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शहरी सीमा में आई नहरों की जमीनों का होगा आवंटन
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शासन से बरेली समेत सभी शहरों में शुरू कराया गया चिह्नीकरण
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बरेली। सिंचाई और नहर विभाग अब शहरी सीमा में आने वाली निष्प्रयोज्य संपत्तियों का निस्तारण करेगा। पिछले दिनों शासन स्तर पर हुई बैठक में इस पर प्रस्ताव भी स्वीकार कर लिया गया। बरेली शहर में राजवाह और माइनर केनालों की हजारों वर्ग मीटर जमीन इस प्रस्ताव के दायरे में आने की संभावना है। इसलिए विभाग ने जमीनें चिह्नित करना शुरू कर दी हैं।
पिछले करीब दो दशकों से शहरी क्षेत्रों से सिंचाई कार्य पूरी तरह बंद हैं, इसलिए नहरों में पानी भी नहीं आता है। बरेली-पीलीभीत राजमार्ग पर करीब पचास वर्ष पहले त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन बनना शुरू हुआ तब सड़क और नहरों का काफी हिस्सा इसकी बाउंड्री में चला गया। इसके बाद धीरे-धीरे एयरफोर्स के आसपास अवैध निर्माण और आबादी बसना शुरू हुई। इससे नहरों की जमीन पर कब्जे और अतिक्रमण हो गए। कुछ स्थानों पर कॉलोनी तक बन गई हैं। नए प्रस्ताव के तहत नहरों पर हुए कब्जों को हटाकर नए सिरे से इसका आवंटन होना है।
अधीक्षण अभियंता पंचम (सिंचाई विभाग) ने शासन में लिए फैसलों के अनुसार शहरी क्षेत्र में विभागीय जमीन चिह्नित कराना शुरू कराया है। राजवाह और माइनर केनाल की जमीनें पीरबहोड़ा और एयरफोर्स स्टेशन के किनारे चिह्नित हुई हैं। निष्प्रयोज्य जमीन आवंटन के लिए प्रशासन तीन सदस्यीय कमेटी भी बनाएगा। विभाग ने प्रशासन को सूचित किया है कि इन स्थानोें पर करीब 17 कब्जे हैं। पीपी एक्ट के तहत इनका मामला सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में लंबित हैं। इनका निस्तारण भी जरूरी है। विभागीय अफसरों ने बताया कि नहरों की जमीनों आवंटन सरकारी विभाग और किसी संस्था आदि के लिए किया जा सकता है।
पिछले करीब दो दशकों से शहरी क्षेत्रों से सिंचाई कार्य पूरी तरह बंद हैं, इसलिए नहरों में पानी भी नहीं आता है। बरेली-पीलीभीत राजमार्ग पर करीब पचास वर्ष पहले त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन बनना शुरू हुआ तब सड़क और नहरों का काफी हिस्सा इसकी बाउंड्री में चला गया। इसके बाद धीरे-धीरे एयरफोर्स के आसपास अवैध निर्माण और आबादी बसना शुरू हुई। इससे नहरों की जमीन पर कब्जे और अतिक्रमण हो गए। कुछ स्थानों पर कॉलोनी तक बन गई हैं। नए प्रस्ताव के तहत नहरों पर हुए कब्जों को हटाकर नए सिरे से इसका आवंटन होना है।
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अधीक्षण अभियंता पंचम (सिंचाई विभाग) ने शासन में लिए फैसलों के अनुसार शहरी क्षेत्र में विभागीय जमीन चिह्नित कराना शुरू कराया है। राजवाह और माइनर केनाल की जमीनें पीरबहोड़ा और एयरफोर्स स्टेशन के किनारे चिह्नित हुई हैं। निष्प्रयोज्य जमीन आवंटन के लिए प्रशासन तीन सदस्यीय कमेटी भी बनाएगा। विभाग ने प्रशासन को सूचित किया है कि इन स्थानोें पर करीब 17 कब्जे हैं। पीपी एक्ट के तहत इनका मामला सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में लंबित हैं। इनका निस्तारण भी जरूरी है। विभागीय अफसरों ने बताया कि नहरों की जमीनों आवंटन सरकारी विभाग और किसी संस्था आदि के लिए किया जा सकता है।
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