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छोटी उम्र में ‘मीठी’ बीमारी बनी बच्चों की दुश्मन

Tue, 14 Nov 2017 02:03 AM IST
बरेली।
बरेली। Updated Tue, 14 Nov 2017 02:03 AM IST
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क्या कभी सोचा है कि खेलने-कूदने की उम्र में बच्चों को डायबिटीज जैसी बड़ों की बीमारी भी हो सकती है। अगर नहीं सोचा है तो सावधान हो जाएं, क्याेंकि खराब जीवनशैली और मोटापे की वजह से 10 से 15 वर्ष की उम्र में भी डायबिटीज हो रही है। डॉक्टरों के पास पहुंच रहे ऐसे मरीजों को दवाएं देने के साथ लाइफ स्टाइल सुधारने को कहा जाता है।
डायबिटीज पहले बड़े बुजुर्गों और अमीरों की बीमारी बनी, बाद में यह जवानों और गरीबों तक पहुंच गई। अब इसने बच्चों में भी अपनी जद में ले लिया है। शहर के डायबिटीज विशेषज्ञों से बातचीत में उन्होंने बताया कि पैदाइशी डायबिटीज से पीड़ित बच्चे तो अच्छी संख्या में हैं, लेकिन 10 साल से बड़ी उम्र के बच्चों में डायबिटीज देखकर हैरानी हो रही है। चिकित्सा जगत में इसे डायबिटीज (मधुमेह) और ओबेसिटी (मोटापा) मिलाकर डायसिटी का नाम दिया गया है। इसके सबसे बड़े दोषी अभिभावक हैं जो बच्चों को बीमार लाइफ दे रहे हैं। फास्ट फूड, देर तक सोने की आदत, कोल्डड्रिंक और टीवी, गेम से मोटापा बढ़ रहा है। मोटापा बढ़ने पर बच्चे को शुगर हो रही है। यह शुगर टाइप टू यानी बड़े लोगाें में होनी वाली शुगर है।  
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... नहीं तो बचपन में ही दिखेंगे बूढ़े
डायबिटीज विशेषज्ञ डॉ. अजीत साहनी ने बताया कि उनके पास 13 साल का एक बच्चा इलाज कराने आया, जिसका वजन 70 किलोग्राम था। इसे टाइप 2 शुगर थी। बीमारी से बचने के लिए बच्चे अपनी टाइमिंग ठीक करें नहीं तो जल्द बूढे़ हो जाएंगे। शुगर जैसी बीमारी अंदर से शरीर को कमजोर करती है इसलिए फास्ट फूड छोड़ें और घर का हेल्दी खाना खाएं। टीवी और गेम कम करें, आउटडोर गेम खेलने में मन लगाएं। पढ़ाई में समय का ध्यान दें, लेकिन हर वक्त पढ़ना ठीक नहीं है।   
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तरह-तरह की डायबिटीज 
टाइप 1- पैदाइशी 
टाइप 2- लाइफ स्टाइल की वजह से 
टाइप 3- पेंक्रियाज खराब होने पर 
टाइप 1.5- कंट्रोल होने के बाद फिर होना



मोटापे की वजह से इंसुलिन रेजिसटेंस हो जाती है, जिससे पेंक्रियाज में इंसुलिन बननी कम हो जाती है। मोडी यानी मैच्योर ओबेसिटी डायबिटीज ऑफ यंग इसे नाम दिया गया है, इसलिए मोटापे से ग्रसित लोगों को लाइफस्टाइल सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। 

- डॉ. डीपी शर्मा, डायबिटीज विशेषज्ञ 

हमारे यहां मोटापा काफी अच्छा माना जाता है, इसलिए अभिभावक बच्चों को खूब फास्ट फूड, कोक , पिज्जा देते हैं। यह खतरनाक है। एक तरह का वायरल इंफेक्शन भी डायबिटीज में कारण बताया जा रहा है। यह पेंक्रियाज में वीटा सेल्स को खत्म करते हैं, जिससे इंसुलिन नहीं बनता और बच्चे शुगर के मरीज बनते हैं। 
- डॉ. रवि खन्ना, बाल रोग विशेषज्ञ 
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