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चौबारी मेले में आ गई रंगत, उद्घाटन आज
बरेली
Updated Sun, 22 Nov 2015 01:49 AM IST
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बरेली। चौबारी में रामगंगा के कार्तिक पूर्णिमा मेले में शनिवार को रंगत दिखने लगी। मेला स्थल पर डेरे-तंबू और दुकानों की संख्या बढ़ गई। रात में खासी संख्या में लाइटें भी दिखाई दीं। प्रशासन ने भी यहां अपना टेंट लगाया है। रविवार शाम को साढ़े चार बजे डीएम गौरव दयाल पूजा-अर्चना कर मेले की औपचारिक शुरुआत करेंगे। हालांकि अभी नखासा स्थल सूना है। उम्मीद है कि रविवार से नखासा भी सजने लगेगा। यहां घोड़े और अन्य पशुओं को लाने का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
29 नवंबर तक चलने वाले मेला में 25 को पूर्णिमा पर लोग स्नान करने आएंगे। इसके लिए प्रशासन ने रामगंगा तट पर काफी इंतजाम किए हैं। एकादशी पर भी श्रद्धालु स्नान दान आदि करेंगे। इसके लिए तहसील प्रशासन ने तट पर सड़क मार्ग के पुल के नीचे पूर्व दिशा में घाट बनवाए हैं। गहरे पानी तक जाने से लोगों को रोकने के लिए बैरीकेटिंग भी की जा रही है। वहीं, रेलवे पुल के नीचे पश्चिमी दिशा में बने परंपरागत घाट के टीले प्रशासन ने जेसीबी से तुड़वा दिए हैं और यहां तक जाने वाले रास्ते पर बैरीकेटिंग कराई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि परंपरागत घाट की तरफ काफी जलस्तर है, जिससे डूबने का खतरा है। इस रास्ते पर जाने से श्रद्धालुओं को रोकने के लिए पुलिस भी लगाई जाएगी। शनिवार को तहसील के अधिकारियों ने घाट की तैयारियों का जायजा लिया। वहीं, नाव भी मंगाई गई हैं। पीएसी की दो नाव भी रामगंगा में रहेगी।
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29 नवंबर तक चलने वाले मेला में 25 को पूर्णिमा पर लोग स्नान करने आएंगे। इसके लिए प्रशासन ने रामगंगा तट पर काफी इंतजाम किए हैं। एकादशी पर भी श्रद्धालु स्नान दान आदि करेंगे। इसके लिए तहसील प्रशासन ने तट पर सड़क मार्ग के पुल के नीचे पूर्व दिशा में घाट बनवाए हैं। गहरे पानी तक जाने से लोगों को रोकने के लिए बैरीकेटिंग भी की जा रही है। वहीं, रेलवे पुल के नीचे पश्चिमी दिशा में बने परंपरागत घाट के टीले प्रशासन ने जेसीबी से तुड़वा दिए हैं और यहां तक जाने वाले रास्ते पर बैरीकेटिंग कराई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि परंपरागत घाट की तरफ काफी जलस्तर है, जिससे डूबने का खतरा है। इस रास्ते पर जाने से श्रद्धालुओं को रोकने के लिए पुलिस भी लगाई जाएगी। शनिवार को तहसील के अधिकारियों ने घाट की तैयारियों का जायजा लिया। वहीं, नाव भी मंगाई गई हैं। पीएसी की दो नाव भी रामगंगा में रहेगी।
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