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सिटीज-2.0 योजना : यातायात, पर्यावरण और पर्यटन पर रहेगा जोर
Mon, 12 Oct 2026 02:13 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 12 Oct 2026 02:13 AM IST
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बरेली। केंद्र सरकार की सिटीज-2.0 योजना के तहत बरेली और आगरा का चयन किया गया है। यह योजना शहर को आधुनिक, पर्यावरण के अनुकूल और सुनियोजित बनाने पर केंद्रित है। इसके तहत यातायात नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक-पर्यटन स्थलों का विकास किया जाएगा।
नगर निगम की एक्सपर्ट टीम शहर की जरूरतों का आकलन करने के लिए व्यवहार्यता सर्वेक्षण कर रही है। सिटीज-2.0 से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, यातायात प्रबंधन को आधुनिक और सुगम बनाने की कार्ययोजना बनाई जा रही है। नाथ कॉरिडोर से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसका उद्देश्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच को सुगम बनाना है। योजना में पर्यावरण संरक्षण और ठोस कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर विशेष जोर रहेगा। कचरा प्रबंधन की मौजूदा व्यवस्था में सुधार के लिए दिल्ली से एक विशेष टीम बरेली का दौरा करेगी। यह टीम कचरा निस्तारण प्रक्रिया का जायजा लेगी। सर्वे पूरा होने के बाद एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।
धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को निखारेगी
सिटीज-2.0 योजना बरेली की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को निखारेगी। नाथ कॉरिडोर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों का कायाकल्प किया जाएगा। इसमें प्रमुख मंदिरों और पर्यटन स्थलों के आसपास आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होगा। बेहतर मार्ग संपर्क और व्यवस्थित शहरी ढांचे का विकास भी किया जाएगा। विकास कार्यों में गति लाने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे शहर के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से जाम की समस्या कम होगी। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि डीपीआर तैयार करने का काम चल रहा है, जिसके बाद योजना पर काम शुरू होगा।
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नगर निगम की एक्सपर्ट टीम शहर की जरूरतों का आकलन करने के लिए व्यवहार्यता सर्वेक्षण कर रही है। सिटीज-2.0 से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, यातायात प्रबंधन को आधुनिक और सुगम बनाने की कार्ययोजना बनाई जा रही है। नाथ कॉरिडोर से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसका उद्देश्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच को सुगम बनाना है। योजना में पर्यावरण संरक्षण और ठोस कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर विशेष जोर रहेगा। कचरा प्रबंधन की मौजूदा व्यवस्था में सुधार के लिए दिल्ली से एक विशेष टीम बरेली का दौरा करेगी। यह टीम कचरा निस्तारण प्रक्रिया का जायजा लेगी। सर्वे पूरा होने के बाद एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।
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धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को निखारेगी
सिटीज-2.0 योजना बरेली की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को निखारेगी। नाथ कॉरिडोर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों का कायाकल्प किया जाएगा। इसमें प्रमुख मंदिरों और पर्यटन स्थलों के आसपास आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होगा। बेहतर मार्ग संपर्क और व्यवस्थित शहरी ढांचे का विकास भी किया जाएगा। विकास कार्यों में गति लाने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे शहर के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से जाम की समस्या कम होगी। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि डीपीआर तैयार करने का काम चल रहा है, जिसके बाद योजना पर काम शुरू होगा।
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