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Bareilly News: चीनी मांझा आज भी बिकता है, पर दिखता नहीं

Sun, 12 Jan 2025 10:11 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jan 2025 10:11 AM IST
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Chinese manja is still sold today, but is not visible
बरेली। शाहजहांपुर में चीनी मांझे से गर्दन कटने से सिपाही शाहरुख की मौत के बाद शहर में भी पुलिस-प्रशासन ने छापे मारे। हालांकि उन्हें कहीं भी चीनी मांझा बिकता नहीं पाया गया, लेकिन सूत्रों की मानें तो पुराने शहर और घनी आबादी में अभी भी प्रतिबंधित मांझा बिक रहा है। हालांकि दुकानदार ऐसे ही लोगों को देते हैं, जिन्हें वे अच्छे से जानते-पहचानते हैं।
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शहर में घनी आबादी के बीच पतंगबाजी होती है। पंद्रह अगस्त और मकर संक्रांति के दिन बड़ी संख्या में पतंगें उड़ाई जाती हैं और पेंच लड़ाए जाते हैं। इसमें पाया गया है कि कई बार चीनी मांझे का भी इस्तेमाल किया जाता है। नायलॉन और कांच व लोहे के चूरे से बना यह मांझा खतरनाक होता है। इस वजह से कई लोगों की जान जा चुकी है। कई घायल भी हो चुके हैं। पक्षी भी हादसे का शिकार हुए हैं।
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सूत्रों के मुताबिक दुकानदार मांझे को दुकानों पर नहीं रख रहे हैं। वह मांझे को घर या अन्य गोपनीय स्थान पर गोदाम बनाकर रख रहे हैं। मांग के मुताबिक परिचितों के माध्यम से ही बेचते हैं।
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ऑनलाइन भी मिल रहा खूनी मांझा
पुलिस प्रशासन कई बार चीनी मांझा बेचने वालों पर कार्रवाई कर चुका है। इसके बाद भी यह मांझा लोगों के हाथों तक पहुंच रहा है। बताया जा रहा है कि चीनी मांझा ऑनलाइन भी बेचा जाता है। प्रतिबंध होने के कारण इस मांझे को आर्ट, क्राफ्ट और बच्चों के प्रोजेक्ट में इस्तेमाल होने वाले धागे के नाम से बेच दिया जाता है। इसलिए पुलिस प्रशासन भी इस पर नियंत्रण नहीं रख पाता है।
सीओ के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने देखी दुकानें
- सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव के निर्देश पर शनिवार शाम कोतवाली पुलिस ने कुतुबखाना और बिहारीपुर बाजार में चीनी मांझा तलाशा। कोतवाल अमित पांडेय ने बताया कि बाजार में सामान्य मांझा ही बिकता मिला। सीओ ने बताया कि मकर संक्रांति के मद्देनजर चेकिंग अभियान बच्चों से लेकर पुलिसवालों तक को लहूलुहान करता रहा है मांझा
- 26 सितंबर 2024 को कोहाड़ापीर पुल पर पिता महेंद्र गुप्ता के साथ बाइक पर बैठकर जा रहा तीन साल का बेटा अथर्व उर्फ चीकू चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया। मांझा बच्चे के चेहरे पर लिपट गया जिससे उसकी नाक और आंख पर गहरे घाव हो गए। उसे पिता ने नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया।
- नौ मई 2024 को कोतवाली में तैनात दरोगा महेश चौधरी मांझे की चपेट में आ गए। वह महादेव पुल से गुजर रहे थे कि मांझा उनकी गर्दन में लिपट गया। साथियों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया।



- जुलाई 2023 में राजीव नगर कॉलोनी निवासी सचिन की ढाई माह की बेटी शिवांशी मांझे से घायल हो गई। सचिन की पत्नी नीतू जब घर की छत पर बेटी को गोद में लेकर टहल रही थीं, तब ये घटना हुई।

- वर्ष 2021 में फतेहगंज पश्चिमी के कपड़ा व्यापार मंडल के महामंत्री ताहिर रजा नूरी बरेली आते वक्त मिनी बाईपास पर गले में चाइनीज मांझा फंसने से लहूलुहान हो गए थे। इसी दिन मढ़ीनाथ निवासी व्यापारी शिवा गुप्ता मुखर्जी अस्पताल के पास चाइनीज मांझे की चपेट में आए और उनकी नाक पर गहरे घाव हो गए।




- अगस्त 2020 में दो लोगों को इस खूनी मांझे ने लहूलुहान किया था। तब चौपुला निवासी अजय चौहान व सुभाषनगर के महेंद्र कश्यप की नाक मांझे की चपेट में आकर काफी कट गई थी। अमर उजाला ब्यूरो

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर मौजूद विधायक व वक्ता। 

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर मौजूद विधायक व वक्ता। 

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