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Bareilly News: सेप्टिक टैंक में गिरकर मासूम की मौत
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सिरौली। मोहल्ला कुरेशियान में एक निर्माणाधीन मकान के खुले सेप्टिक टैंक में गिरकर मंगलवार सुबह पांच वर्षीय मासूम की मौत हो गई।
मोहल्ला कुरेशियान निवासी दिलशाद मलिक ने बताया कि उनका इकलौता बेटा एजान मंगलवार सुबह करीब 11 बजे घर के पास खेल रहा था। कुछ देर बाद वह लापता हो गया। परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने आसपास उसकी तलाश शुरू की।
हालांकि, एजान का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद बाजार में स्थित दुकान के कैमरों की जांच की गई। रिकाॅर्डिंग में एजान एक होटल में जाता हुआ दिखा।
इस होटल के ठीक बराबर में एक नेता का आवास बन रहा है। इस निर्माणाधीन आवास में एक खुला सेप्टिक टैंक भी था। एजान उसी में गिर गया। शाम पांच बजे उसका शव मिला।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजने को कहा। एजान के पिता पीलीभीत में काम करते हैं। उनके आने तक परिजन पोस्टमाॅर्टम कराने को तैयार नहीं हुए। सीओ अजय कुमार ने बताया कि मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। फिलहाल, पंचायतनामा भरकर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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सेप्टिक टैंक ढका होता तो नहीं जाती जान : लोगों का कहना है कि यदि सेप्टिक टैंक ढक कर रखा गया होता, तो मासूम की जान बच सकती थी। लोग सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल उठा रहे हैं। संवाद
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मोहल्ला कुरेशियान निवासी दिलशाद मलिक ने बताया कि उनका इकलौता बेटा एजान मंगलवार सुबह करीब 11 बजे घर के पास खेल रहा था। कुछ देर बाद वह लापता हो गया। परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने आसपास उसकी तलाश शुरू की।
हालांकि, एजान का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद बाजार में स्थित दुकान के कैमरों की जांच की गई। रिकाॅर्डिंग में एजान एक होटल में जाता हुआ दिखा।
इस होटल के ठीक बराबर में एक नेता का आवास बन रहा है। इस निर्माणाधीन आवास में एक खुला सेप्टिक टैंक भी था। एजान उसी में गिर गया। शाम पांच बजे उसका शव मिला।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजने को कहा। एजान के पिता पीलीभीत में काम करते हैं। उनके आने तक परिजन पोस्टमाॅर्टम कराने को तैयार नहीं हुए। सीओ अजय कुमार ने बताया कि मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। फिलहाल, पंचायतनामा भरकर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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सेप्टिक टैंक ढका होता तो नहीं जाती जान : लोगों का कहना है कि यदि सेप्टिक टैंक ढक कर रखा गया होता, तो मासूम की जान बच सकती थी। लोग सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल उठा रहे हैं। संवाद