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रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार रोकने के लिए तहसील सदर में लगेंगे 20 सीसी कैमरे

Wed, 18 May 2022 01:13 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 18 May 2022 01:13 AM IST
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cctv camera will be installed in tehsil
बरेली। तहसील सदर में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार की लगातार शिकायतों के मद्देनजर अब पूरे तहसील परिसर की सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरों के जरिए परिसर में प्रवेश करने वाले फरियादियों के साथ लेखपाल, कानूनगो के साथ दूसरे राजस्व कर्मचारियों की भी निगरानी की जाएगी। किसी की बेवजह परिसर में मौजूदगी पाई गई तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र के मुताबिक तहसील सदर में भ्रष्टाचार की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। जो वीडियो वायरल हो रहे हैं, उनके आधार पर रिश्वत लेने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। हालांकि छानबीन में पता चला है कि वायरल किए गए वीडियो कई दिन पुराने हैं। वीडियो बनाने वाला व्यक्ति उसे वायरल की धमकी देकर कर्मचारी से उगाही करता है और मनमुताबिक काम न होने पर वीडियो वायरल कर देता है।
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एसडीएम का कहना है कि रिश्वतखोरी के वीडियो बनाने वाले लोगों की मंशा भी सवालों के घेरे में है। इस कारण तहसील परिसर के प्रत्येक कक्ष, कार्यालय, मैदान, हॉल आदि में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ताकि वीडियो बनाने वाले के साथ रिश्वत देने और लेने वाले पर भी नजर रखी जा सके। कैमरों की फुटेज की हर दिन जांच की जाएगी। संदिग्ध लोगों से पूछताछ होगी।
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एसडीएम ने बताया कि संतोषजनक जवाब न देेने पर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति पीड़ित है, वह अगर वीडियो बना रहा तो बतौर साक्ष्य तत्काल कार्रवाई के लिए उपलब्ध कराए। भ्रष्टाचार या रिश्वतखोरी का कोई वीडियो बनाकर कर्मचारी को ब्लैकमेल करना और काम कराना गैरकानूनी है।
कंपनी को दिए कैमरे लगाने के निर्देश
तहसीलदार अनिल यादव ने बताया कि एक कंपनी को तहसील परिसर में सीसी कैमरे लगाने के निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द सभी चिन्हित स्थान पर कैमरे लग जाएंगे। कैमरे लगने के बाद कर्मचारियों पर रिश्वतखोरी और दुर्व्यवहार के आरोपों की हकीकत सामने आएगी। कैमरे वॉयस रिकॉर्डर से भी लैस होंगे ताकि संदिग्ध परिस्थिति में वॉयस रिकॉर्डिंग को सुना जा सके। उन्होंने बताया कि कुछ लोग खुद को मीडियाकर्मी बताकर वीडियो रिकॉर्ड करते हैं। पिछले दिनों ऐसे ही एक व्यक्ति को पकड़ा गया था लेकिन चेतावनी देकर भगा दिया गया।

अर्दली प्रकरण में पुराना वीडियो वायरल करने का आरोप
बताया जा रहा है कि पिछले दिनों तहसीलदार के अर्दली के रिश्वत लेने का जो वीडियो वायरल हुआ था, वह कई दिन पुराना था। वीडियो बनाने वाला अपने व्यक्तिगत काम कराने के लिए उसे वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहा था। उसका काम नहीं हुआ तो वीडियो वायरल कर दिया गया। रिश्वत लेने के प्रकरण में अर्दली और तत्कालीन तहसीलदार के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत हो गया है। अर्दली को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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