{"_id":"5f2efebc8ebc3e3cb409f8fd","slug":"chaos-persists-three-hundred-beds-did-not-sweep-in-the-hospital-on-saturday-bareilly-news-bly415585291","type":"story","status":"publish","title_hn":"अव्यवस्था बरकरार: तीन सौ बेड अस्पताल में शनिवार को नहीं लगी झाड़ू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अव्यवस्था बरकरार: तीन सौ बेड अस्पताल में शनिवार को नहीं लगी झाड़ू
विज्ञापन
300 बेड अस्पताल में कोरोना की जांच कराने आए लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
सीएम के चेताने पर नहीं चेत रहे जिम्मेदार, दूरदराज से आए लोगों को करना पड़ रहा घंटों इंतजार
विज्ञापन
बरेली। गुरुवार रात से शुक्रवार तक तो मुख्यमंत्री के आने की वजह से तीन सौ बेड अस्पताल में व्यवस्था चाक चौबंद रही। अचानक हुए इस बदलाव से संक्रमित भी हैरान रहे। मगर यह बदलाव महज 24 घंटे तक ही रहा। इसके बाद जिम्मेदार फिर लापरवाह हो गए और फिर अव्यवस्थाएं हावी हो गईं। अमर उजाला की टीम ने शनिवार को खुर्रम गौंटिया स्थित तीन सौ बेड के अस्पताल का जायजा लिया तो व्यवस्थाएं बदहाल मिलीं।
तीन सौ बेड अस्पताल में दोपहर करीब सवा बारह बजे फ्लू कॉर्नर पर दूर दराज से सैंपलिंग कराने आए मरीजों की काउंसलिंग हो रही थी। अंदर कुर्सियों पर बैठे करीब 20 से ज्यादा संक्रमितों की स्क्रीनिंग की जा रही थी। वहीं, अस्पताल परिसर में जगह-जगह मरीजों के साथ आए तीमारदार और कई संदिग्ध भी तपती धूप से बचने के लिए छांव खोजते नजर आए। पाथवे के पास बने मैदान में भी कई लोग बैठे थे। उनके आसपास स्वास्थ्यकर्मियों समेत संदिग्ध मरीजों की ओर से खाना खाकर, पानी पीकर फेंके गए डिस्पोजल गिलास-प्लेट, नमकीन, बिस्कुट के रैपर बिखरे पड़े थे। एक संक्रमित को कचरा कूड़ेदान में फेंकने को कहा तो उसने बताया कि कूड़ेदान में पीपीई किट और बायोवेस्ट पड़ा है।
विज्ञापन
तीन सौ बेड अस्पताल में दोपहर करीब सवा बारह बजे फ्लू कॉर्नर पर दूर दराज से सैंपलिंग कराने आए मरीजों की काउंसलिंग हो रही थी। अंदर कुर्सियों पर बैठे करीब 20 से ज्यादा संक्रमितों की स्क्रीनिंग की जा रही थी। वहीं, अस्पताल परिसर में जगह-जगह मरीजों के साथ आए तीमारदार और कई संदिग्ध भी तपती धूप से बचने के लिए छांव खोजते नजर आए। पाथवे के पास बने मैदान में भी कई लोग बैठे थे। उनके आसपास स्वास्थ्यकर्मियों समेत संदिग्ध मरीजों की ओर से खाना खाकर, पानी पीकर फेंके गए डिस्पोजल गिलास-प्लेट, नमकीन, बिस्कुट के रैपर बिखरे पड़े थे। एक संक्रमित को कचरा कूड़ेदान में फेंकने को कहा तो उसने बताया कि कूड़ेदान में पीपीई किट और बायोवेस्ट पड़ा है।
विज्ञापन
कूड़ेदान में फेंक दिया संक्रमण फैलाने वाले सामान
अस्पताल में अव्यवस्थाओं का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि परिसर में रखे नगर निगम के कूड़ेदान में कचरे के बजाय इस्तेमाल की गईं पीपीई, मास्क, ग्लब्स समेत अन्य प्रयोग किया गया सामान पड़ा था। मौजूद लोगों का आरोप था कि यह सामान बीते कई दिनों से नहीं उठाया गया है, इसकी वजह से कूड़ेदान भी भर चुका है और बायो मेडिकल वेस्ट कूड़ेदान के बाहर बिखरा पड़ा है, जबकि इस सामान के समुचित निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
बगैर मास्क के परिसर में पहुंच रहे सैंपलिंग कराने
स्वास्थ्यकर्मियों के साथ ही, सैंपलिंग कराने के लिए पहुंच रहे संदिग्ध संक्रमित भी बेपरहवाह दिखाई दिए। सैंपलिंग कराने के लिए पहुंचे एक परिवार में दंपती तो मास्क लगाए था, मगर उन्होंने बच्चों को बगैर मास्क ही पास बिठा रखा था। उन्हें मास्क लगवाने को कहा गया तो उन्होंने अनसुना कर दिया। स्वास्थ्यकर्मियों को जानकारी दी गई तो उन्होंने कहा कि यहां लोग सुनते नहीं झगड़ने लगते हैं।सीएम के आने सूचना पर रात में मिलीं थीं सुविधाएं
तीन सौ बेड अस्पताल में भर्ती एक संक्रमित के मुताबिक, गुरुवार की रात करीब नौ बजे अचानक अस्पताल में हलचल शुरू हो गई। साफ-सफाई के साथ ही, मरीजों से उनकी हालचाल पूछा जाने लगा। कोई परेशानी होने या सामान मांगने पर तत्काल मुहैया कराया जा रहा था। अचानक हुए बदलाव से वह भी हैरान रहे, मगर शुक्रवार रात सब फिर पहले जैसा हो गया।अस्पताल पसिर के कूड़ेदान के बाहर पीपीई किट फेंकी गई हैं तो यह गंभीर मामला है। इस पर संबंधित स्टाफ से पूछताछ की जाएगी। कोविड अस्पताल में संक्रमितों को सभी जरूरी सुविधांए मुहैया कराई जा रही हैं। किसी को कोई परेशानी है तो वह स्टाफ को बताए फिर भी सहयोग न मिले तो संबंधित के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। परिसर में सफाई नहीं होने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो यह गलत है। - डॉ. विनीत शुक्ल सीएमओ