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हवाओं की बदली दिशा, आसमान से किसानों पर बरसी आफत
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- फोटो : अमर उजाला।
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गेहूं का लांक भीगने से थ्रेसिंग का काम रुका, कटाई भी हुई बंद
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जिला कृषि अधिकारी ने बारिश से फसलों को नुकसान के सर्वे का दिया निर्देश
बरेली। तीन दिनों से शहर पर मंडरा रहे बादल सोमवार देर शाम जमकर बरसे। करीब एक घंटे हुई तेज बारिश से तापमान में गिरावट आ गई। इससे लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की, लेकिन किसानों के लिए बारिश आफत बन गई। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल की कटाई का काम रुक गया है। इधर, लांक के भीग जाने से थ्रेसिंग का काम भी बंद हो गया है। किसानों ने लांक भीगने से बड़ा नुकसान होने की आशंका जताई है। जिला कृषि अधिकारी ने बीमित किसानों को हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सूचना देने का सुझाव दिया है।
आंचलिक मौसम अनुसंधान केंद्र के डायरेक्टर डॉ. जेपी गुप्ता के मुताबिक, कई दिनों से बादल मंडरा रहे थे। पश्चिमी विक्षोभ हावी था लेकिन शहर में उच्चवायु दाब होने की वजह से बारिश के लिए माहौल नहीं बन पा रहा था। सोमवार को सुबह से ही बादल घिर थे। दो दिन पहले भी सुबह के वक्त हल्की बूंदाबांदी हुई थी। सोमवार को देर शाम निम्न वायुदाब क्षेत्र बनने से तेज बारिश हुई। उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों तक बादल छाए रहेंगे लेकिन बारिश के आसार नहीं हैं। सोमवार को अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री और न्यूनतम 19.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र चौधरी ने बताया कि बारिश से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। बीमित किसान फसल संबंधी सूचना हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज करा दें। साथ ही, जो किसान बीमित नहीं हैं वे एडीएम (एफआर) के पास आवेदन करें। नियमानुसार उन्हें मुआवजा मिल सकता है।
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जिला कृषि अधिकारी ने बारिश से फसलों को नुकसान के सर्वे का दिया निर्देश बरेली। तीन दिनों से शहर पर मंडरा रहे बादल सोमवार देर शाम जमकर बरसे। करीब एक घंटे हुई तेज बारिश से तापमान में गिरावट आ गई। इससे लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की, लेकिन किसानों के लिए बारिश आफत बन गई। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल की कटाई का काम रुक गया है। इधर, लांक के भीग जाने से थ्रेसिंग का काम भी बंद हो गया है। किसानों ने लांक भीगने से बड़ा नुकसान होने की आशंका जताई है। जिला कृषि अधिकारी ने बीमित किसानों को हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सूचना देने का सुझाव दिया है।
आंचलिक मौसम अनुसंधान केंद्र के डायरेक्टर डॉ. जेपी गुप्ता के मुताबिक, कई दिनों से बादल मंडरा रहे थे। पश्चिमी विक्षोभ हावी था लेकिन शहर में उच्चवायु दाब होने की वजह से बारिश के लिए माहौल नहीं बन पा रहा था। सोमवार को सुबह से ही बादल घिर थे। दो दिन पहले भी सुबह के वक्त हल्की बूंदाबांदी हुई थी। सोमवार को देर शाम निम्न वायुदाब क्षेत्र बनने से तेज बारिश हुई। उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों तक बादल छाए रहेंगे लेकिन बारिश के आसार नहीं हैं। सोमवार को अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री और न्यूनतम 19.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र चौधरी ने बताया कि बारिश से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। बीमित किसान फसल संबंधी सूचना हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज करा दें। साथ ही, जो किसान बीमित नहीं हैं वे एडीएम (एफआर) के पास आवेदन करें। नियमानुसार उन्हें मुआवजा मिल सकता है।
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