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चौबारी मेला शुरू, रामगंगा तट पर बिखरने लगी रौनक
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रामगंगा चौबारी मेले में नक्खासे में दौड़ते घोड़े - अमर उजाला
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बरेली। रामगंगा के चौबारी घाट पर लगने वाले कार्तिक मेले का सोमवार को हवन-पूजन के साथ आधिकारिक उद्घाटन हो गया। इसके साथ ही रामगंगा घाट पर मेले की रौनक बिखरने लगी है। मेले में लोगों की भीड़ भी जुटने लगी है।
कोरोना संक्रमण के चलते दो साल मेले के आयोजन पर रोक रही। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का प्रकोप कम होने के बाद इस बार मेले का आयोजन किया गया है। इसके लिए पंद्रह दिनों से रामगंगा तट पर तैयारियां चल रही थीं। घाट पर साफ-सफाई के साथ ही जमीन समतल करके रास्ते बनाए गए। श्रद्धालुओं को स्नान में परेशानी न हो इसके लिए रामगंगा में भी साफ-सफाई का काम किया गया।
मेले के उद्घाटन के मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा रहे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फीता काटकर बिथरी चैनपुर विधायक राजेश मिश्र उर्फ पप्पू भरतौल और जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने मेला का उद्घाटन किया। मेले को भव्य रूप देने के लिए रामगंगा तट पर जगह-जगह बांस की बल्लियां लगाकर लाइटिंग की व्यवस्था की गई है।
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जिला प्रशासन के साथ ही पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने भी अपने कैंप लगाए हैं। दुकानें सज गई हैं। राजस्थान के कारीगर मेले में सिल-बट्टा लेकर पहुंचे हैं। खानपान की दुकानें और झूले भी लगे हैं। उद्घाटन के मौके पर सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण, एडीएम (प्रशासन) वीके सिंह भी मौजूद रहे।
पशु मेले का इंतजार कर रहे लोग
चौबारी मेला पशुओं खासतौर से घोड़ा, खच्चर आदि की खरीद-फ्रोख्त के लिए प्रसिद्ध है। मेले के नखाशे में दूरदराज से ग्रामीण और पशु व्यापारी पशुओं को लेकर पहुंचते हैं। पशुओं की खरीद करने वालों को भी साल भर मेले का इंतजार रहता है। इस बार भी नखाशे के लिए जगह चिह्नित कर दी गई है, मगर अब तक नखाशे में आम लोग अपने पशुओं को लेकर नहीं पहुंचे हैं।
डीएम के इंतजार में रुका रहा उद्घाटन
जिला प्रशासन की ओर से मेले के उद्घाटन के लिए दोपहर 1:30 बजे का समय नियत किया गया था। तय समय पर विधायक के साथ सीडीओ, एसएसपी और दूसरे अधिकारी मेले में पहुंच गए, मगर डीएम डेढ़ घंटा देरी से पहुंचे। विधायक भी डेढ़ घंटे तक डीएम के इंतजार में बैठे रहे। डीएम के पहुंचने पर करीब तीन बजे मेले का उद्घाटन हो पाया।
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कोरोना संक्रमण के चलते दो साल मेले के आयोजन पर रोक रही। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का प्रकोप कम होने के बाद इस बार मेले का आयोजन किया गया है। इसके लिए पंद्रह दिनों से रामगंगा तट पर तैयारियां चल रही थीं। घाट पर साफ-सफाई के साथ ही जमीन समतल करके रास्ते बनाए गए। श्रद्धालुओं को स्नान में परेशानी न हो इसके लिए रामगंगा में भी साफ-सफाई का काम किया गया।
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मेले के उद्घाटन के मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा रहे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फीता काटकर बिथरी चैनपुर विधायक राजेश मिश्र उर्फ पप्पू भरतौल और जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने मेला का उद्घाटन किया। मेले को भव्य रूप देने के लिए रामगंगा तट पर जगह-जगह बांस की बल्लियां लगाकर लाइटिंग की व्यवस्था की गई है।
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जिला प्रशासन के साथ ही पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने भी अपने कैंप लगाए हैं। दुकानें सज गई हैं। राजस्थान के कारीगर मेले में सिल-बट्टा लेकर पहुंचे हैं। खानपान की दुकानें और झूले भी लगे हैं। उद्घाटन के मौके पर सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण, एडीएम (प्रशासन) वीके सिंह भी मौजूद रहे।
पशु मेले का इंतजार कर रहे लोग
चौबारी मेला पशुओं खासतौर से घोड़ा, खच्चर आदि की खरीद-फ्रोख्त के लिए प्रसिद्ध है। मेले के नखाशे में दूरदराज से ग्रामीण और पशु व्यापारी पशुओं को लेकर पहुंचते हैं। पशुओं की खरीद करने वालों को भी साल भर मेले का इंतजार रहता है। इस बार भी नखाशे के लिए जगह चिह्नित कर दी गई है, मगर अब तक नखाशे में आम लोग अपने पशुओं को लेकर नहीं पहुंचे हैं।
डीएम के इंतजार में रुका रहा उद्घाटन
जिला प्रशासन की ओर से मेले के उद्घाटन के लिए दोपहर 1:30 बजे का समय नियत किया गया था। तय समय पर विधायक के साथ सीडीओ, एसएसपी और दूसरे अधिकारी मेले में पहुंच गए, मगर डीएम डेढ़ घंटा देरी से पहुंचे। विधायक भी डेढ़ घंटे तक डीएम के इंतजार में बैठे रहे। डीएम के पहुंचने पर करीब तीन बजे मेले का उद्घाटन हो पाया।

रामगंगा चौबारी मेले के शुभारम्भ में हवन पूजन करते डीएम,एसएसपी व अन्य अधिकारी सहित समाजसेवी - अमर ?