Bareilly: अमर उजाला कार्यालय में लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए लगा शिविर, महिलाओं में दिखा उत्साह
बरेली के श्यामगंज स्थित अमर उजाला कार्यालय परिसर में युवतियों और महिलाओं के लिए रविवार लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस का शिविर लगा। इसमें 439 आवेदकों ने लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए पंजीकरण करवाया।
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बरेली के श्यामगंज में स्थित अमर उजाला कार्यालय में रविवार को युवतियों और महिलाओं के लिए लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए शिविर लगाया गया। इसमें 439 महिलाओं ने लाइसेंस के लिए पंजीकरण करवाया, जिसमें 130 लोगों के पंजीकरण शुल्क कटने और करीब 57 लोगों के लाइसेंस बनने की अहम प्रक्रिया देर शाम तक पूरी हुई। वहीं शेष के लिए अगले रविवार को भी शिविर लगाया जाएगा।
रविवार सुबह अमर उजाला कार्यालय में कुछ अलग ही रौनक थी। महिलाओं का हुजूम सुबह से उमड़ना शुरू हो गया था। दोपहर को उमस में भी युवतियों व महिलाओं का जज्बा कम नहीं हुआ। इससे कार्यालय में दिनभर चहल पहल रही।
लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले साइबर एक्सपर्ट उबैद खान, विशाल कुमार व शान जैदी की टीम फरीद खान, दानू अल्वी, अनमता खान, समेत हैदर अली ने महिलाओं और युवतियों के आवेदन भरवाए। सरकारी फीस 350 रुपये का भुगतान कर 130 से अधिक महिलाओं ने पहला पायदान पार कर लिया।
वहीं आरटीओ से आए अधिकारियों ने बताया कि लर्नर लाइसेंस बन जाने के एक महीने बाद से लेकर छह महीने के अंदर परमानेंट लाइसेंस बनवाना होता है। लाइसेंस बनवाने में मदद कर रही टीम महिलाओं को इस बाबत जानकारी भी देती रही।
अमर उजाला के श्यामगंज स्थित कार्यालय पर अगले रविवार को भी कैंप लगाया जाएगा। जिन आवेदकों ने अमर उजाला कार्यालय में पंजीकरण कराकर टोकन लिया या उनकी फीस कटी है। सिर्फ उनका ही लर्निंग लाइसेंस बनवाएं जाएंगे। इसके लिए आवेदकों को सूचित किया जा चुका है। आवेदकों से अनुरोध है अगले रविवार को सुबह 10 अमर उजाला कार्यालय पहुंच जाएं।
अमर उजाला शिविर में जिन आवेदकों का लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस आवदेन हुआ है। उन्हें परिवहन विभाग की ओर से एक लिंक भेजा जाएगा। इस लिंक में पासवर्ड होता है, लिंक पर क्लिक करने के बाद सीधे परिवहन विभाग की वेबसाइट पर पहुंच जाएंगे। वेबसाइट पर दो विकल्प आते हैं। पहले ट्यूटोरियल फॉर एलएल (लर्निंग लाइसेंस) टेस्ट आएगा, जिसमें एक वीडियो होता है। इस वीडियो में ऑनलाइन टेस्ट के बााबत जानकारी दी गई है।
इस वीडियो को देखने के बाद दूसरे विकल्प ऑनलाइन एलएल टेस्ट (स्टॉल) पर जाना होगा। जहां लिंक में आए पासवर्ड को डालने पर लॉगइन हो जाएगा। आपसे वाहन चलाने से संबंधित 15 सवाल पूछे जाएंगे, जिसमें नौ सवालों के सही जवाब देने होंगे। फेल होने पर दो और मौके पर मिलेंगे। इसके लिए 50-50 रुपये की फीस और देनी होगी। टेस्ट पास करने पर आपको लर्नर लाइसेंस ऑनलाइन भेज दिया जाएगा।
प्रज्ञा अग्रवाल ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस बन जाने के बाद अब मै खुद गाड़ी चला सकती हूं। आत्मनिर्भरता की दिशा में पहला कदम यह ही है। डॉ. अनु महाजन ने कहा कि शहर में ऐसे शिविर जरूरी हैं। परिवहर विभाग के अधिकारियों ने कैंप में काफी उपयोगी जानकारी दी। इसके लिए परिवहर विभाग और अमर उजाला का शुक्रिया।
ऊषा ने कहा कि आरटीओ कार्यालय की लाइनें और प्रक्रियाएं बहुत जटिल लगती थीं। यहां आकर सब कुछ सुविधाजनक और सम्मानजनक लगा। शुक्रिया अमर उजाला।