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Bareilly News: बीडीए के सीमा क्षेत्र में बल्लियों पर केबल, खेत पर बन रहे मकान
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बरेली। शहर से पांच किलोमीटर दूर स्थित गांव सैदपुर खजुरिया (उमरिया) बीडीए के सीमा क्षेत्र में है। यहां खेत पर मकान बन रहे हैं और बल्लियों पर बिजली लाइन खींची गई है। कुंडा कब्रिस्तान वाले मार्ग के दोनों ओर भूखंड बेचे जा रहे हैं। तीन बीघे में दो साल से भूखंड बेचकर अनियोजित कॉलोनी विकसित की जा रही है। नियोजित विकास की जमीनी हकीकत परखने के लिए रविवार शाम चार से साढ़े पांच बजे के बीच अमर उजाला टीम वहां पहुंची तो यही हकीकत नजर आई।
स्थानीय बाशिंदों ने बताया कि मानचित्र स्वीकृत कराए बिना ही मकान बनाए जा रहे हैं। दो साल में बीस से अधिक मकान बने। किसी जिम्मेदार ने खुद से संज्ञान लेकर उनको रोकने की जहमत नहीं उठाई। शिकायतों पर भी खामोशी की चादर ओढ़े रहे। जहां भूखंड बेचे जा रहे हैं, वहां सड़क तक नहीं है। तीन हजार से छह हजार रुपये वर्गगज की दर से भूखंड बिक रहे हैं। खरीदारों ने बताया कि खेत मालिक कहते हैं कि जब बहुत सारे मकान बन जाएंगे तो बिजली लाइन खिंच जाएगी। सड़क भी बन जाएगी। इसी उम्मीद में बस गए हैं। ब्यूरो
खेत मालिक को कार्रवाई का भय...बोला- मत बताओ हकीकत
पड़ताल के दौरान जब खरीदारों से पूछा गया कि बीडीए से ले-आऊट पास कराए बिना भूखंड खरीदकर मकान कैसे बनवा लिया तो उन्होंने खेत मालिक को मौके पर बुला लिया। खेत मालिक ने कहा कि मत बताओ हकीकत। अमर उजाला संवाददाता ने खेत मालिक से पूछा कि भूखंड क्यों बेचे? इस पर बोला- कुछ नहीं बताऊंगा।
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सिमरा अजूबा बेगम में भी खेतों पर बन रहे मकान
बगल के गांव सिमरा अजूबा बेगम में भी कई खेतों पर भूखंड की चौहद्दी को दिखाते हुए बोर्ड लगाए गए हैं। भूखंड बेचे जा रहे हैं। एक-एक करके मकान भी बन रहे हैं, लेकिन रोकने वाले सिर्फ दावे करने में व्यस्त हैं। गांव के दो लोगों ने बताया कि बीडीए की टीम यहां नहीं आई। इसीलिए लोग मनमाफिक निर्माण करा रहे हैं।
यह है जमीनी हकीकत
मैं एजाजनगर गौटिया का निवासी हूं। छह हजार रुपये वर्गगज की दर पर भूखंड खरीदकर मकान बनवाया। कुछ और मकान बनेंगे तो बिजली और सड़क की सुविधा मिलने की उम्मीद है। - नूर हसन, सैदपुर खजुरिया (उमरिया)
मैंने भी खेत पर एक छोटा सा मकान बनवाया है, लेकिन बिजली-पानी आदि सुविधाएं न होने की वजह से अभी रहना शुरू नहीं किया है। यही सोचता हूं कि आने वाले दिनों में सुविधाएं मिलेंगी। - बबलू, सैदपुर खजुरिया (उमरिया)
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अवैध निर्माण रोकने के लिए लगातार कार्रवाई हो रही है। अगर किसी गांव में अवैध तरीके से कोई निर्माण कर रहा है तो उस भी कार्रवाई होगी। - दीपक कुमार, संयुक्त सचिव, बीडीए
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स्थानीय बाशिंदों ने बताया कि मानचित्र स्वीकृत कराए बिना ही मकान बनाए जा रहे हैं। दो साल में बीस से अधिक मकान बने। किसी जिम्मेदार ने खुद से संज्ञान लेकर उनको रोकने की जहमत नहीं उठाई। शिकायतों पर भी खामोशी की चादर ओढ़े रहे। जहां भूखंड बेचे जा रहे हैं, वहां सड़क तक नहीं है। तीन हजार से छह हजार रुपये वर्गगज की दर से भूखंड बिक रहे हैं। खरीदारों ने बताया कि खेत मालिक कहते हैं कि जब बहुत सारे मकान बन जाएंगे तो बिजली लाइन खिंच जाएगी। सड़क भी बन जाएगी। इसी उम्मीद में बस गए हैं। ब्यूरो
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खेत मालिक को कार्रवाई का भय...बोला- मत बताओ हकीकत
पड़ताल के दौरान जब खरीदारों से पूछा गया कि बीडीए से ले-आऊट पास कराए बिना भूखंड खरीदकर मकान कैसे बनवा लिया तो उन्होंने खेत मालिक को मौके पर बुला लिया। खेत मालिक ने कहा कि मत बताओ हकीकत। अमर उजाला संवाददाता ने खेत मालिक से पूछा कि भूखंड क्यों बेचे? इस पर बोला- कुछ नहीं बताऊंगा।
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सिमरा अजूबा बेगम में भी खेतों पर बन रहे मकान
बगल के गांव सिमरा अजूबा बेगम में भी कई खेतों पर भूखंड की चौहद्दी को दिखाते हुए बोर्ड लगाए गए हैं। भूखंड बेचे जा रहे हैं। एक-एक करके मकान भी बन रहे हैं, लेकिन रोकने वाले सिर्फ दावे करने में व्यस्त हैं। गांव के दो लोगों ने बताया कि बीडीए की टीम यहां नहीं आई। इसीलिए लोग मनमाफिक निर्माण करा रहे हैं।
यह है जमीनी हकीकत
मैं एजाजनगर गौटिया का निवासी हूं। छह हजार रुपये वर्गगज की दर पर भूखंड खरीदकर मकान बनवाया। कुछ और मकान बनेंगे तो बिजली और सड़क की सुविधा मिलने की उम्मीद है। - नूर हसन, सैदपुर खजुरिया (उमरिया)
मैंने भी खेत पर एक छोटा सा मकान बनवाया है, लेकिन बिजली-पानी आदि सुविधाएं न होने की वजह से अभी रहना शुरू नहीं किया है। यही सोचता हूं कि आने वाले दिनों में सुविधाएं मिलेंगी। - बबलू, सैदपुर खजुरिया (उमरिया)
अवैध निर्माण रोकने के लिए लगातार कार्रवाई हो रही है। अगर किसी गांव में अवैध तरीके से कोई निर्माण कर रहा है तो उस भी कार्रवाई होगी। - दीपक कुमार, संयुक्त सचिव, बीडीए