UP: भ्रष्टाचार की कालिख से दागदार हो रही खाकी, पुलिस महकमे में रिश्वतखोरी के ये मामले कर देंगे हैरान
बरेली में बीते दिनों में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आए हैं। कोई किस्तों में रिश्वत लेते पकड़ा गया तो कोई वसूली के आरोप में। इन मामलों में कई पुलिसवाले गिरफ्तार किए जा चुके हैं तो कई के खिलाफ जांच लंबित है।
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बरेली में वसूली और मनमानी कार्यशैली के फेर में पुलिस का रसूख दांव पर है। आला अधिकारी सोशल पुलिसिंग पर जोर देते हैं, लेकिन कुछ पुलिसवाले खाकी की साख पर बट्टा लगा रहे हैं। लोकसभा चुनाव के बाद सीएम योगी ने भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के निर्देश दिए हैं। लेकिन बरेली में भ्रष्टाचार के मामलों में कई पुलिसवाले गिरफ्तार किए जा चुके हैं तो कई के खिलाफ जांच लंबित है। पेश है एक रिपोर्ट...।
एसी प्रकरण : सीओ लाइन समेत नौ पुलिसकर्मियों को नोटिस जारी
सीओ लाइन प्रियतोष त्रिपाठी पर विभाग के मुख्य आरक्षी धमेंद्र कुमार ने गंभीर आरोप लगाकर विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोली है। इस मामले में जांच अधिकारी एसपी दक्षिणी मानुष पारीक ने सीओ व धर्मेंद्र समेत नौ लोगों को नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। धर्मेंद्र का आरोप है कि उसके स्टोर प्रभारी पद पर रहते आरआई के मौखिक निर्देश पर सीओ के सरकारी आवास में एसी लगवाया गया था।
जब वह एसी के अनुमतिपत्र पर हस्ताक्षर कराने गया तो सीओ ने कहा कि इसे एडजस्ट करो। आरोप था कि इससे पहले सीओ फ्रिज और डिश का कनेक्शन भी ले चुके हैं, जिसका भुगतान नहीं किया गया। वह 46 हजार रुपये के होम थियेटर की मांग कर रहे थे। जब उसने मना किया तो सीओ ने उसे स्टोर इंचार्ज के पद से हटा दिया।
सीओ मीरगंज मामला : आरोप लगाने वाले भट्ठा मालिक के होंगे बयान
सीओ मीरगंज दीपशिखा भी ट्रैक्टर सीज करने के बाद भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गई हैं। इस मामले में भी एसपी दक्षिणी मानुष पारीक ही जांच अधिकारी हैं। उन्होंने मीरगंज के गांव तिलमास निवासी ईंट भट्ठा मालिक रिफाकत अली को नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने के लिए मंगलवार को मुख्यालय बुलाया है।
रिफाकत ने सीओ मीरगंज पर दो लाख रुपये रिश्वत मांगने और रुपये नहीं देने पर ट्रैक्टर और जेसीबी सीज करने का आरोप लगाया है। आरोपों से घिरने के बाद सीओ ने एसडीएम के सिर ठीकरा फोड़ने की कोशिश की थी। वहीं, एसडीएम ने पल्ला झाड़ते हुए कहा था कि इस मामले से उनका कोई लेनादेना नहीं है।
रिश्वतखोरी मामले में दरोगा के खिलाफ साक्ष्य संकलन जारी
प्रेमनगर थाने में तैनात दरोगा रामऔतार एक मुकदमे से नाम निकालने के बदले पांच लाख रुपये रिश्वत मांग रहा था। दस किस्तों में रिश्वत देने की बात तय हुई थी। पीड़ित ने पहली किस्त 50 हजार रुपये देते हुए दरोगा को विजिलेंस की टीम से गिरफ्तार करा दिया। रामऔतार को नरियावल स्थित उसके कमरे से गिरफ्तार किया गया था। दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया था। अब इस मामले से जुड़े सभी पक्षों के बयान दर्ज करने व साक्ष्य संकलन की कार्रवाई की जा रही है।
वसूली में निलंबित तीन सिपाहियों की जांच शुरू
बहेड़ी थाने के अंतर्गत आने वाली उत्तराखंड बॉर्डर पर स्थित सिरसा चौकी पर चेकिंग के नाम पर तीन सिपाही वसूली में लगे थे। सिपाहियों ने ट्रैक्टर चालक महेंद्र को रोका तो वह ट्रैक्टर लेकर भाग गया। सिपाहियों ने उसे पकड़ लिया। सिपाही कार्रवाई के बजाय उसे अवैध रूप से थाने में बैठाए रहे और अगले दिन शांतिभंग में चालान किया।
तीनों सिपाही चेकिंग के नाम पर वसूली करते थे। एसएसपी ने रविवार को चौकी पर तैनात सिपाही गौरव कुमार, अभिषेक तेवतिया और हेड कांस्टेबल रणवीर सिंह को निलंबित कर दिया था। अब इनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है।
वसूली में निलंबित तीन सिपाहियों की जांच शुरू
बहेड़ी थाने के अंतर्गत आने वाली उत्तराखंड बॉर्डर पर स्थित सिरसा चौकी पर चेकिंग के नाम पर तीन सिपाही वसूली में लगे थे। सिपाहियों ने ट्रैक्टर चालक महेंद्र को रोका तो वह ट्रैक्टर लेकर भाग गया। सिपाहियों ने उसे पकड़ लिया। सिपाही कार्रवाई के बजाय उसे अवैध रूप से थाने में बैठाए रहे और अगले दिन शांतिभंग में चालान किया।
तीनों सिपाही चेकिंग के नाम पर वसूली करते थे। एसएसपी ने रविवार को चौकी पर तैनात सिपाही गौरव कुमार, अभिषेक तेवतिया और हेड कांस्टेबल रणवीर सिंह को निलंबित कर दिया था। अब इनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है।