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अधिकारियों की खींचतान में एनआरसी नहीं पहुंच रहे बच्चे
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डीएम के आदेश के बाद भी खाली पड़ा है एनआरसी वार्ड
बरेली। पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) वार्ड में बच्चे नहीं पहुंच रहे हैं। इस पर डीएम अधिकारियों को फटकार भी लगा चुके हैं। शनिवार को विकास भवन में हुई बैठक में डीएम नितीश कुमार ने कहा था कि एनआरसी में यदि बच्चे न पहुंचें तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों का वेतन रोक दिया जाए। दरअसल, अधिकारियों की आपसी खींचतान के चलते बच्चे वार्ड में नहीं पहुंच रहे हैं।
एनआरसी के 12 वार्डों में इस समय सिर्फ चार बच्चे भर्ती हैं। डाइटीशियन रोजी जैदी ने बताया कि वह कई बार इस संबंध में पत्र लिख चुकी हैं, लेकिन बच्चे नहीं आ रहे हैं। आशा और आंगनबाड़ी वर्कर्स की जिम्मेदारी है कि वे कुपोषित बच्चों को एनआरसी वार्ड लेकर आएं। शनिवार को हुई बैठक में डीएम ने जब कुपोषित बच्चों के इलाज की समीक्षा की तो डीपीओ आरबी सिंह ने बताया कि दो सौ बच्चे वेटिंग में हैं लेकिन एनआरसी में इलाज सही से नहीं हो रहा है। बच्चों को डाइट भी ठीक नहीं दी जा रही है। फरीदपुर सीएचसी के एक डॉक्टर ने भी बैठक में यही तर्क दिया था। इस पर डाइटीशियन रोजी जैदी ने कहा कि उनके यहां बच्चों का इलाज भी ठीक से हो रहा है और डाइट भी समय पर पूरी दी जा रही है। अभी तक किसी परिवार ने इस तरह की शिकायत भी नहीं की है। इस पर जब डीपीओ आरबी सिंह से बात की गई तो वह कहने लगे कि सर्दी के कारण बच्चे नहीं आ रहे हैं। सर्दी कम होते ही एनआरसी में बच्चों को भेजा जाएगा।
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बरेली। पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) वार्ड में बच्चे नहीं पहुंच रहे हैं। इस पर डीएम अधिकारियों को फटकार भी लगा चुके हैं। शनिवार को विकास भवन में हुई बैठक में डीएम नितीश कुमार ने कहा था कि एनआरसी में यदि बच्चे न पहुंचें तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों का वेतन रोक दिया जाए। दरअसल, अधिकारियों की आपसी खींचतान के चलते बच्चे वार्ड में नहीं पहुंच रहे हैं।
एनआरसी के 12 वार्डों में इस समय सिर्फ चार बच्चे भर्ती हैं। डाइटीशियन रोजी जैदी ने बताया कि वह कई बार इस संबंध में पत्र लिख चुकी हैं, लेकिन बच्चे नहीं आ रहे हैं। आशा और आंगनबाड़ी वर्कर्स की जिम्मेदारी है कि वे कुपोषित बच्चों को एनआरसी वार्ड लेकर आएं। शनिवार को हुई बैठक में डीएम ने जब कुपोषित बच्चों के इलाज की समीक्षा की तो डीपीओ आरबी सिंह ने बताया कि दो सौ बच्चे वेटिंग में हैं लेकिन एनआरसी में इलाज सही से नहीं हो रहा है। बच्चों को डाइट भी ठीक नहीं दी जा रही है। फरीदपुर सीएचसी के एक डॉक्टर ने भी बैठक में यही तर्क दिया था। इस पर डाइटीशियन रोजी जैदी ने कहा कि उनके यहां बच्चों का इलाज भी ठीक से हो रहा है और डाइट भी समय पर पूरी दी जा रही है। अभी तक किसी परिवार ने इस तरह की शिकायत भी नहीं की है। इस पर जब डीपीओ आरबी सिंह से बात की गई तो वह कहने लगे कि सर्दी के कारण बच्चे नहीं आ रहे हैं। सर्दी कम होते ही एनआरसी में बच्चों को भेजा जाएगा।
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