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3 करोड़ महीना- ई- रिक्शा की अवैध चार्जिंग का हिसाब लेंगे ऊर्जा मंत्री
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- अभी तक अफसर नहीं बना पाए कोई कार्ययोजना
- जिले भर में अवैध स्टेशन अब भी बेखौफ चल रहे
बरेली। पावर कॉरपोरेशन की मिलीभगत से जिले भर में चल रहे अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशनों से सरकार को हर माह तीन करोड़ रुपये की चपत लग रही है, लेकिन अभी तक बड़े अफसरों ने इन पर लगाम लगाने के लिए कोई कार्ययोजना तक नहीं बनाई है। हालांकि मामला ऊर्जा मंत्री तक पहुंच गया है, लिहाजा इसका हिसाब अब खुद ऊर्जामंत्री ही लेंगे।
शक्ति भवन से आए पावर कॉरपोरेशन के निदेशक विजय कुमार रविवार तड़के खुद चेकिंग करने निकले तो 28 कनेक्शनों के साथ ही पांच अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन पकड़े गए। तीन दिन बीतने के बाद भी कॉरपोरेशन अवैध सेंटर चलाने वालों पर शमन और जुर्माना ही तय नहीं कर पाया है। सिर्फ कागजी तौर पर एफआईआर ही हो पाई है। बरेली शहर में जोनल चीफ इंजीनियर भी बैठते हैं, उनके स्तर से भी इस बाबत कोई ठोस दिशा-निर्देश जारी न होना भी सवाल खड़े कर रहा है। निचले स्तर पर भी जिले में संचालित अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशनों पर लगाम लगाने की अब तक कोई कार्य योजना नहीं बनी है। निदेशक स्तर पर चले अभियान की विभाग में चर्चा तो खूब हो रही है लेकिन अवैध स्टेशनों पर ई-रिक्शा चार्जिंग यथावत जारी है। जिले भर में तीन सौ से ज्यादा अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशनों से हर माह तीन करोड़ रुपये से ज्यादा के राजस्व की चोरी हो रही है।
प्रबंध निदेशक ने भी लिया संज्ञान
ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा के कार्यालय तक जिले में संचालित अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन और करोड़ों रुपये की हो रही चोरी का मामला पहुंच गया है। इस पर कार्यालय सक्रिय हो गया है। इसका हिसाब किताब ऊर्जामंत्री करेंगे। साथ ही इसकी गूंज प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण निगम तक भी पहुंच गई है। उन्होंने भी इसका संज्ञान ले लिया है। माना जा रहा है कि अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशनों से सांठगांठ रखने वाले स्टाफ को चिह्नित कर उसे दंडित किया जाएगा।
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स्टाफ की मिलीभगत
स्टाफ की मिलीभगत से संचालित अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशनों पर मजबूत और इंसुलेटेड केबल को छीलकर 15 किलोवाट तक बिजली चोरी की जा रही है। इसमें अगर कहीं कोई तकनीकी बाधा आती है तो स्टाफ के लोग दौड़कर तुरंत दूर कर देते हैं।
देर शाम से तड़के तक होती है बिजली चोरी
हर गली-मोहल्ला और उपनगरों में चल रहे अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशनों पर देर शाम से धंधा शुरू हो जाता है। पांच से 25 तक ई-रिक्शा एक साथ अवैध स्टेशनों पर खड़े हो जाते हैं। चार-पांच एक साथ चार्जिंग पर लगाए जाते हैं। चार्जिंग के अलग-अलग प्वाइंट बने रहते हैं। छापामारी में यह खेल पकड़ा गया था। केबल छीलकर कैसे चोरी हो रही है इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। निदेशक यह देखकर हैरान हुए थे कि केबल कैसे छील लिया गया। इससे कीमती केबल भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन चलाने वालों से नियमानुसार जुर्माना और शमन शुल्क वसूला जाएगा। इसका आकलन हो रहा है, भुगतान नहीं होने पर आरसी जारी होगी और एफआईआर पर पुलिस अलग से कार्रवाई करेगी। अवैध सेंटर पकड़ने के लिए कार्ययोजना बन रही है। - एनके मिश्रा, एसई शहर
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- जिले भर में अवैध स्टेशन अब भी बेखौफ चल रहे
बरेली। पावर कॉरपोरेशन की मिलीभगत से जिले भर में चल रहे अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशनों से सरकार को हर माह तीन करोड़ रुपये की चपत लग रही है, लेकिन अभी तक बड़े अफसरों ने इन पर लगाम लगाने के लिए कोई कार्ययोजना तक नहीं बनाई है। हालांकि मामला ऊर्जा मंत्री तक पहुंच गया है, लिहाजा इसका हिसाब अब खुद ऊर्जामंत्री ही लेंगे।
शक्ति भवन से आए पावर कॉरपोरेशन के निदेशक विजय कुमार रविवार तड़के खुद चेकिंग करने निकले तो 28 कनेक्शनों के साथ ही पांच अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन पकड़े गए। तीन दिन बीतने के बाद भी कॉरपोरेशन अवैध सेंटर चलाने वालों पर शमन और जुर्माना ही तय नहीं कर पाया है। सिर्फ कागजी तौर पर एफआईआर ही हो पाई है। बरेली शहर में जोनल चीफ इंजीनियर भी बैठते हैं, उनके स्तर से भी इस बाबत कोई ठोस दिशा-निर्देश जारी न होना भी सवाल खड़े कर रहा है। निचले स्तर पर भी जिले में संचालित अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशनों पर लगाम लगाने की अब तक कोई कार्य योजना नहीं बनी है। निदेशक स्तर पर चले अभियान की विभाग में चर्चा तो खूब हो रही है लेकिन अवैध स्टेशनों पर ई-रिक्शा चार्जिंग यथावत जारी है। जिले भर में तीन सौ से ज्यादा अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशनों से हर माह तीन करोड़ रुपये से ज्यादा के राजस्व की चोरी हो रही है।
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प्रबंध निदेशक ने भी लिया संज्ञान
ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा के कार्यालय तक जिले में संचालित अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन और करोड़ों रुपये की हो रही चोरी का मामला पहुंच गया है। इस पर कार्यालय सक्रिय हो गया है। इसका हिसाब किताब ऊर्जामंत्री करेंगे। साथ ही इसकी गूंज प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण निगम तक भी पहुंच गई है। उन्होंने भी इसका संज्ञान ले लिया है। माना जा रहा है कि अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशनों से सांठगांठ रखने वाले स्टाफ को चिह्नित कर उसे दंडित किया जाएगा।
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स्टाफ की मिलीभगत
स्टाफ की मिलीभगत से संचालित अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशनों पर मजबूत और इंसुलेटेड केबल को छीलकर 15 किलोवाट तक बिजली चोरी की जा रही है। इसमें अगर कहीं कोई तकनीकी बाधा आती है तो स्टाफ के लोग दौड़कर तुरंत दूर कर देते हैं।
देर शाम से तड़के तक होती है बिजली चोरी
हर गली-मोहल्ला और उपनगरों में चल रहे अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशनों पर देर शाम से धंधा शुरू हो जाता है। पांच से 25 तक ई-रिक्शा एक साथ अवैध स्टेशनों पर खड़े हो जाते हैं। चार-पांच एक साथ चार्जिंग पर लगाए जाते हैं। चार्जिंग के अलग-अलग प्वाइंट बने रहते हैं। छापामारी में यह खेल पकड़ा गया था। केबल छीलकर कैसे चोरी हो रही है इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। निदेशक यह देखकर हैरान हुए थे कि केबल कैसे छील लिया गया। इससे कीमती केबल भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन चलाने वालों से नियमानुसार जुर्माना और शमन शुल्क वसूला जाएगा। इसका आकलन हो रहा है, भुगतान नहीं होने पर आरसी जारी होगी और एफआईआर पर पुलिस अलग से कार्रवाई करेगी। अवैध सेंटर पकड़ने के लिए कार्ययोजना बन रही है। - एनके मिश्रा, एसई शहर