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40 फीसदी से कम दिव्यांगाें का नहीं बनेगा प्रमाण पत्र
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Fri, 21 Oct 2016 12:52 AM IST
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40 फीसदी से कम दिव्यांग लोगों को अब प्रमाण पत्र के लिए जूझने से कोई फायदा नहीं है। सीएमओ कार्यालय से अब इनको प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा। जिला विकलांग कल्याण अधिकारी द्वारा सीएमओ कार्यालय को नए शासनादेश की जानकारी देने के बाद गुरुवार से ही इस पर रोक लगा दी गई है। अब कम विकलांग लोगों को फार्म 5 पर रिजेक्शन प्रमाण पत्र जारी होगा।
सीएमओ कार्यालय में सप्ताह में एक दिन गुरुवार को विकलांग बोर्ड लगता है। इस दौरान 10 फीसदी से लेकर सौ फीसदी तक के विकलांग को प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, लेकिन उसमें उसकी विकलांगता का प्रतिशत लिखा रहता है। विकलांग कल्याण बोर्ड द्वारा निर्देश जारी किये गए हैं कि 40 फीसदी से कम विकलांगाें का प्रमाण पत्र न जारी किया जाए। उनका फार्म 5 पर रिजेक्शन प्रमाण पत्र जारी हो। ताकि विकलांग को नकारा भी न जाए और इससे एक आंकड़ा भी सामने आएगा।
- प्रमाण पत्र बनवाने आते हैं 150 से अधिक लोग
सीएमओ कार्यालय में हर सप्ताह 150 से अधिक लोग प्रमाण पत्र बनवाने आते हैं। इनमें आधे से ज्यादा 40 फीसदी से कम विकलांग होते हैं, लेकिन प्रमाण पत्र बनवाने को परेशान रहते हैं। उन्हें कई चक्कर भी लगाने पड़ते हैं।
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- इस तरह का है नया प्रारूप
विकलांग प्रमाण पत्र के लिए आवेदक प्रारूप एक पर आवेदन करेगा। प्रारूप दो पर जांच होगी। तृतीय व चतुर्थ पर प्रमाण पत्र जारी होगा। अगर 40 फीसदी से कम विकलांगता होगी तो पांचवां प्रारूप बोर्ड को भरना होगा। यही आवेदक को जारी किया जाएगा।
यह आदेश तो पिछले साल का है लेकिन बरेली में लागू नहीं था। मुझे इसकी जानकारी हुई तो मैने सीएमओ से बात कर इसे लागू करवाया है। अब 40 फीसदी से कम विकलांग को प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा।
- संतोष कुमार, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी
जिला विकलांग कल्याण अधिकारी की ओर से मिली जानकारी के बाद गुरुवार से ही 40 फीसदी से कम वालाें के प्रमाण पत्र बनाने पर रोक लगा दी है। इन्हें सिर्फ रिजेक्शन सर्टिफिकेट फार्म 5 पर मिलेगा।
- डॉ. विजय यादव, सीएमओ
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सीएमओ कार्यालय में सप्ताह में एक दिन गुरुवार को विकलांग बोर्ड लगता है। इस दौरान 10 फीसदी से लेकर सौ फीसदी तक के विकलांग को प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, लेकिन उसमें उसकी विकलांगता का प्रतिशत लिखा रहता है। विकलांग कल्याण बोर्ड द्वारा निर्देश जारी किये गए हैं कि 40 फीसदी से कम विकलांगाें का प्रमाण पत्र न जारी किया जाए। उनका फार्म 5 पर रिजेक्शन प्रमाण पत्र जारी हो। ताकि विकलांग को नकारा भी न जाए और इससे एक आंकड़ा भी सामने आएगा।
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- प्रमाण पत्र बनवाने आते हैं 150 से अधिक लोग
सीएमओ कार्यालय में हर सप्ताह 150 से अधिक लोग प्रमाण पत्र बनवाने आते हैं। इनमें आधे से ज्यादा 40 फीसदी से कम विकलांग होते हैं, लेकिन प्रमाण पत्र बनवाने को परेशान रहते हैं। उन्हें कई चक्कर भी लगाने पड़ते हैं।
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- इस तरह का है नया प्रारूप
विकलांग प्रमाण पत्र के लिए आवेदक प्रारूप एक पर आवेदन करेगा। प्रारूप दो पर जांच होगी। तृतीय व चतुर्थ पर प्रमाण पत्र जारी होगा। अगर 40 फीसदी से कम विकलांगता होगी तो पांचवां प्रारूप बोर्ड को भरना होगा। यही आवेदक को जारी किया जाएगा।
यह आदेश तो पिछले साल का है लेकिन बरेली में लागू नहीं था। मुझे इसकी जानकारी हुई तो मैने सीएमओ से बात कर इसे लागू करवाया है। अब 40 फीसदी से कम विकलांग को प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा।
- संतोष कुमार, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी
जिला विकलांग कल्याण अधिकारी की ओर से मिली जानकारी के बाद गुरुवार से ही 40 फीसदी से कम वालाें के प्रमाण पत्र बनाने पर रोक लगा दी है। इन्हें सिर्फ रिजेक्शन सर्टिफिकेट फार्म 5 पर मिलेगा।
- डॉ. विजय यादव, सीएमओ