाई से बढ़ी बेचैनी
आयकर विभाग के छह महीने के अंदर शहर में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले आयकर विभाग बीएल एग्रो और खंडेलवाल एडिबल ऑयल समेत दो फर्मों पर छापा मारा था। यह कार्रवाई तीन दिन तक चली थी और इस दौरान आयकर विभाग के अफसरों ने काफी सख्त तेवर दिखाए थे। अब सात बरातघरों पर एक साथ छापे के बाद शहर में आयकर विभाग की कार्रवाई को लेकर बेचैनी का माहौल दिख रहा है। उधर, आयकर विभाग के अफसरों ने भी यह कहकर तमाम लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं कि उसकी कार्रवाई जारी रहेगी।
कई और बरातघर और होटल हैं निशाने पर
बरातघरों का कारोबार पिछले कुछ सालों से बूम पर है। शहर में कुछ ही समय में इनकी संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। पुराना शहर की गलियों तक में तमाम बरातघर बन चुके हैं। पीलीभीत बाईपास, मिनी बाईपास, बदायूं रोड, सिविल लाइंस, कुदेशिया फाटक समेत शहर का कोई भी ऐसा इलाका नहीं है, जहां नामचीन बरातघर नहीं हैं। पिछले पांच साल में ही बरातघरों की तादाद दो गुनी हो गई है। आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया कि अभी कुछ और बरातघरों पर कार्रवाई की जा सकती है।
बरातघरवालों का दर्द- शादियां करने वाले ही नहीं देना चाहते टैक्स तो कैसे दिखाएं लाखों की कमाई
आयकर छापों के बाद बरातघर मालिकों के बीच चर्चा थी कि आयकर जमा करने में उन्हें इतनी दिक्कत नहीं है जितनी उनके यहां कार्यक्रम बुक कराने वाले ग्राहकों को है। ज्यादातर लोग लाखों की बुकिंग तो कराते हैं लेकिन उन्हें नंबर एक में पैसा अदा नहीं करते। ऐसे में उनकी भी मजबूरी होती है कि वे इस कमाई को छिपाकर टैक्स अदा न करें।
तमाम बरातघरों के महीने का खर्च भी निकलना मुश्किल
एक तरफ कई बरातघरों की कमाई करोड़ों में हैं तो दूसरी तरफ तमाम बरातघर ऐसे भी हैं जिनमें महीने का खर्च तक नहीं निकल पा रहा है। दरअसल ये वो बरातघर जहां सामान्य वर्ग के लोगों के कार्यक्रम होते हैं। इन बरातघरों को चलाने वालों का कहना है कि सीजन में भी पहले तो काफी कम लोग बुकिंग कराने आते हैं। आते भी हैं तो इतना मोलभाव करते हैं कि मुनाफा तो दूर खर्च निकालना मुश्किल हो जाता है।
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हर सीजन में करोड़ों में कमाई करने वाले बरातघरों पर आयकर विभाग की निगाह काफी समय से थी। बरेली में ही नहीं बल्कि पूरे मंडल में ज्यादातर बरातघर अपनी कमाई काफी कम दिखाकर आयकर चोरी कर रहे थे। आयकर विभाग के छापों की शुरुआत पिछले हफ्ते लखीमपुर खीरी से हुई थी। खीरी में कई बरातघरों पर मारे गए छापों में जब आयकर विभाग को उम्मीद के मुताबिक नतीजा मिला तो दूसरे जिलों में भी कार्रवाई की योजना बनाई गई। इसके बाद पीलीभीत और शाहजहांपुर में भी कई बरातघरों पर छापे मारे गए। आखिर में बृहस्पतिवार को बरेली में छापा मारा गया। प्रधान आयकर आयुक्त शिशिर अग्रवाल के नेतृत्व में पीलीभीत बाईपास पर मेफेयर, रेडीसन लॉन, फ्लोरा, मन्नत, फहम, जलसा और मिनीबाई पास पर निर्मल रिसॉर्ट पर छापा पड़ा। शहर के इन नामचीन बरातघरों के साथ उनसे जूड़े दूसरे प्रतिष्ठानों पर भी जांच की गई। सात ठिकानों पर एक साथ आयकर विभाग की कार्रवाई से पूरे शहर के कारोबारियों में बेचैनी का माहौल रहा।
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बृहस्पतिवार को शुरू हुई यह कार्रवाई शुक्रवार की सुबह तक चली। इस दौरान बरातघरों में करोड़ों रुपये का टर्नओवर पकड़ में आया है। बरातघर और रिसॉर्ट मालिकों ने यह कमाई टैक्स बचाने के लिए छिपाई हुई थी। बाकी ठिकानों पर तो आयकर विभाग की छानबीन सुबह पूरी हो गई, लेकिन दो फर्मों पर खबर लिखे जाने तक जांच चल रही थी। इस बीच दो कारोबारियों ने अपनी साढ़े चार करोड़ रुपये से ज्यादा की अपनी अतिरिक्त आय घोषित कर दी है। शुक्रवार सुबह से शाम तक आयकर अफसर छिपाए गए टर्नओवर की पड़ताल करते रहे। अफसरों ने बताया कि दो फर्मों की जांच पूरी होने पर अघोषित आय का आंकड़ा और भी बढ़ेगा। आयकर अधिकारियों ने शनिवार की शाम बरातघर मालिकों को नोटिस जारी कर अपने कार्यालय बुलाया है जहां उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। प्रधान आयकर आयुक्त शिशिर अग्रवाल ने बताया कि आयकर विभाग टैक्स न भरने वालों की लगातार निगरानी कर रहा है। प्रमाण मिलते ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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छह महीने के अंदर दूसरी कार्रवाई से बढ़ी बेचैनी
आयकर विभाग के छह महीने के अंदर शहर में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले आयकर विभाग बीएल एग्रो और खंडेलवाल एडिबल ऑयल समेत दो फर्मों पर छापा मारा था। यह कार्रवाई तीन दिन तक चली थी और इस दौरान आयकर विभाग के अफसरों ने काफी सख्त तेवर दिखाए थे। अब सात बरातघरों पर एक साथ छापे के बाद शहर में आयकर विभाग की कार्रवाई को लेकर बेचैनी का माहौल दिख रहा है। उधर, आयकर विभाग के अफसरों ने भी यह कहकर तमाम लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं कि उसकी कार्रवाई जारी रहेगी।
कई और बरातघर और होटल हैं निशाने पर
बरातघरों का कारोबार पिछले कुछ सालों से बूम पर है। शहर में कुछ ही समय में इनकी संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। पुराना शहर की गलियों तक में तमाम बरातघर बन चुके हैं। पीलीभीत बाईपास, मिनी बाईपास, बदायूं रोड, सिविल लाइंस, कुदेशिया फाटक समेत शहर का कोई भी ऐसा इलाका नहीं है, जहां नामचीन बरातघर नहीं हैं। पिछले पांच साल में ही बरातघरों की तादाद दो गुनी हो गई है। आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया कि अभी कुछ और बरातघरों पर कार्रवाई की जा सकती है।
बरातघरवालों का दर्द- शादियां करने वाले ही नहीं देना चाहते टैक्स तो कैसे दिखाएं लाखों की कमाई
आयकर छापों के बाद बरातघर मालिकों के बीच चर्चा थी कि आयकर जमा करने में उन्हें इतनी दिक्कत नहीं है जितनी उनके यहां कार्यक्रम बुक कराने वाले ग्राहकों को है। ज्यादातर लोग लाखों की बुकिंग तो कराते हैं लेकिन उन्हें नंबर एक में पैसा अदा नहीं करते। ऐसे में उनकी भी मजबूरी होती है कि वे इस कमाई को छिपाकर टैक्स अदा न करें।
तमाम बरातघरों के महीने का खर्च भी निकलना मुश्किल
एक तरफ कई बरातघरों की कमाई करोड़ों में हैं तो दूसरी तरफ तमाम बरातघर ऐसे भी हैं जिनमें महीने का खर्च तक नहीं निकल पा रहा है। दरअसल ये वो बरातघर जहां सामान्य वर्ग के लोगों के कार्यक्रम होते हैं। इन बरातघरों को चलाने वालों का कहना है कि सीजन में भी पहले तो काफी कम लोग बुकिंग कराने आते हैं। आते भी हैं तो इतना मोलभाव करते हैं कि मुनाफा तो दूर खर्च निकालना मुश्किल हो जाता है।