{"_id":"5d59ac468ebc3e89c00385b0","slug":"circle-rate-bareilly-news-bly372799473","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेट रिवाइज में फिर अटक गया लालफाटक फोरलेन प्रोजेक्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेट रिवाइज में फिर अटक गया लालफाटक फोरलेन प्रोजेक्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। रेट रिवाइज के चक्कर में लालफाटक रोड को फोरलेन बनाने का प्रोजेक्ट लटक गया है। पीडब्ल्यूडी को फिर से इस रोड का नया प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजना होगा। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि रोड बनाने में कुछ तकनीकी बदलाव और नक्शे में सुधार की वजह से फिर से डीपीआर तैयार हो रही है।
लालफाटक से बदायूं हाईवे तक करीब साढ़े चार किलोमीटर रोड को फोरलेन बनाने की घोषणा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने की थी। इस रोड को 17 मीटर चौड़ा बनाया जाना है। पीडब्ल्यूडी ने अधिकारियों ने करीब छह महीने पहले 26 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन में भेजा था। रोड चौड़ीकरण के लिए सर्वे होने के बाद पीडब्ल्यूडी के अफसरों का कहना है कि सड़क के दोनों ओर विभाग के पास पर्याप्त जगह है। ऐसे में प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण करने की भी जरूरत नहीं है। वहीं, शासन ने फिर से इस प्रोजेक्ट को रिवाइज करने का आदेश दिया है। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर प्रमेश गुप्ता का कहना है कि इसमें सड़क की नीचे की लेयर में कुछ बदलाव होने हैं। साथ ही रोड की तकनीकी और नक्शा में भी सुधार होना है। इसलिए इसका प्रोजेक्ट दोबारा बनाकर भेजा जाएगा।
विज्ञापन
लालफाटक से बदायूं हाईवे तक करीब साढ़े चार किलोमीटर रोड को फोरलेन बनाने की घोषणा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने की थी। इस रोड को 17 मीटर चौड़ा बनाया जाना है। पीडब्ल्यूडी ने अधिकारियों ने करीब छह महीने पहले 26 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन में भेजा था। रोड चौड़ीकरण के लिए सर्वे होने के बाद पीडब्ल्यूडी के अफसरों का कहना है कि सड़क के दोनों ओर विभाग के पास पर्याप्त जगह है। ऐसे में प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण करने की भी जरूरत नहीं है। वहीं, शासन ने फिर से इस प्रोजेक्ट को रिवाइज करने का आदेश दिया है। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर प्रमेश गुप्ता का कहना है कि इसमें सड़क की नीचे की लेयर में कुछ बदलाव होने हैं। साथ ही रोड की तकनीकी और नक्शा में भी सुधार होना है। इसलिए इसका प्रोजेक्ट दोबारा बनाकर भेजा जाएगा।
विज्ञापन