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कई और सड़कें खुदेंगी, पूरे साल दिक्कतें झेलने को रहें तैयार
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बरेली। शहर में बन रहे पुलों के लटकते-झटकते निर्माण की वजह से 2019 में पूरे साल आने-जाने की दिक्कतों और प्रदूषण से जूझते रहे शहरवासी जब 31 दिसंबर की रात पूरे जोशखरोश के साथ नए साल का इस्तकबाल कर रहे थे तो शायद उन्हें जरा भी एहसास नहीं रहा होगा कि नया साल उनके लिए और भी ज्यादा मुश्किलें लेकर आया है। जनवरी में ही अधूरे खड़े पुलों के साथ ट्रंक सीवर लाइन के लिए गहरे गड्ढों की खुदाई के साथ इन मुश्किलों ने अपनी आमद दर्ज करा दी है। जल निगम ने यह भी साफ किया है कि यह खुदाई अभी कई और सड़कों पर होगी और उनका लक्ष्य ही दिसंबर में यह काम पूरा करने का है।
जल निगम ने कुछ ही समय पहले जंक्शन से सुभाषनगर होते हुए चौपुला और चौपुला से पुलिस लाइन के मेन गेट के सामने सीवर चैंबर बिछाने के लिए सड़क पर गहरी खुदाई की गई है। यह पूरा रोड अत्यधिक व्यस्त रहने वाला है। इस काम के खत्म होने से पहले ही श्यामगंज चौराहे और ईसाइयों की पुलिया से सेटेलाइट चौराहे तक कई और जगह खुदाई शुरू कर दी गई। जल निगम के मुताबिक इसके बाद फरवरी में स्टेट बैंक कॉलोनी से चौपुला तक और खुदाई होनी है। इसी तरह सीवर लाइन बिछाने के लिए चिह्नित सड़कों पर एक के बाद एक खुदाई होनी है। इससे यह भी साफ है कि चौपुला, सेटेलाइट, लाल फाटक और आईवीआरआई पर अधूरे पुलों की वजह से पहले से ही बेहाल शहर की मुसीबतें आगे और बढ़ेंगे। जल निगम के अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनका यह काम दिसंबर 2020 तक चलेगा। यानी साफ है कि शहर के लोगों को इसकी वजह से पूरे साल मुसीबतें झेलनी पड़ेंगी।
बता दें कि जल निगम ने कुछ ही समय पहले 54.85 करोड़ की लागत से चार स्थानों पर सीवर ट्रंक लाइन बिछाने का काम शुरू किया था। काम शुरू करने से पहले जिम्मेदार महकमों के बीच यातायात व्यवस्थित रखने के लिए कोई कार्ययोजना भी नहीं बनी। सुरक्षा मानकों का भी कोई ख्याल नहीं रखा गया है। लिहाजा लोग हादसे की आशंकाओं से भी जूझ रहे हैं। जाम बढ़ने से प्रदूषण का स्तर पहले ही चरम पर पहुंच गया है।
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शहर में सभी जगह खुदाई शुरू कराने से पहले ही ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम समेत सभी संबंधित विभागों को इसकी जानकारी दे दी गई थी। जल निगम के ये सभी काम दिसंबर 2020 तक हर हाल में पूरे कर लेने का लक्ष्य है। - संजय कुमार, अधिशासी अभियंता जल निगम
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जल निगम ने कुछ ही समय पहले जंक्शन से सुभाषनगर होते हुए चौपुला और चौपुला से पुलिस लाइन के मेन गेट के सामने सीवर चैंबर बिछाने के लिए सड़क पर गहरी खुदाई की गई है। यह पूरा रोड अत्यधिक व्यस्त रहने वाला है। इस काम के खत्म होने से पहले ही श्यामगंज चौराहे और ईसाइयों की पुलिया से सेटेलाइट चौराहे तक कई और जगह खुदाई शुरू कर दी गई। जल निगम के मुताबिक इसके बाद फरवरी में स्टेट बैंक कॉलोनी से चौपुला तक और खुदाई होनी है। इसी तरह सीवर लाइन बिछाने के लिए चिह्नित सड़कों पर एक के बाद एक खुदाई होनी है। इससे यह भी साफ है कि चौपुला, सेटेलाइट, लाल फाटक और आईवीआरआई पर अधूरे पुलों की वजह से पहले से ही बेहाल शहर की मुसीबतें आगे और बढ़ेंगे। जल निगम के अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनका यह काम दिसंबर 2020 तक चलेगा। यानी साफ है कि शहर के लोगों को इसकी वजह से पूरे साल मुसीबतें झेलनी पड़ेंगी।
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बता दें कि जल निगम ने कुछ ही समय पहले 54.85 करोड़ की लागत से चार स्थानों पर सीवर ट्रंक लाइन बिछाने का काम शुरू किया था। काम शुरू करने से पहले जिम्मेदार महकमों के बीच यातायात व्यवस्थित रखने के लिए कोई कार्ययोजना भी नहीं बनी। सुरक्षा मानकों का भी कोई ख्याल नहीं रखा गया है। लिहाजा लोग हादसे की आशंकाओं से भी जूझ रहे हैं। जाम बढ़ने से प्रदूषण का स्तर पहले ही चरम पर पहुंच गया है।
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शहर में सभी जगह खुदाई शुरू कराने से पहले ही ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम समेत सभी संबंधित विभागों को इसकी जानकारी दे दी गई थी। जल निगम के ये सभी काम दिसंबर 2020 तक हर हाल में पूरे कर लेने का लक्ष्य है। - संजय कुमार, अधिशासी अभियंता जल निगम