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डीसीबी चेयरमैन और भाजपा नेता को निजी मुचलके पर छोड़ा था एसआईटी ने

Mon, 25 Nov 2019 12:16 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Mon, 25 Nov 2019 12:16 AM IST
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चिन्मयानंद - फोटो : अमर उजाला

पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद से सवा करोड़ रुपये मांगने के मामले में घिरे जिला सहकारी बैंक (डीसीबी) के चेयरमैन और भाजपा नेता को एसआईटी ने गिरफ्तार करने के बाद निजी मुचलके पर जमानत पर छोड़ दिया था। सूत्रों का कहना है कि डीपीएस राठौर को 3 नवंबर और अजीत सिंह को एक दिन पहले गिरफ्तार किया गया था।

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एसआईटी ने सीजेएम कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में दोनों की गिरफ्तारी की बात दर्ज की है। जबकि 5 नवंबर को एसआईटी ने दोनों नेताओं की गिरफ्तारी की बात मीडिया से छिपाई थी।
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एसआईटी ने अपनी चार्जशीट में चिन्मयानंद को दुष्कर्म का आरोपी माना है। चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगने के मामले में एलएलएम की छात्रा, उसके दोस्त संजय, सचिन और विक्रम आरोपी बनाए गए है। चिन्मयानंद से सवा करोड़ रुपये मांगने का आरोप जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन डीपीएस राठौर और भाजपा नेता अजीत सिंह पर लगा है।इसका खुलासा एसआईटी ने जांच पूरी करने के बाद 5 नवंबर को प्रेस कांफ्रेंस में किया था।
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एसआईटी के मुताबिक कोतवाली पुलिस ने छात्रा और उसके दोस्त संजय को राजस्थान के दौसा में जब पकड़ा था तब डीपीएस राठौर और अजीत सिंह वहीं थे। पकड़े जाने से पहले छात्रा ने एक नीले व सफेद रंग के पैकेट में दो पेन ड्राइव व ओटीजी पुलिस वालों से छिपाकर अजीत को दिए थे।

बाद में उनमें से एक पेन ड्राइव व ओटीजी अजीत ने संजय को लौटा दिए थे, जबकि दूसरी पेन ड्राइव व ओटीजी डीपीएसी राठौर व अजीत ने रख लिए थे। इसी पेन ड्राइव में मौजूद चिन्मयानंद के अश्लील वीडियो के माध्यम से रंगदारी की रकम मांगी गई थी। इसके लिए चिन्मयानंद को अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई थी।

एसआईटी ने डीपीएस राठौर और अजीत को हिरासत में लेकर कई दौर में पूछताछ की थी। एसआईटी ने साक्ष्य जुटाने के बाद 2 नवंबर को अजीत सिंह को गिरफ्तार किया था। डीपीएस राठौर को 3 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। दोनों को गिरफ्तारी के दिन ही निजी मुचलके पर छोड़ भी दिया गया था। जमानत के समय दोनों ने यह लिखकर दिया था कि कोर्ट जब बुलाएगा हाजिर हो जाएंगे।


डीपीएस राठौर और अजीत सिंह की गिरफ्तारी और जमानत की बात को एसआईटी ने अपनी चार्जशीट में दर्ज किया है। हालांकि 5 नवंबर को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पत्रकारों के पूछने पर एसआईटी ने सात साल से कम सजा वाली धाराएं होने का हवाला देते हुए दोनों की गिरफ्तारी से इनकार किया था।

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