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सामुदायिक संक्रमण की आहटः सीरो सर्विलांस से पता करेंगे संक्रमण का सामाजिक फैलाव

Mon, 17 Aug 2020 02:32 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 17 Aug 2020 02:32 AM IST
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Call for community infection: social spread will be detected by sero surveillance
corona in india - फोटो : पीटीआई
बरेली। बेकाबू हुए कोरोना के फैलाव को देखते हुए फिर सामुदायिक संक्रमण की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। सैकड़ों संक्रमितों में सोर्स लापता होने से अब शासन ने एक बार फिर जिले में सीरो सर्विलांस के तहत फैलाव का पता लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए प्रशासन को जिम्मेदारी सौंपी गई है। टीम ऐसे इलाकों को क्लस्टर बनाएगी जहां संक्रमण की दर कम है। वहां एंटीबॉडी टेस्ट कर संक्रमण का दायरा जांचा जाएगा।
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बीती मई में आईसीएमआर की 26 सदस्यीय टीम ने बरेली में सीरो सर्विलांस के तहत सैंपलिंग की थी। करीब 25 दिन बाद जारी आईसीएमआर की रिपोर्ट में संक्रमण की दर 0.7 आंकी गई थी, जो कि जिले के दस क्लस्टर इलाकों में 410 लोगों की रैंडम सैंपलिंग के दौरान तीन लोगों के संक्रमित होने और ठीक हो जाने की रिपोर्ट पर आधारित थी। हालांकि, उस दौरान सिर्फ 33 व्यक्ति ही जिले में संक्रमित थे। एक संक्रमित की मौत हुई थी। अब जिले में 4855 कुल संक्रमित हैं और इसमें 22 सौ से ज्यादा सक्रिय संक्रमित हैं। मौतों का आंकड़ा 110 से भी ज्यादा हो चुका है। उस दौरान संक्रमण का सोर्स महज दो संक्रमितों में नहीं मिला था। अब एक हजार से ज्यादा ऐसे संक्रमित हैं जिनमें संक्रमण का सोर्स ही लापता है, जिसे देखते हुए कोरोना के तेजी से हावी होने की आशंका जताई जा रही है। सामुदायिक संक्रमण की आहट शुरू होने की आशंका पर अब सीरो सर्विलांस के तहत संक्रमित रहे लोग ट्रेस होंगे।
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मुख्यमंत्री भी जता चुके हैं खतरे की आशंका

बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों के साथ हुई कोविड की समीक्षा बैठक में संक्रमण के तेजी से फैलने पर चिंता जताई थी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और सर्विलांस टीम को संक्रमण का फैलाव रोकने के निर्देश दिए थे। कोरोना से दस कदम आगे की सोच रखकर काम करने का सुझाव दिया था। बेड की संख्या बढ़ाने, संक्रमितों को दो घंटे में कोविड अस्पताल पहुंचाने, सैंपलिंग बढ़ाने, सैनिटाइजेशन व अन्य कार्यों के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री से पहले नोडल अफसर नवनीत सहगल, कानपुर से आए विशेष चिकित्सक दल और प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने भी यही आशंका जताई थी।
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कलस्टर में होगी सैंपलिंग और एंटीबॉडी

आमतौर पर संक्रमितों की आरटीपीसीआर जांच होती है। मगर सीरो सर्विलांस में ब्लड सैंपल के जरिए रैपिड टेस्ट किट से जांच होती है। इसमें पता चलता है कि संबंधित व्यक्ति कभी संक्रमित था या नहीं। अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो इसका अर्थ है कि व्यक्ति संक्रमित था, मगर रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने या वायरल लोड बेहद कम होने से उसमें संक्रमण का पता नहीं चल सका। इससे इतर यह आशंका भी होती है कि संक्रमित होने और ठीक होने के बीच उसने तमाम लोगों को संक्रमित किया होगा। निगेटिव रिपोर्ट का मतलब है कि संबंधित व्यक्ति संक्रमित नहीं है। आरटीपीसीआर जांच की जरूरत है।

केंद्र सरकार से आएगी सर्विलांस टीम

कोरोना संक्रमण के समाज में फैलाव की जांच के बाबत भारत सरकार की ओर से गठित सीरो सर्विलांस टीम बरेली आएगी। संबंधित विभाग और संस्थान की ओर से सर्विलांस टीम में शामिल कर्मचारियों की व्यवस्था की जाएगी। ब्लड कलेक्शन के लिए स्वास्थ्य विभाग एलटी उपलब्ध कराएगा। टीम के सदस्यों के रहने, भोजन, चयनित गांव में आवागमन के लिए वाहन की सुविधा, पुलिस सुरक्षा और हेल्थ स्टाफ की व्यवस्था के लिए प्रशासन को पत्र मिल चुका है। प्रशासन ने व्यवस्थाओं के लिए सीएमओ को पत्र भेजा है। हालांकि, टीम के आने की तिथि के बारे में फिलहाल शासन से जानकारी नहीं दी गई है।

सीरो सर्विलांस के तहत समाज में संक्रमण का पता लगाने के लिए भारत सरकार की ओर से गठित टीम जिले में सर्वेक्षण करेगी। व्यवस्थाओं के लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा गया है। - महेंद्र कुमार सिंह, एडीएम सिटी

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