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लॉकडाउन दरकिनार, सुबह चार बजे ही सज जाता है बाजार
सार
सुबह के चार बजने को हैं और सूरज निकलने में अभी काफी देर है लेकिन थाना बारादरी और श्यामगंज पुलिस चौकी के बीच श्यामगंज किराना बाजार में चहल-पहल शुरू हो गई है। कई दुकानों के चबूतरों पर उन लोगों का जमघट इकट्ठा हो चुका है, जो दरअसल किराना बाजार में मजदूरी करने पहुंचते हैं। ठेले-रिक्शे लेकर दूसरे मजदूरों के आने का क्रम भी शुरू हो चुका है। इसी बीच एक-एक करके गलियों में दुकानों और गोदामों के शटर उठने शुरू हो जाते हैं। कुछ ही देर में मुख्य मार्ग पर भी दुकानें खुलने लगती हैं। सवा चार बजे तक ज्यादातर दुकानें खुल चुका है और श्यामगंज बाजार पूरी तरह ग्राहकों के लिए तैयार हो चुका है। यह नजारा उस लॉकडाउन के बीच का है जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषित करते वक्त देश की जनता से अपील की थी कि इसे कर्फ्यू माना जाए। अमर उजाला की टीम की आंखों के सामने चार बजे बाजार खुलने के बाद दिखाई दिए नजारे और ज्यादा दिल हिलाने वाले थे। पेश है रिपोर्ट-
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बरेली में श्यामगंज मंडी दो घंटे के लिए सुबह से गुलजार हो जाती है।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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विस्तार
पुलिस की मौजूदगी के बाद भी थोक मंडियों में भी उमड़ रही फुटकर खरीदारों की भीड़
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बरेली। लोगों को राशन जैसी जरूरी चीजों की किल्लत न झेलनी पड़े, इसके लिए जिला प्रशासन ने तय किया था कि किराना और सब्जी की दुकानें सुबह सात से 11 बजे तक खुलेंगी लेकिन इन चार घंटों में भी लोगों के बीच दूरी रखने का कड़ाई से इंतजाम किया जाएगा लेकिन कारोबारी कमाई के लिए बाजार खुलने के तीन अतिरिक्त घंटों में लॉकडाउन के सारे नियम-कायदे टूट गए। दुकानें खुलते ही पूरे बाजार में ऐसी भीड़ टूटी कि कोरोना की दहशत पनाह मांगती दिखाई दी।
अमर उजाला की टीम बृहस्पतिवार को जब श्यामगंज बाजार पहुंची, तब सुबह के चार बज रहे थे। इस दौरान एक-एक कर दुकानों के शटर खुलने लगे थे। गलियों की दुकानों-गोदामों से लेकर मुख्य मार्ग की दुकानें खुलने तक उन पर काम करने वाले मजदूर रास्तों पर निगरानी की जिम्मेदारी निभाते हुए भी दिखे। कुछ देर बाद गुड़ मंडी की भी दुकानें खुल गईं और फिर श्यामगंज पुल के नीचे भी बाजार सज गया। बमुश्किल 20 मिनट के अंदर श्यामगंज का पूरा किराना बाजार खुल चुका था। साढ़े चार बजे तक जनरल स्टोर, कन्फेक्शनरी और राशन-मसालों की दुकानों पर सैकड़ों लोगों की भीड़ दुकानों पर उमड़ पड़ी। इसी के साथ सामाजिक दूरी की भी धज्जियां उड़ने लगीं। संक्रमण फैलने के जिस खतरे से राज्य से लेकर केंद्र तक सरकार हिली हुई है, उसका मामूली ख्याल तक न दुकानदारों में दिखा न सामान खरीदने के लिए मारामारी में जुटी भीड़ में। पूरा नजारा काफी भयावह था। सामान खरीदने के लिए लोग एक-दूसरे से चिपककर धक्कामुक्की तक करने में नहीं झिझक रहे थे। साढ़े चार बजे से सात बजने तक श्यामगंज बाजार में यही नजारा रहा। थाना बारादरी और श्यामगंज पुलिस चौकी से घिरे इस बाजार में पुलिस कहीं ढूंढे भी नहीं मिली।
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अमर उजाला की टीम बृहस्पतिवार को जब श्यामगंज बाजार पहुंची, तब सुबह के चार बज रहे थे। इस दौरान एक-एक कर दुकानों के शटर खुलने लगे थे। गलियों की दुकानों-गोदामों से लेकर मुख्य मार्ग की दुकानें खुलने तक उन पर काम करने वाले मजदूर रास्तों पर निगरानी की जिम्मेदारी निभाते हुए भी दिखे। कुछ देर बाद गुड़ मंडी की भी दुकानें खुल गईं और फिर श्यामगंज पुल के नीचे भी बाजार सज गया। बमुश्किल 20 मिनट के अंदर श्यामगंज का पूरा किराना बाजार खुल चुका था। साढ़े चार बजे तक जनरल स्टोर, कन्फेक्शनरी और राशन-मसालों की दुकानों पर सैकड़ों लोगों की भीड़ दुकानों पर उमड़ पड़ी। इसी के साथ सामाजिक दूरी की भी धज्जियां उड़ने लगीं। संक्रमण फैलने के जिस खतरे से राज्य से लेकर केंद्र तक सरकार हिली हुई है, उसका मामूली ख्याल तक न दुकानदारों में दिखा न सामान खरीदने के लिए मारामारी में जुटी भीड़ में। पूरा नजारा काफी भयावह था। सामान खरीदने के लिए लोग एक-दूसरे से चिपककर धक्कामुक्की तक करने में नहीं झिझक रहे थे। साढ़े चार बजे से सात बजने तक श्यामगंज बाजार में यही नजारा रहा। थाना बारादरी और श्यामगंज पुलिस चौकी से घिरे इस बाजार में पुलिस कहीं ढूंढे भी नहीं मिली।
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दुकानदारों की भभकी, जो सामान चाहिए अभी खरीद लो, क्या पता सील हो जाए पूरा शहर
एक दिन पहले ही बुधवार दोपहर पूरा जिला सील होने की अफवाह फैलने के बाद बाजारों में लूट मच गई थी। हालांकि बाद में यह साफ हो गया कि यह महज अफवाह थी लेकिन बृहस्पतिवार को भी श्यामगंज बाजार में दुकानदार इस अफवाह से लोगों को डराकर ज्यादा से ज्यादा सामान खरीद लेने के लिए उकसाते दिखे। किसी को अगर कोई वैराइटी पसंद नहीं आ रही थी तो उसे भी धमका रहे थे कि लेना है तो यही ले लो वर्ना बाद में यह भी नहीं मिलेगा।
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