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शासन की रैंकिंग में फेल हुए आठ विभाग
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घटिया परफार्मेंस रिपोर्ट पर शासन ने फटकारा
बरेली। जनता को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए शासन तमाम योजनाएं चल रही हैं लेकिन इन योजनाओं को अफसर ही पलीता लगा रहे हैं। पिछले दिनों शासन ने विभागवार कार्योें की समीक्षा के आधार पर रैंकिंग जारी की तो बरेली के आठ विभाग पासिंग अंक भी हासिल नहीं कर सके। दस में से दो अंक हासिल करने पर शासन ने सभी विभागोें के अफसरों को आखिरी मौका दिया है। साथ ही, सीडीओ को अफसरों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करने और कार्यशैली में सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
शासन की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में कृषि विभाग, जल निगम, डीपीआरओ, विद्युत, लघु उद्योग, डीपीओ, खनन, पीओ डूडा आदि के कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं मिली। इन सभी विभागों को शासन ने दो अंक दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कृषि विभाग ने लाभार्थियों को डीबीटी के जरिए भुगतान में कोई खास पहल नहीं की है। जल निगम ने बजट के बावजूद अब तक वाटर पाइप और सीवर पाइप लाइन बिछाने के लिए कोई खास पहल नहीं की। डीपीआरओ ने 14वें वित्त के तहत मिले बजट को खर्च नहीं कर सका है। इससे संभावना जताई है कि योजनाओं का लाभ शत प्रतिशत लोगों को नहीं मिल रहा है। खनन विभाग के अफसरों ने खनन रोकने के लिए जिले में कोई खास प्रयास नहीं किए। साथ ही, खनन माफियाओं पर रिपोर्ट दर्ज कराने में भी पिछड़े हैं। विद्युत विभाग ने ग्रामीण और शहर में रोस्टर के अनुरूप बिजली सप्लाई नहीं की है। साथ ही, गांवों में विद्युतीकरण में भी काफी पिछड़ा है। उद्योग विभाग ने ओडीओपी के तहत अब तक कोई ठोस पहल नहीं की है। योजना के बाबत प्रचार प्रसार भी नहीं किया। वहीं, डीपीओ ने महिला और बाल कल्याण समेत कुपोषित बच्चों को स्वस्थ बनाने में पिछड़े हैं। सभी विभागों को दो अंक ही मिले हैं। शासन से प्राप्त निर्देशों के तहत फेल हुए विभागों की शुक्रवार को सीडीओ अहिछत्र सभागार में बैठक लेंगे।
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बरेली। जनता को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए शासन तमाम योजनाएं चल रही हैं लेकिन इन योजनाओं को अफसर ही पलीता लगा रहे हैं। पिछले दिनों शासन ने विभागवार कार्योें की समीक्षा के आधार पर रैंकिंग जारी की तो बरेली के आठ विभाग पासिंग अंक भी हासिल नहीं कर सके। दस में से दो अंक हासिल करने पर शासन ने सभी विभागोें के अफसरों को आखिरी मौका दिया है। साथ ही, सीडीओ को अफसरों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करने और कार्यशैली में सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
शासन की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में कृषि विभाग, जल निगम, डीपीआरओ, विद्युत, लघु उद्योग, डीपीओ, खनन, पीओ डूडा आदि के कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं मिली। इन सभी विभागों को शासन ने दो अंक दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कृषि विभाग ने लाभार्थियों को डीबीटी के जरिए भुगतान में कोई खास पहल नहीं की है। जल निगम ने बजट के बावजूद अब तक वाटर पाइप और सीवर पाइप लाइन बिछाने के लिए कोई खास पहल नहीं की। डीपीआरओ ने 14वें वित्त के तहत मिले बजट को खर्च नहीं कर सका है। इससे संभावना जताई है कि योजनाओं का लाभ शत प्रतिशत लोगों को नहीं मिल रहा है। खनन विभाग के अफसरों ने खनन रोकने के लिए जिले में कोई खास प्रयास नहीं किए। साथ ही, खनन माफियाओं पर रिपोर्ट दर्ज कराने में भी पिछड़े हैं। विद्युत विभाग ने ग्रामीण और शहर में रोस्टर के अनुरूप बिजली सप्लाई नहीं की है। साथ ही, गांवों में विद्युतीकरण में भी काफी पिछड़ा है। उद्योग विभाग ने ओडीओपी के तहत अब तक कोई ठोस पहल नहीं की है। योजना के बाबत प्रचार प्रसार भी नहीं किया। वहीं, डीपीओ ने महिला और बाल कल्याण समेत कुपोषित बच्चों को स्वस्थ बनाने में पिछड़े हैं। सभी विभागों को दो अंक ही मिले हैं। शासन से प्राप्त निर्देशों के तहत फेल हुए विभागों की शुक्रवार को सीडीओ अहिछत्र सभागार में बैठक लेंगे।
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