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30 लाख के कंबल आए हैं गरीबों के लिए.. ले जरूर लें
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गड़बड़ी की आशंका से प्रशासन ने कैंप लगाकर बांटने और लाभार्थी का अंगूठा लगवाने के दिए निर्देश
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सभी तहसीलों के लिए 460 रुपये की दर से खरीदे गए हैं 6500 कंबल
बरेली। हाड़ कंपा देने वाली ठंड में गरीब बुजुर्ग और असहायों के लिए प्रशासन ने 29.90 लाख रुपये से 6500 कंबल खरीद लिए हैं। इनकी आपूर्ति तहसीलों में कर दी गई है। दरअसल, गरीबों को कंबल बांटने में फर्जीवाड़े की शिकायतें अफसरों के पास पहुंचती रही हैं, लिहाजा इस बार कंबल वितरण में घोटालेबाज कोई खेल न कर पाएं, इसके लिए प्रशासन ने कैंप लगाकर किसी जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कंबलों का वितरण करने और रजिस्टर पर पाने वाले का पूरा नाम-पता दर्ज कर उसके हस्ताक्षर या अंगूठा लगवाने के निर्देश दिए हैं।
सर्दी में गरीबों को राहत देेने के लिए जिला प्रशासन ने इस बार 460 रुपये की दर से सभी तहसीलों के लिए 6500 कंबलों की खरीद की है। सदर तहसील में 1400 और बहेड़ी में 1100 कंबल बंटने हैं, जबकि मीरगंज, आंवला, फरीदपुर और नवाबगंज तहसीलों में 1000-1000 कंबल वितरित होने हैं। कंबल बांटने के लिए लेखपालों से सर्वे कराकर पात्रों की लिस्ट संबंधित तहसीलों में जमा कर दी गई है। चूंकि कंबलों के वितरण में पहले भी खेल होता रहा हैं और अधिकारियों के पास शिकायतें भी आती रही हैं कि सर्दी में कांपते बुजुर्गों, कुष्ठ रोगियों और दूसरेे गांव-कस्बों से यहां मेहनत मजदूरी, रिक्शा चलाने आने वाले गरीबों को कंबल नहीं मिल पाते हैं। लिहाजा इस बार ये खेल न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने कड़े निर्देश दिए हैं कि कंबलों का गुपचुप वितरण करने के बजाय तहसील या किसी सार्वजनिक जगह पर किसी जनप्रतिनिधि की मौजूदगी मेें शिविर लगाकर वितरण किया जाए। इसमें फर्जीवाड़ा न हो, इसके लिए इस साल यह भी व्यवस्था सख्ती से लागू की गई है कि जिसे भी कंबल दिया जाए, उसका रजिस्टर में नाम-पता लिखकर उसका अंगूठा निशानी या दस्तखत जरूर कराए जाएं।
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नेताजी चहेतों को रेवड़ी की तरह बांटते हैं कंबल
जो कंबल वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों, कुष्ठ रोगियों, बस अड्डा और स्टेशन पर रहने वाले बेघरों को मिलने चाहिए, उन्हें स्थानीय नेता अपने चहेतों को बंटवा देते हैं। राजनीतिक दबदबा होने से लेखपाल भी लिस्ट में उन्हीं के नाम चढ़ा देते हैं। प्रशासन की तरफ से भी ऐसी सूची की कोई क्रॉस चेकिंग नहीं होती है।
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प्रत्येक तहसील में अलाव जलाने के लिए मिले 50 हजार
सर्दी बढ़ने के साथ प्रशासन ने सार्वजनिक जगहों पर अलाव जलाने के लिए प्रत्येक तहसील को 50 हजार रुपये का बजट जारी कर दिया है। तहसीलदार सदर आशुतोष गुप्ता ने तहसील क्षेत्र में 25 जगह चिह्नित कर वहां अलाव जलाने के निर्देश दे दिए हैं।
सर्दी में बचाव के लिए गरीबों के लिए खरीदे गए कंबलों की आपूर्ति सभी तहसीलों में कर दी गई है। इनके वितरण में निगरानी रखी जाएगी। जरूरत पड़ी तो बाद में इसकी क्रॉस चेकिंग भी होगी। - मनोज कुमार पांडेेय, एडीएम (वित्त)।
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सभी तहसीलों के लिए 460 रुपये की दर से खरीदे गए हैं 6500 कंबल बरेली। हाड़ कंपा देने वाली ठंड में गरीब बुजुर्ग और असहायों के लिए प्रशासन ने 29.90 लाख रुपये से 6500 कंबल खरीद लिए हैं। इनकी आपूर्ति तहसीलों में कर दी गई है। दरअसल, गरीबों को कंबल बांटने में फर्जीवाड़े की शिकायतें अफसरों के पास पहुंचती रही हैं, लिहाजा इस बार कंबल वितरण में घोटालेबाज कोई खेल न कर पाएं, इसके लिए प्रशासन ने कैंप लगाकर किसी जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कंबलों का वितरण करने और रजिस्टर पर पाने वाले का पूरा नाम-पता दर्ज कर उसके हस्ताक्षर या अंगूठा लगवाने के निर्देश दिए हैं।
सर्दी में गरीबों को राहत देेने के लिए जिला प्रशासन ने इस बार 460 रुपये की दर से सभी तहसीलों के लिए 6500 कंबलों की खरीद की है। सदर तहसील में 1400 और बहेड़ी में 1100 कंबल बंटने हैं, जबकि मीरगंज, आंवला, फरीदपुर और नवाबगंज तहसीलों में 1000-1000 कंबल वितरित होने हैं। कंबल बांटने के लिए लेखपालों से सर्वे कराकर पात्रों की लिस्ट संबंधित तहसीलों में जमा कर दी गई है। चूंकि कंबलों के वितरण में पहले भी खेल होता रहा हैं और अधिकारियों के पास शिकायतें भी आती रही हैं कि सर्दी में कांपते बुजुर्गों, कुष्ठ रोगियों और दूसरेे गांव-कस्बों से यहां मेहनत मजदूरी, रिक्शा चलाने आने वाले गरीबों को कंबल नहीं मिल पाते हैं। लिहाजा इस बार ये खेल न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने कड़े निर्देश दिए हैं कि कंबलों का गुपचुप वितरण करने के बजाय तहसील या किसी सार्वजनिक जगह पर किसी जनप्रतिनिधि की मौजूदगी मेें शिविर लगाकर वितरण किया जाए। इसमें फर्जीवाड़ा न हो, इसके लिए इस साल यह भी व्यवस्था सख्ती से लागू की गई है कि जिसे भी कंबल दिया जाए, उसका रजिस्टर में नाम-पता लिखकर उसका अंगूठा निशानी या दस्तखत जरूर कराए जाएं।
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नेताजी चहेतों को रेवड़ी की तरह बांटते हैं कंबल
जो कंबल वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों, कुष्ठ रोगियों, बस अड्डा और स्टेशन पर रहने वाले बेघरों को मिलने चाहिए, उन्हें स्थानीय नेता अपने चहेतों को बंटवा देते हैं। राजनीतिक दबदबा होने से लेखपाल भी लिस्ट में उन्हीं के नाम चढ़ा देते हैं। प्रशासन की तरफ से भी ऐसी सूची की कोई क्रॉस चेकिंग नहीं होती है।
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प्रत्येक तहसील में अलाव जलाने के लिए मिले 50 हजार
सर्दी बढ़ने के साथ प्रशासन ने सार्वजनिक जगहों पर अलाव जलाने के लिए प्रत्येक तहसील को 50 हजार रुपये का बजट जारी कर दिया है। तहसीलदार सदर आशुतोष गुप्ता ने तहसील क्षेत्र में 25 जगह चिह्नित कर वहां अलाव जलाने के निर्देश दे दिए हैं।
सर्दी में बचाव के लिए गरीबों के लिए खरीदे गए कंबलों की आपूर्ति सभी तहसीलों में कर दी गई है। इनके वितरण में निगरानी रखी जाएगी। जरूरत पड़ी तो बाद में इसकी क्रॉस चेकिंग भी होगी। - मनोज कुमार पांडेेय, एडीएम (वित्त)।