फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Owners of hotels upset due to onion prices

उलझन.. मुर्गे में प्याज डालें या प्याज में मुर्गा

Tue, 17 Dec 2019 01:37 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 17 Dec 2019 01:37 PM IST
विज्ञापन
Owners of hotels upset due to onion prices
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
प्याज पर बढ़ी महंगाई घरों में ही नहीं बल्कि होटलों पर भी गुल खिला रही है। सलाद में तो प्याज 50 रुपये से ऊपर पहुंचते ही गायब हो गया था, अब नौबत यह है कि होटल वालों को सब्जियों में भी मन मसोसकर प्याज इस्तेमाल करना पड़ रहा है। मांसाहार खिलाने वाले जिन होटलों पर भरपूर प्याज की जरूरत होती है, वो कुछ ज्यादा ही परेशान हैं। इन होटल वालों का कहना है कि प्याज का भाव बढ़ते-बढ़ते चिकन के रेट तक पहुंच जाने से यह हालत हो गई है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि चिकन में प्याज डालें या प्याज में चिकन। प्रतिस्पर्धा के दौर में खाने-पीने के रेट बढ़ाना भी मुश्किल है, लिहाजा प्याज की बढ़ी कीमत ने उनके कारोबार के लिए ही खतरा पैदा कर दिया है।
विज्ञापन


जायके की लत छोड़ने के बाद घरों की रसोई में तो बगैर प्याज भी काम चल जा रहा है लेकिन होटल चलाने वालों प्याज पर बढ़ी महंगाई से बचने का कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है। वेज खाना खिलाने वाले होटलों ने तो सलाद में प्याज हटाने के साथ कुछ सब्जियां कम करके इससे मुक्ति पा ली है लेकिन नॉनवेज वाले होटल बुरी तरह फंस गए हैं। इन होटल वालों का कहना है कि प्याज का भाव मुर्गे से कुछ ही पीछे रह गया है। चिकन की डिश हो या मटन की, उनकी लागत डेढ़ गुना तक बढ़ गई है। लिहाजा समझ नहीं आ रहा कि कैसे काम चलाएं।
विज्ञापन


होटल वालों का कहना है कि चिकन और मटन की ग्रेवी प्याज पर निर्भर करती है। एक कुंतल प्याज भुनकर बमुश्किल सात किलो रह जाता है। जब तक प्याज को डिश में भरपूर मात्रा में न मिलाया जाए, उसका स्वाद नहीं उभरता। डिश जब ग्राहक के पास जाती है तो वह भी प्याज की मांग करता है। अगर न दो तो कारोबार प्रभावित होता है। इसके अलावा चिकन में इस्तेमाल की जाने वाली सफेद इलायची साल भर पहले 800 रुपये किलो थी, वह भी अब चार हजार रुपये किलो हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सर्दी का मौसम और प्याज की पकौड़ी के लाले

पकौड़ियों से भी प्याज गायब हो चुकी है। बाजार जाएं तो ज्यादातर दुकानों पर आलू, गोभी या मिर्च की ही पकौड़ी मिलेगी। प्याज की पकौड़ी बहुत कम दुकानदार ही बना रहे हैं जबकि अधिकांश लोग प्याज की पकौड़ियां ही पसंद करते हैं। इन दुकानदारों का भी कहना है कि प्याज की पकौड़ी में मुनाफा नहीं आ रहा है। सस्ता प्याज लगाने से दुकानदारी खतरे में पड़ती है।

जितना कारोबार होता है, उसका आधा पैसा तो प्याज में चला जाता है। चिकन की डिश में इस्तेमाल होने वाली सफेद इलायची भी साल भर में चार गुना महंगी हो चुकी है। लिहाजा मुनाफा आधा भी नहीं रह गया है। - मोहम्मद शादाब, होटल मालिक

महंगाई की वजह से प्याज कम ला रहे थे लेकिन इससे खानेे की लज्जत गायब हो गई। मुर्गा हो या मछली, ग्राहक को खाने में सलाद के तौर पर भी प्याज जरूर चाहिए। फिलहाल कुछ दिनों के लिए होटल बंद कर दिया है। - सिरोज सैफ कुरैशी, होटल मालिक

 

क्यों महंगी है प्याज

महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में पिछले दिनों बेमौसम हुई बारिश से बाढ़ आ गई थी। खेतों में प्याज बाढ़ से जमीन में दब गई या फिर खराब हो गई। जो खेतों से सही-सलामत निकली, वह भीगने से बर्बाद हो गई। अब वह प्याज बाजार में आ रहा है जो गोदामों में रखा गया था। प्याज की कमी होने से महंगाई बढ़ गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed