मुख्यमंत्री जी! भूमाफिया पर प्रदेश भर में कार्रवाई तो इन्वर्टिस को क्यों छोड़ा, पूर्व मेयर ने सीएम योगी को लिखा पत्र
पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर नगर निगम की जमीन पर कब्जा करने के मामले में मेयर उमेश गौतम के आधिपत्य वाली इन्वर्टिस यूनीवर्सिटी के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को याद दिलाया है कि उन्हीं के आदेश पर प्रदेश भर में भूमाफिया पर लगातार कार्रवाई हो रही है। सरकार का यह फैसला सराहनीय है लेकिन सवाल यह है कि करोड़ों की सरकारी जमीन कब्जाए बैठे बरेली के मेयर पर कब कार्रवाई होगी।
पूर्व मेयर डॉ. तोमर ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में मेयर उमेश गौतम पर नगर निगम की करीब दस बीघा जमीन कब्जा कर उस पर यूनीवर्सिटी बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि इस अवैध निर्माण की कई बार प्रशासनिक स्तर पर जांच की जा चुकी है। 25 जुलाई 2005 को एसडीएम फरीदपुर ने स्थलीय जांच करके अवैध कब्जों को चिन्हित किया था।
इस दौरान 0.590 हेक्टेयर जमीन पर मेयर के कब्जे की पुष्टि हुई थी। 15 सितंबर 2005 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर डीएम बरेली ने संयुक्त सर्वे टीम गठित कर नगर निगम की भूमि की पैमाइश कराई थी। इस टीम ने भी अवैध कब्जे की रिपोर्ट दी थी। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में पूर्व मेयर ने नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने नगर आयुक्त अभिषेक आनंद की उस रिपोर्ट का भी पत्र में उल्लेख किया है कि जिसमें तत्कालीन नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव के फैसलों को गलत बताया गया है।
उमेश गौतम ने खुद स्वीकार किया था अवैध कब्जा.. पत्र मेरे पास
पूर्व मेयर डॉ. तोमर ने बताया कि मेयर उमेश गौतम नगर निगम की जमीन पर अपना कब्जा होने की बात खुद भी स्वीकार कर चुके हैं। इस संबंध में उनकी ओर से लिखा गया पत्र अब भी उनके पास है जिसे उन्होंने सीएम को भेजा है। 18 फरवरी 2006 को मेयर उमेश गौतम ने नगर निगम को भेजे इस पत्र में स्वीकार किया था कि निगम की जमीन उनके कब्जे में है और उस पर कंप्यूटर लैब और सेमिनार हॉल बना हुआ है। 23 मई 2006 उमेश गौतम ने फिर एक पत्र नगर आयुक्त को दिया जिसमें कहा था कि अवैध कब्जे वाली जमीन सरकारी दर या शासन से निर्धारित मूल्य पर उन्हें हस्तांतरित कर दी जाए। उन्होंने कहा कि जब पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां की यूनिवर्सिटी को खाली कराया जा सकता है तो मेयर उमेश गौतम की यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
अवैध कब्जे की कहानी
1999 में मेयर उमेश गौतम ने इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी की शुरूआत की थी। उस समय शाहजहांपुर रोड पर ग्राम बहगुलपुर में नगर निगम की 110 बीघा जमीन पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाया जाना था। तब डॉ. आईएस तोमर मेयर थे। 2006 में सुप्रिया ऐरन मेयर बनीं तो उन्होंने यूनिवर्सिटी के अवैध कब्जे को ध्वस्त करा दिया था। इस मामले में हाईकोर्ट में रिट दायर करने वाले पूर्व पार्षद मुनीश शर्मा ने बताया कि यूनिवर्सिटी की ओर से बाद में फि र कब्जा कर लिया गया।
डॉ. तोमर पहले अपना नर्सिंग होम गिरवाएं
मेयर उमेश गौतम ने कहा सपा शासन में डॉ. तोमर ने कराए तमाम कब्जे
पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर के आरोपों की प्रतिक्रिया में मेयर उमेश गौतम ने कहा कि नगर निगम की जमीन पर उनका कोई कब्जा नहीं है। जो कब्जा था, उसे 2006 में खाली करा लिया गया था। उन्होंने कहा कि वैसे भी डॉ. आईएस तोमर अगर आदर्शों की बातें न करें तो ठीक रहेगा। सपा सरकार में उन्होंने शहर भर में तमाम अवैध कब्जे किए हैं। उनका नर्सिंग होम गिराने का आदेश हुआ था। पहले वह अपना नर्सिंग होम गिरवाएं और आदर्श स्थापित करें। यदि इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी ने कब्जा किया था तो मेयर रहते हुए उन्होंने उसे गिरवा क्यों नहीं दिया। दरअसल डॉ. तोमर भाजपा सरकार में हो रहे विकास को नहीं पचा पा रहे हैं। इसीलिए भाजपा सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।