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घरों और मस्जिदों में मनाएं आला हजरत का उर्स
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दरगाह ए आला हजरत।
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उर्स से पहले और उर्स के बाद जायरीन दे सकते हैं दरगाह पर हाजिरी
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बरेली। उर्स-ए-रजवी की तारीख करीब आ चुकी है। कोरोना प्रोटोकाल के तहत उर्स के मौके पर भीड़ के रोकने के प्रयास गए। कम लोगों के बीच उर्स कार्यक्रम संपन्न कराए जाएंगे। लिहाजा टीटीएस ने लोगों से अपने अपने घरों और मोहल्ले की मस्जिदों में उर्स मनाने की अपील की है।
आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेली का 103 वां उर्स-ए-रजवी 2, 3 व 4 अक्तूबर को इस्लामिया इंटर कालेज मैदान पर मनाया जाएगा। उर्स दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती और सज्जादानशीन अहसन रजा खां कादरी की सदारत में मनाया जाएगा। उर्स स्थल पर भीड़ न जुटे इसके लिए जारी पोस्टर में पहले ही ऑनलाइन कार्यक्रम की जानकारी दी जा चुकी है। ताकि लोग कार्यक्रम अपने अपने घरों पर रह कर सुन सकें।
दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि उर्स अकीदतमंदों की सीमित संख्या में मौजूदगी के साथ मनाया जाएगा। उसी लिहाज से व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। टीटीएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य परवेज नूरी ने बताया कि जो जायरीन उर्स में शिरकत न कर पाएं, वो उर्स से पहले और उर्स के बाद दरगाह पर हाजिरी दे सकते हैं। संवाद
आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेली का 103 वां उर्स-ए-रजवी 2, 3 व 4 अक्तूबर को इस्लामिया इंटर कालेज मैदान पर मनाया जाएगा। उर्स दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती और सज्जादानशीन अहसन रजा खां कादरी की सदारत में मनाया जाएगा। उर्स स्थल पर भीड़ न जुटे इसके लिए जारी पोस्टर में पहले ही ऑनलाइन कार्यक्रम की जानकारी दी जा चुकी है। ताकि लोग कार्यक्रम अपने अपने घरों पर रह कर सुन सकें।
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दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि उर्स अकीदतमंदों की सीमित संख्या में मौजूदगी के साथ मनाया जाएगा। उसी लिहाज से व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। टीटीएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य परवेज नूरी ने बताया कि जो जायरीन उर्स में शिरकत न कर पाएं, वो उर्स से पहले और उर्स के बाद दरगाह पर हाजिरी दे सकते हैं। संवाद
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