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Bareilly News: कैशियर चंद्र प्रकाश ने रची थी सहकारी बैंक में घोटाले की साजिश

Sat, 12 Jul 2025 01:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 12 Jul 2025 01:21 AM IST
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Cashier Chandra Prakash had planned a scam in the cooperative bank
बरेली। जिला सहकारी बैंक की दो शाखाओं में कुल 1.80 करोड़ रुपये के घोटाले का सजिशकर्ता कैशियर चंद्र प्रकाश को बताया जा रहा है। फिलहाल उसे निलंबित कर दिया गया है। उसके विरुद्ध गबन के आरोप में दो एफआईआर भी दर्ज कराई गईं हैं। चंद्र प्रकाश ने ही अपनी यूजर आईडी से फर्जी और निष्क्रिय खातों में दूसरों के आधार कार्ड की मैपिंग कर घोटाले की नींव रखी थी।
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रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के सामने तुलसीनगर में रहने वाला चंद्र प्रकाश गंगवार की तैनाती सहकारी बैंक की फरीदपुर शाखा में थी। प्रारंभिक जांच करने वाले अधिकारियों का कहना है कि फरीदपुर शाखा में 3388 पुराने, निष्क्रिय और फर्जी खातों काे संचालित किया गया। उनमें एक से अधिक आधार नंबरों की मैपिंग की गई है। इसमें करीब 99 प्रतिशत आधारों की मैपिंग खुद चंद्र प्रकाश ने अपनी यूजर आईडी से की है।
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बताया कि बैंक की कनमन शाखा में भी उसी ने अपनी ही यूजर आईडी से फर्जी एवं निष्क्रिय बैंक खातों में एक से अधिक आधार नंबरों की मैपिंग की है। बैंक सूत्रों के मुतबिक, इस चंद्र प्रकाश गंगवार से शाहजहांपुर का एक व्यक्ति जुड़ा है, जिसके विरुद्ध पूर्व में कटरा विधायक ने भी फर्जीवाड़े के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस व्यक्ति ने ही शाहजहांपुर जिले के काफी लोगों के आधार नंबर एकत्र कर चंद्र प्रकाश गंगवार को उपलब्ध कराए हैं।
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प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद ही होगी गिरफ्तारी
फरीदपुर और कनमन शाखाओं में हुए घोटाले के बाद आठ आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। सभी आरोपी भूमिगत हो गए हैं। फरीदपुर थानाध्यक्ष राधेश्याम ने बताया कि जांच अधिकारियों की रिपोर्ट पर एफआईआर दर्ज हो गई है, लेकिन अभी इसमें पुलिस की तरफ से जांच बाकी है। जिन पात्रों की धनराशि का घोटाला हुआ है, हमने बैंक प्रबंधन से उनके नाम-पता मांगे हैं। विवरण मिलने के बाद जांच करेंगे, फिर दोषियों को नोटिस जारी करेंगे। जवाब नहीं मिलने पर उनकी गिरफ्तारी करेंगे। थानाध्यक्ष ने कहा कि वैसे पांच लाख से अधिक धनराशि के गबन की जांच सतर्कता अधिष्ठान करता है। प्रारंभिक जांच में आरोप पुष्ट हुए तो विवेचना सतर्कता अधिष्ठान को स्थानांतरित करने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखेंगे। यही बात देवरनियां थानाध्यक्ष ने भी दोहराई है।
जांच अधिकारियों के बयान दर्ज
फरीदपुर पुलिस ने बृहस्पतिवार को जिला सहकारी बैंक के प्रधान कार्यालय आकर फरीदपुर शाखा में जांच करने वाले अधिकारियों के बयान भी दर्ज कर लिए हैं। इन अधिकारियों ने पुलिस को घोटाले के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। इससे पुलिस की तफ्तीश तेजी से आगे बढ़ रही है।

मंगलवार तक जारी होंगे आरोप पत्र
प्रधान कार्यालय में आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार किए जा रहे हैं। उप महाप्रबंधक सर्वेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि उच्चाधिकारियों ने आरोपी बैंक कर्मियों को तुरंत आरोप पत्र जारी करने के लिए कहा है। आरोपी तीनों शाखा प्रबंधक और पांच कैशियर जिस जिले के रहने वाले हैं, वहां के डीएम को भी पत्र लिखकर उनकी संपत्तियों की बिक्री को प्रतिबंधित करने का आग्रह किया जा रहा है, ताकि उनसे गबन की रकम की वसूली की जा सके।

ये हैं नामजद
फरीदपुर बैंक शाखा में हुए घोटाले में शाखा प्रबंधक मुकेश गंगवार, गौरव वर्मा, कैशियर दीपक पांडेय, चंद्र प्रकाश गंगवार। कनमन शाखा में हुए घोटाले में शाखा प्रबंधक हितेंद्र सिंह राठौर, कैशियर देव सिंह, मुरारी लाल, नवाबगंज शाखा के कैशियर प्रहलाद कुमार सागर, चंद्र प्रकाश व दीपक पांडेय नामजद हैं।
प्रदेश की सभी शाखाओं में जांच के आदेश

उप्र कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आरके कुलश्रेष्ठ ने मामले का संज्ञान लेते हुए प्रदेश में स्थित सहकारी बैंक की सभी शाखाओं में जांच के आदेश दिए हैं। नौ जुलाई को जारी पत्र में लिखा है कि किसी भी शाखा में गड़बड़ी सामने आए तो तत्काल कार्रवाई कर उन्हें भी जानकारी दें।
26 शाखाओं में हो गई जांच, 24 में कामकाज दुरुस्त

महाप्रबंधक ने बताया कि जिले में स्थित सहकारी बैंक की सभी 26 शाखाओं में जांच पूरी हो गई है। फरीदपुर और कनमन शाखाओं को छोड़ दें तो बाकी सभी शाखाओं में कामकाज दुरुस्त मिला है। नवाबगंज शाखा की जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। हालांकि, वहां तैनात कैशियर प्रहलाद सागर की संलिप्तता कनमन शाखा में हुए घोटाले में पाई गई है।

मेगासॉफ्ट कंपनी का हर छह महीने में हो रहा नवीनीकरण

एक-दो जिलों को छोड़कर प्रदेशभर में जिला सहकारी बैंक की शाखाओं में मेगासॉफ्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम के सॉफ्टवेयर पर बैंकिंग कार्य हो रहा है। बताया जा रहा है कि इस कंपनी के अनुबंध का हर छह महीने पर नवीनीकरण किया जा रहा है। जबकि, इस कंपनी का सॉफ्टवेयर सहकारी बैंकों में वर्ष 2008 से प्रभावी है। इसमें खामियां होने से खातों पर कई-कई आधार की मैपिंग हो जा रही है। इस सॉफ्टवेयर में एक शाखा से दूसरी में खुले खाते में आधार मैपिंग और अन्य सूचना संशोधन की सुविधा है। संवाद
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